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पैक्ड सेल वॉल्यूम टेस्ट (पीसीवी)  क्या है?

पैक्ड वॉल्यूम टेस्ट एक तरह का ब्लड टेस्ट है। हमारा खून लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स से बना होता है। कोशिकाएं और प्लेटलेट्स रक्त में मौजूद प्लाज्मा नाम के एक द्रव में पाए जाते हैं। लाल रक्त कोशिकाओं को एरिथ्रोसाइट्स के नाम से जाना जाता है, ये शरीर में बेहद जरूरी होती हैं। लाल रक्त कोशिकाओं में एक लाल रंग का पदार्थ होता है जिसे हीमोग्लोबिन कहते हैं यह पदार्थ शरीर के सभी भागों में ऑक्सीजन पहुंचाता है। पीसीवी टेस्ट रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं की मात्रा जानने के लिए किया जाता है। दूसरे शब्दों में, पीसीवी टेस्ट लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या का पता लगाता है। इस टेस्ट को हेमेटोक्रिट टेस्ट के नाम से भी जाना जाता है।

  1. पीसीवी टेस्ट क्यों किया जाता है - PCV Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. पीसीवी टेस्ट से पहले - PCV Test Se Pahle
  3. पीसीवी टेस्ट के दौरान - PCV Test Ke Dauran
  4. पीसीवी टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - PCV Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

पीसीवी टेस्ट क्यों किया जाता है?

पीसीवी टेस्ट रूटीन हेल्थ चेकअप की तरह भी किया जा सकता है। हालांकि यदि मरीज के शरीर में एनीमिया या पॉलीसिथिमिया वेरा जैसा लाल रक्त कोशिकाओं से संबंधित कोई विकार दिखाई दें, तो ऐसे में तुरंत यह टेस्ट किया जा सकता है।

एनीमिया से ग्रस्त व्यक्तियों में निम्न लक्षण देखे जा सकते हैं:

 पॉलीसिथिमिया वेरा होने पर निम्न लक्षण दिखाई देंगे:

पीसीवी टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

इस टेस्ट को करवाने के लिए विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, यदि अन्य ब्लड टेस्ट करने की जरुरत होगी तो डॉक्टर आपको इससे संबंधित बदलावों और तैयारियों के विषय में बता देंगे।

पीसीवी टेस्ट कैसे किया जाता है?

पीसीसवी टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल लेने की जरुरत होती है, जो कि निम्न से लिया जाता है:

  • डॉक्टर व्यक्ति की बांह में एक इलास्टिक बैंड बांध देते हैं जिससे रक्त का प्रवाह रुक जाता है। इससे बैंड के नीचे की नस साफ और बड़ी नजर आएगी जिससे आसानी से सुई लगा दी जाएगी।
  • इसके बाद जिस जगह सुई लगाई जानी है उस जगह को अल्कोहल युक्त दवा से साफ किया जाएगा। 
  • फिर नस में सुई लगाई जाती है। हो सकता है कि इसमें एक से ज्यादा सुई की जरूरत पड़ जाए। 
  • सुई से एक ट्यूब जोड़ी जाती है जिसमें ब्लड सैंपल लिया जाता है, एक बार जब पर्याप्त ब्लड सैंपल मिल जाते हैं तो बांह से बैंड हटा दिया जाता है।
  • सुई लगी जगह पर रुई लगाई जाती है और उस पर हल्का सा दबाव लगाकर तुरंत ही बैंडेज लगा दी जाती है ताकि संक्रमण न हो। 

बैंड के लगने से बांह में हल्का सा कसाव महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को सुई लगने से बिलकुल भी दर्द नहीं होता वहीं कुछ लोगों को एक तेज डंक या चुभने जैसा महसूस हो सकता है। 

इस टेस्ट से जुड़े कुछ खतरे निम्न हैं:

  • ब्लड सैंपल लेने में कठिनाई
  • जिस जगह से खून लिया गया है वहां अत्यधिक और अतिरिक्त रक्त स्त्राव
  • बेहोश होना
  • हीमेटोमा (त्वचा में खून जमना)
  • सुई लगी जगह पर संक्रमण 

हालांकि, सही पूर्वापायों का प्रयोग कर के इन खतरों से आसानी से बचा जा सकता है। 

पीसीवी टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

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References

  1. American Society of Hematology. [Internet] U.S Blood Basics
  2. Lab tests Online. [Internet] American Association of Clinical Chemistry, U.S. Hematocrit
  3. National Heart, Lung, and Blood Institute [Internet]: U.S. Department of Health and Human Services; Blood Tests
  4. National Heart, Lung, and Blood Institute [Internet]: U.S. Department of Health and Human Services; Anemia
  5. Michigan Medicine. [Internet] University of Michigan Hemoglobin Electrophoresis
  6. Healthdirect Australia. Blood tests A-Z. Australian government: Department of Health
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