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इकिनोकॉकस एंटीबॉडी टेस्ट क्या है?

इकिनोकॉकस एंटीबॉडी टेस्ट इकिनोकॉकस या टेपवॉर्म द्वारा फैलाए गए संक्रमण के विरोध में शरीर के इम्यून सिस्टम द्वारा स्त्रावित आईजीजी एंटीबॉडीज की जांच करता है।

ट्रॉपिकल भागों में इकिनोकॉकस संक्रमण सबसे सामान्य परजीवी संक्रमण है। कुत्ते, भेड़, गाय, सूअर और बकरी जैसे जानवरों के शरीरी में इस जीव के लार्वा के पाए जाते हैं। मल के साथ ये जानवर इन्हें मिट्टी में छोड़ देते हैं।

होस्ट एनिमल के अनुसार, इकिनोकॉकस के दो मुख्य प्रकार होते हैं, जो कि मनुष्यों को प्रभावित करते हैं -

  • इकिनोकॉकस ग्रेन्युलोसस - इससे सिस्टिक इकिनोकॉकस होता है। कुत्ते इसके मुख्य होस्ट (जिनमें यह वह जीव प्रजनन कर पाता है) होते हैं। लार्वा फेफड़ों और लिवर में बढ़ता है।
  • इकिनोकॉकस मल्टीलोक्यूलेरिस - एल्वेओलर इकिनोकॉकस। इसमें लोमड़ी होस्ट होती है। यह रोग बहुत ही दुर्लभ है लेकिन गंभीर है और प्राण घातक भी हो सकता है।

यह लार्वा मानव शरीर में संक्रमित भोजन या पानी द्वारा जाता है और जलस्फोट गांठों की तरह भिन्न अंगों जैसे मस्तिष्क, लिवर और फेफड़ों में रहता है। जलस्फोट गांठें जटिल संरचनाएं होती हैं, जिनमें मादा लार्वा को रखते हैं और सिस्ट के चारों तरफ एक द्रव होता है। सिस्ट में इकिनोकॉकस एंटीजन होते हैं। इकिनोकॉकस एंटीजन पैरासाइट का वह भाग होते हैं जो कि इम्यून प्रतिक्रिया को उत्तेजित करते हैं। इनमें आईजीजी, आईजीएम और आईजीई शामिल हैं। इनमें से आईजीजी इकिनोकॉकस संक्रमण का सबसे सटीक परीक्षण करने में मदद करते हैं और इसीलिए इकिनोकॉकस एंटीबॉडी टेस्ट में केवल आईजीजी एंटीबॉडी की ही जांच की जाती है।

इकिनोकॉकस एंटीबॉडी टेस्ट एक इम्यूनोलॉजिकल स्टडी है, जिसमें एक एंटीजन-एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को भिन्न तरह के एंजाइम या रसायनों के साथ जांचा जाता है। इन एंटीजन को टेस्ट किट में मौजूद भिन्न रसायनों के साथ मिलाया जाता है। यदि सैंपल में एंटीबॉडीज मौजूद होते हैं, तो वे टेस्ट किट में मौजूद एंटीजन के साथ प्रतिक्रिया करके फ्लोरोसेंस या भिन्न रंग बदल लेते हैं। एंजाइम-लिंक्ड इम्यूनोसॉरबेन्ट ऐसे (एलिसा) टेस्ट इसी नियम पर आधारित है और मुख्य रूप से रक्त में इकिनोकॉकस एंटीबॉडीज की जांच करने के लिए किया जाता है। इकिनोकॉकस एंटीबॉडीज की जांच करने के लिए कई सारे भिन्न मेथड हैं, जैसे लेटेक्स एग्गलूटीनेशन, इनडायरेक्ट हीमेग्ल्यूटीनेशन, रेडियोएल्लेर्जोसोरबेन्ट टेस्ट और इलेक्ट्रोफोरेसिस।

  1. इकिनोकॉकस एंटीबॉडी टेस्ट क्यों किया जाता है - Echinococcus antibody, IgG Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. इकिनोकॉकस एंटीबॉडी टेस्ट से पहले - Echinococcus antibody, IgG Test Se Pahle
  3. इकिनोकॉकस एंटीबॉडी टेस्ट के दौरान - Echinococcus antibody, IgG Test Ke Dauran
  4. इकिनोकॉकस एंटीबॉडी टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं - Echinococcus antibody, IgG Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

डॉक्टर इकिनोकॉकस एंटीबॉडी टेस्ट की सलाह इमेजिंग टेस्ट जैसे अल्ट्रासोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एक्स रे और लिवर फंक्शन टेस्ट के साथ देते हैं, ऐसा जलस्फोट रोगों के परीक्षण करने के लिए करते हैं। यह टेस्ट रोग के परीक्षण के बाद इसके ट्रीटमेंट में भी मदद करता है।

शरीर में इकिनोकॉकस एंटीजन के मौजूद होने के निम्न लक्षण दिखाई देते हैं -

इकिनोकॉकस एंटीबॉडी टेस्ट के लिए किसी भी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं है।

डॉक्टर आपकी बांह की नस में सुई लगाकर रक्त के सैंपल ले लेंगे, इसके बाद लिए गए सैंपल को एक लाल ढक्कन की ट्यूब  में डाल दिया जाएगा। सैंपल को जल्द से जल्द लैब में टेस्टिंग के लिए भेज दिया जाएगा।

टेस्ट की रिपोर्ट एक से पांच दिनों में आ सकती है। टेस्ट के बाद छोटी-छोटी परेशानियां हो सकती हैं जैसे रक्त ली गई जगह पर अत्यधिक रक्त बहना, त्वचा के नीचे रक्त का जमना (हीमेटोमा) या फिर नील पड़ना आदि। कुछ लोगों को टेस्ट के बाद चक्कर आ सकते हैं या फिर बेहोशी जैसा महसूस हो सकता है। हालांकि, इनमें से कुछ लक्षण अस्थायी हो सकते हैं और अपने आप चले जाते हैं। यदि सुई लगी जगह पर आपको कोई संक्रमण दिखाई देता या फिर दर्द व बेचैनी होती है, तो इसके बारे में तुरंत डॉक्टर को बताएं।

इस टेस्ट के परिणाम इंडेक्स वैल्यू में लिखे जाते हैं।

सामान्य परिणाम -

  • 0.000 और 0.890 IV इंडेक्स वैल्यू के बीच की इंडेक्स वैल्यू का मतलब है कि इकिनोकॉकस के परिणाम नेगेटिव हैं। दूसरे शब्दों में आपको कोई भी हाइडेटिड रोग नहीं है और ना ही कोई इकिनोकॉकस संक्रमण हुआ है।

असामान्य परिणाम -

  • 0.900-1.109 IV का मतलब है कि आपके शरीर में आईजीजी इकिनोकॉकस मौजूद हैं। इस मामले में यह प्रक्रिया दो हफ्ते में दोहराई जाती है।

  • 1.210 IV और इससे अधिक का मतलब है कि इकिनोकॉकस आईजीजी एंटीबॉडी टेस्ट पॉजिटिव है। ऐसा पूर्व में हुए संक्रमण या फिर एक सक्रिय संक्रमण के कारण हो सकता है।

असामान्य परिणाम इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में हाइडेटेड सिस्ट मौजूद हैं (विशेषकर लिवर और फेफड़ों में)।

यदि इकिनोकॉकस एंटीबॉडी टेस्ट एलिसा टेस्ट के साथ किया जाता है, तो इसके परिणाम गलत तरह से पॉजिटिव आ सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अन्य परजीवी रोग जैसे सिस्टिकसेरोसिस एलिसा टेस्ट किट में मौजूद इकिनोकॉकस एंटीजन के साथ विपरीत रूप से प्रतिक्रिया करते हैं।

सिस्टिकसेरोसिस मनुष्यों में होने वाला एक परजीवी संक्रमण है, जो कि टेपवॉर्म जिसे टीनिया सोलियम कहा जाता है। इससे मानव शरीर में दौरे और मिर्गी की शिकायत हो सकती है। यह सूक्ष्मजीव मानव शरीर में संक्रमित भोजन या पानी द्वारा जाते हैं। इसलिए आपके डॉक्टर इस परीक्षण की पुष्टि के लिए अन्य टेस्ट करने के लिए कह सकते हैं।

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