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पैराथायराइड हार्मोन (पीटीएच) टेस्ट क्या है?

पीटीएच टेस्ट गर्दन में पीटीएच की मात्रा की जांच करने के लिए किया जाता है। पीटीएच एक प्रोटीन है जो कि गर्दन में मौजूद चार पैराथायराइड ग्रंथियों द्वारा बनाया जाता है। यह हार्मोन रक्त में संचारित होता है और रक्त में कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कैल्शियम से किडनी, हृदय, तंत्रिका तंत्र और हड्डियों को ठीक प्रकार से कार्य करने में मदद मिलती है। 

जब शरीर में कैल्शियम का स्तर कम होता है तो इसके स्तर को रक्त में बढ़ाने के लिए पैराथायराइड ग्रंथियों द्वारा पीटीएच स्त्रावित किया जाता है। यदि शरीर में कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है तो पैराथायराइड ग्रंथियां पीटीएच बनाना बंद कर देती है। इसीलिए पीटीएच के स्तर शरीर में कैल्शियम के असामान्य स्तर का कारण पता लगाने में मदद करते हैं।

इस टेस्ट के अन्य नाम हैं पैराथोर्मोन (पीटीएच), इंटेक्ट पीटीएच, पीटीएच इंटेक्ट मॉलिक्यूल, हाइपरपरथायरॉइडिस्म-पीटीएच ब्लड टेस्ट।

  1. पीटीएच टेस्ट क्यों किया जाता है - PTH Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. पीटीएच टेस्ट से पहले - PTH Test Se Pahle
  3. पीटीएच टेस्ट के दौरान - PTH Test Ke Dauran
  4. पीटीएच टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - PTH Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

पीटीएच टेस्ट किसलिए किया जाता है?

डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह तब देते हैं जब ब्लड टेस्ट के परिणामों में कैल्शियम का स्तर कम या अधिक आता है। अगर मरीज में कैल्शियम के असामान्य स्तर होने के संकेत दिखाई देते हैं तो भी इस टेस्ट को करवाने के लिए कहा जाता है। पीटीएच के स्तर की जांच करने से डॉक्टर को कैल्शियम के असामान्य स्तर का कारण पता लगाने में मदद मिलती है। लो कैल्शियम (हाइपोकैल्सीमिया) लेवल के संकेत और लक्षण निम्न हैं:

  • मूड स्विंग्स या डिप्रेशन 
  • मसल सीजर (मांसपेशियों के एक समूह का इकट्ठा होना और हिलना) और मांसपेशियों में ऐंठन 
  • अनियमित हृदय की धड़कन 
  • सुन्न पड़ना और झुनझुनी होना 

हाइपरकैल्सीमिया के संकेत और लक्षण निम्न हैं:

यदि किसी व्यक्ति के शरीर में फास्फोरस का स्तर कम है, गंभीर ऑस्टियोपोरोसिस है या कोई किडनी रोग है तो भी यह टेस्ट करने के लिए कहा जा सकता है।

पीटीएच टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

पीटीएच के स्तर सोते समय बढ़ते हैं और मिड-मॉर्निंग (सूर्योदय से दिन के 12 बजे तक का समय) व दिन में कम होते हैं। इसीलिए व्यक्ति को डॉक्टर से पूछ लेना चाहिए कि उसे भूखे रहने की जरूरत है या नहीं। मौसमी बदलावों के कारण भी कैल्शियम के स्तर कम या ज्यादा हो सकते हैं। ब्लड सैंपल मिड-मॉर्निंग या दोपहर में लिए जाते हैं। जिस समय पर सैंपल लिए गए उसके बारे में डॉक्टर को बता देना चाहिए।

पीटीएच टेस्ट कैसे किया जाता है?

बांह की नस में सुई लगाकर ब्लड सैंपल ले लिए जाते हैं। 

ब्लड टेस्ट से जुड़े रिस्क में ब्लीडिंग, चक्कर आना, नील पड़ना और संक्रमण शामिल हैं। ये खतरे या रिस्क तब हो सकते हैं जब ब्लड लेने वाली सुई से बांह पर चुभन होती है। कुछ लोगों को सुई लगी जगह पर दर्द या चुभन भी महसूस हो सकती है।

पीटीएच टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है?

टेस्ट के परिणाम हर लैब के अनुसार और टेस्ट के लिए प्रयुक्त तरीकों के अनुसार अलग आ सकते हैं। व्यक्ति को परिणामों की सही जानकारी के लिए डॉक्टर से बातचीत करनी चाहिए। 

सामान्य परिणाम:
यदि पीटीएच की रेंज 10-55 पिकोग्राम प्रति मिलीलीटर (pg/mL) तक है, तो रिजल्ट सामान्य माना जाता है।

असामान्य परिणाम:
पीटीएच के सामान्य परिणाम से कम स्तर निम्न की तरफ संकेत कर सकते हैं:

  • स्व-प्रतिरक्षित रोग के कारण पैराथायराइड ग्रंथि क्षतिग्रस्त होना
  • ट्यूबरकुलोसिस और सारकॉइडोसिस 
  • खून में मैग्नीशियम का कम स्तर 
  • विटामिन डी की अधिक मात्रा लेना 
  • थायराइड सर्जरी के दौरान गलती से पैराथायरॉइड ग्रंथि का निकाला जाना 
  • पैराथायराइड ग्रंथि द्वारा पीटीएच न बना पाना 
  • कोलन, स्तन और फेफड़ों जैसे अंगों से शुरू हुआ कैंसर हड्डियों तक फैल जाना
  • पैराथायराइड ग्रंथि पर रेडिएशन का प्रभाव पड़ना
  • अत्यधिक सोडियम बाइकार्बोनेट, कुछ विशेष एंटासिड और कैल्शियम सप्लीमेंट 

पीटीएच के सामान्य परिणाम से अधिक स्तर निम्न की तरफ संकेत कर सकते हैं:

  • स्यूडो-हाइपो-पैराथायराइडिस्म (शरीर का पीटीएच की तरफ प्रतिक्रिया न कर पाना)
  • आंत से कैल्शियम पूरी तरह अवशोषित ना हो पाना, अपर्याप्त कैल्शियम लेना या यूरिन द्वारा कैल्शियम का शरीर से निकल जाना जिससे कि शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है
  • पैराथायराइड ग्रंथि में सूजन 
  • स्तनपान या गर्भावस्था (दुर्लभ मामलों में)
  • ऐसे विकार जिनके कारण रक्त में फास्फोरस या फॉस्फेट के स्तर बढ़ रहे हो, जैसे क्रोनिक किडनी डिजीज 
  • एडीनोमास (पैराथायराइड ग्रंथि में ट्यूमर)
  • सूरज के संपर्क में कम आने से विटामिन डी के विकार होना, जिससे शरीर को विटामिन डी का अवशोषण करने, प्रयोग करने और तोड़ने संबंधित समस्याएं होने लगती हैं।
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References

  1. University of Rochester Medical Center. Parathyroid Hormone. Rochester, New York [internet].
  2. Penn State Health. Parathyroid hormone (PTH) blood test. Milton S. Hershey Medical Center; Pennsylvania
  3. Carl A. Burtis, David E. Bruns. Tietz Fundamentals of Clinical Chemistry and Molecular Diagnostics - E-Book. Elsevier Health Sciences, 2014
  4. American Association for Clinical Chemistry. Contemporary Practice in Clinical Chemistry. Washington, D.C, United States
  5. Richard A. McPherson, Matthew R. Pincus. Henry's Clinical Diagnosis and Management by Laboratory Methods E-Book. Elsevier Health Sciences, 2017. [internet].