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गामा जीटी (जीजीटीपी) टेस्ट क्या है?

गामा जीटी (जीजीटीपी) टेस्ट रक्त में मौजूद गामा ग्लूटामिल ट्रांसफरेज (जीजीटी) या गामा-ग्लूटामिल ट्रांस्पेप्टिडेज (जीजीटीपी) एंजाइम की मात्रा का पता लगाने के लिए किया जाता है। 

जीजीटी कई अंगों में पाया जाता है लेकिन इस एंजाइम का सबसे अधिक जमाव लिवर की कोशिकाओं में होता है। जीजीटीपी टेस्ट लिवर डैमेज और पित्ताशय में हुई समस्याओं का पता लगाता है। इस टेस्ट की मदद से लिवर और हड्डियों की बीमारी में अंतर किया जा सकता है।

लिवर को शरीर का फिल्टर कहा जाता है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालता है और मेटाबोलिज्म व पोषक तत्वों के स्तर को नियंत्रित करता है। लिवर की कोशिकाओं में किसी भी प्रकार की सूजन या क्षति होने से जीजीटी एंजाइम लिवर की कोशिकाओं से लीक हो सकता है और इससे रक्त में इस एंजाइम का जमाव अधिक हो जाता है। जीजीटी के बढ़ा हुआ स्तर लिवर रोग होने का संकेत दे सकता है जो कि हेपेटाइटिस, फैटी लिवर डिजीज या अन्य कारणों से हो जाती हैं।

लिवर एंजाइम टेस्ट पित्त नलिकाओं संबंधी समस्याओं का पता लगाने वाला काफी सेंसिटिव टेस्ट होता है, मतलब यह टेस्ट काफी बारीकी से जांच करता है। हालांकि, लिवर डिजीज या लिवर संबंधी अन्य समस्याओं के कारणों का पता लगाने के लिए इतना अच्छा साबित नहीं हो पाता। इस टेस्ट को नियमित या रूटीन टेस्ट की तरह प्रयोग करने को नहीं कहा जाता। 

इसे गामा जीटी, जीजीटीपी, जीजीटी और गामा ग्लूटामिल ट्रांस्पेप्टिडेज टेस्ट के नाम से भी जाना जाता है।

  1. गामा जीटी (जीजीटीपी) टेस्ट क्यों किया जाता है - Gamma GT (GGTP) Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. गामा जीटी (जीजीटीपी) टेस्ट से पहले - Gamma GT (GGTP) Test Se Pahle
  3. गामा जीटी (जीजीटीपी) टेस्ट के दौरान - Gamma GT (GGTP) Test Ke Dauran
  4. गामा जीटी (जीजीटीपी) टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - Gamma GT (GGTP) Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

गामा जीटी (जीजीटीपी) टेस्ट किसलिए किया जाता है?

इस टेस्ट को करवाने की सलाह आपको तब दी जा सकती है जब डॉक्टर को आपके शरीर में लिवर या पित्त नलिका से जुड़ी समस्या होने का संदेह होता है। यह टेस्ट लंबे समय से शराब की लत का पता लगाने के लिए भी किया जा सकता है।

यह कुछ अन्य टेस्टों के साथ भी किया जा सकता है जैसे एलेनिन एमिनोट्रांस्फरेज टेस्ट, एस्परटेट एमिनोट्रांसफरेज टेस्ट, एल्कलाइन फास्फेट लेवल टेस्ट और बिलीरुबिन टेस्ट। 

यदि कोई लिवर डिजीज होने का संदेह होता है तब भी इस टेस्ट को कराने के लिए कहा जा सकता है। लिवर रोग के सामान्य संकेत और लक्षण निम्न हैं:

  • बहुत ही कम भूख लगना
  • थकान
  • उल्टी और जी मिचलाना 
  • पेट में दर्द और सूजन होना 
  • पीलिया (आंखों के सफ़ेद भाग और त्वचा का रंग पीला पड़ना)
  • गहरे रंग का यूरिन आना
  • हल्के रंग का मल आना
  • त्वचा पर खुजली (प्रूरिटस)

गामा जीटी (जीजीटीपी) टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

जिस व्यक्ति का टेस्ट किया जा रहा है उसे कुछ विशेष दवाएं जिनसे रक्त में जीजीटी के स्तर प्रभावित हो सकते हैं उन्हें लेने से मना किया जा सकता है। जो दवाएं जीजीटी के स्तर को बढ़ा सकती हैं उनमें अल्कोहल, फेनीटोइन और फेनोबार्बिटल शामिल हैं, इनके अलावा गर्भनिरोधक गोलियां और कोलफिब्रेट भी जीजीटी के स्तर को कम कर सकती हैं। 

टेस्ट से आठ घंटे पहले तक व्यक्ति से भूखा (केवल पानी पिया जा सकता है) रहने के लिए कहा जा सकता है। यदि व्यक्ति अभी कोई दवा, हर्ब या सप्लीमेंट ले रहा है तो इनके बारे में डॉक्टर को बताया जाना चाहिए। साथ ही व्यक्ति को टेस्ट से पहले शराब ना पीने और कुछ विशेष प्रकार की दवाएं लेने से भी मना किया जा सकता है।

गामा जीटी (जीजीटीपी) टेस्ट क्यों किया जाता है?

इस टेस्ट के लिए डॉक्टर इंजेक्शन लगाने से पहले आपकी बांह को पहले अल्कोहल युक्त दवा से साफ करते हैं। इसके बाद नस में सुई लगाकर सैंपल ले लिया जाता है। बाद में, लिए गए सैंपल को आगे के परीक्षण के लिए लैब में भेज दिया जाएगा।

गामा जीटी (जीजीटीपी) टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

व्यक्ति की उम्र, लिंग, पिछले स्वास्थ्य संबंधी स्थिति और टेस्ट करने के तरीकों के अनुसार टेस्ट के रिजल्ट अलग-अलग आ सकते हैं। टेस्ट के रिजल्ट का मतलब जानने के लिए डॉक्टर से बात करें।

जीजीटी टेस्ट लिवर डैमेज का पता लगाने में मदद कर सकता है लेकिन ये डैमेज का सही कारण नहीं बता सकता। जीजीटी के बढ़े हुए स्तर का कारण जानने के लिए व्यक्ति को अन्य टेस्ट करवाने होंगे। 

रिजल्ट इंटरनेशनल यूनिट प्रति लीटर (IU/L) के अनुसार दिए जाते हैं।

सामान्य परिणाम:
सामान्य परिणाम किसी भी प्रकार के लिवर डैमेज और अल्कोहल के प्रयोग की तरफ इशारा नहीं करते।

व्यस्कों के लिए सामान्य रेंज 0 to 30 IU/L होती है।

बच्चों और व्यस्कों में इसकी सामान्य रेंज एक ही होती है। हालांकि, नवजात शिशुओं में ये रेंज 6 से 7 गुना अधिक होती है। 

असामान्य परिणाम:
जीजीटी के असामान्य परिणाम के निम्न कारण हो सकते हैं:

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References

  1. University of Rochester Medical Center [Internet]. Rochester (NY): University of Rochester Medical Center; Gamma-Glutamyl Transpeptidase
  2. Australian Bureau of Statistics. [Internet]. Australian Government. Gamma Glutamyl Transferase (GGT)
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  5. Adams D. H. Sleisenger and Fordtran's Gastrointestinal and Liver Disease- 2 Volume Set Gut, 56(8), 1175, 2007, eBook ISBN: 9781455708604
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  7. Johns Hopkins Medicine [Internet]. The Johns Hopkins University, The Johns Hopkins Hospital, and Johns Hopkins Health System; Liver function