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रीनल/किडनी स्कैन क्या है?

रीनल स्कैन को किडनी स्कैन और रीनल सिंटिग्राफी भी कहा जाता है। यह न्यूक्लियर इमेजिंग टेस्ट का ही एक प्रकार है, जो किडनी का आकार, माप और उसके कार्य की जांच करने के लिए किया जाता है। यह किडनी में रक्त प्रवाह की भी जांच करता है। इस तकनीक में थोड़ी मात्रा में रेडियोएक्टिव पदार्थ का प्रयोग भी किया जाता है, जिसे रेडियोएक्टिव ट्रेसर भी कहा जाता है। यह पदार्थ किडनी के ऊतकों द्वारा सोख लिया जाता है और जिसके बाद यह गामा किरणें छोड़ता है। ये किरणों स्कैनर मशीन में अलग से दिखती हैं, जिससे किडनी की तस्वीर बनती है।

किडनी में कुछ ऊतक ट्रेसर को अधिक मात्रा में तो दूसरे कम मात्रा में सोख लेते हैं। जिन ऊतकों ने अधिक मात्रा सोखी होती है वे और अधिक चमकदार होते हैं और उन्हें हॉट स्पॉट्स कहा जाता है, वहीं जो ऊतक कम मात्रा सोखते हैं, वे इतने चमकदार नहीं होते हैं उन्हें कोल्ड स्पॉट्स कहा जाता है।

  1. रीनल/किडनी स्कैन किसलिए किया जाता है - Renal/Kidney Scan Kisliye Kiya Jata Hai
  2. रीनल/किडनी स्कैन से पहले - Renal /Kidney Scan Se Pahle
  3. रीनल/किडनी स्कैन के दौरान - Renal/Kidney Scan Ke Dauran
  4. रीनल/किडनी स्कैन के परिणाम का क्या मतलब है - Renal/ Kidney Scan Ke Parinaam Ka Kya Matlab Hai

रीनल/किडनी स्कैन क्यों किया है?

किडनी स्कैन उन लोगों का किया जाता है जिनकी किडनी सामान्य रूप से काम नहीं कर पा रही है या जिन्हें किडनी की किसी समस्या के कारण सर्जरी की जरूरत होती है। यह निम्न स्थितियों का पता लगाने व परीक्षण करने के लिए किया जाता है।

यह टेस्ट उन लोगों के लिए लाभदायक है, जिन्हें दूसरी इमेजिंग तकनीकों में इस्तेमाल की जाने वाली कॉन्ट्रास्ट डाई से एलर्जी होती है।

रीनल/किडनी स्कैन की तैयारी कैसे करें? 

रीनल/किडनी स्कैन के लिए भूखे रहने या फिर किसी अन्य विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती। इस टेस्ट में बेहोश करने जैसी दवाएं भी नहीं दी जाती हैं। हालांकि इसमें अधिक पानी पीने की सलाह दी जा सकती है। टेस्ट शुरू करने से पहले डॉक्टर पेशाब करके अपने ब्लैडर को अच्छे से खाली करने के लिए कहते हैं। किसी भी प्रकार की जटिलता होने से बचाव करने के लिए टेस्ट से पहले डॉक्टर को निम्न स्थतियों के बारे में बता देना चाहिए:

  • गर्भवती होना या गर्भवती होने का संदेह होना: जैसा कि इस टेस्ट में रेडिएशन का प्रयोग किया जाता है, जो भ्रूण के लिए घातक हो सकता है।
  • दवा, कंट्रास्ट डाई, आयोडीन या लेटेक्स से एलर्जी: यदि आपको इनमें से किसी से भी एलर्जी हो तो उस के बारे में डॉक्टर को बता दें। 
  • कुछ प्रकाक की दवाएं: विशेष रूप एंटी-हाइपरटेंसिव मेडिसिन, टेस्ट के परिणाम पर प्रभाव डाल सकती है।

रीनल/किडनी स्कैन कैसे किया जाता है?

रीनल/ किडनी स्कैन के लिए या तो मरीज को अस्पताल में भर्ती किया जा सकता है या फिर बिना भर्ती किए भी टेस्ट किया जा सकता है।

किडनी स्कैन की प्रक्रिया निम्न है:

  • टेस्ट के लिए मरीज को अस्पताल में एक विशेष प्रकार की ड्रैस पहनने के लिए दी जाती है और यदि कोई भी आभूषण पहना है तो उसे उतारने के लिए भी कहा जा सकता है।
  • रेडियोएक्टिव पदार्थ को हाथ की नस में इंजेक्शन से डाला जाता है। कुछ लोगों को सुई से हल्का दर्द व चुभन महसूस हो सकती है।
  • उसके बाद व्यक्ति को टेबल पर सीधा लिटाया जाता है और अगले तीस मिनट में किडनी की इमेज ली जाती हैं। पूरी प्रक्रिया को करने में चालीस मिनट का समय लगता है। डॉक्टर टेस्ट के बाद नसों से सुई व इंट्रावेनस लाइन हटा देते हैं।

किडनी स्कैन के लिए प्रयोग किए गए रेडियोआइसोटोप के कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं होते और ना ही इससे किसी प्रकार की तकलीफ होती है। इस दौरान कुछ भी अलग महसूस नहीं होता है, हालांकि मुंह का स्वाद बिगड़ (मेटल जैसा स्वाद महसूस होना) सकता है।

स्कैन के दौरान कुछ लोगों के लिए डॉक्टर डाइयुरेटिक्स की सलाह दे सकते हैं। इससे प्रक्रिया में  समय बढ़ कर साठ मिनट हो जाता है। स्कैन के दौरान डाइयुरेटिक सिर्फ आधे समय तक देकर रोक दिया जाता है और इमेजिंग स्कैन जारी रहता है। टेस्ट होने के बाद ही पेशाब करके अपना ब्लैडर खाली करने को कहा जाता है और फिर उसके बाद एक अतिरिक्त इमेज भी ले ली जाती है।

वैसे ये टेस्ट बिल्कुल सुरक्षित है, रेडियोएक्टिव पदार्थ  रेडिएशन की कुछ मात्रा पैदा करता है जिसे शरीर से निकलने में 24 घंटे का समय लगता है। इसीलिए गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करने वाली माताओं को सावधान रहने की सलाह दी जाती है।

कुछ लोगों को रेडियोआइसोटोप से एलर्जी होती है और यदि उनका ठीक समय पर इलाज न हो तो एनाफिलेक्सिस होने की संभावना हो सकती है, हालांकि ऐसी स्थतियां बहुत ही कम होती है।

रीनल/किडनी स्कैन के परिणाम क्या बताते हैं?

एक रेडियोलाजिस्ट स्कैन इमेज को देखकर उसके परिणाम का मतलब समझाता है और 24 घंटे के भीतर स्कैन की रिपोर्ट दे दी जाती है। 

स्कैन का असामान्य रिजल्ट निम्न अंदरुनी स्थितियों के कारण हो सकता है:

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References

  1. Cleveland Clinic. [Internet]. Cleveland, Ohio. Renal Scan
  2. University of Rochester Medical Center Rochester, NY. [Internet] Kidney Scan
  3. Penn State Health; Milton S. Hershey Medical Center; Pennsylvania, USA. Renal scan. [Internet]
  4. Cynthia C. Chernecky, Barbara J. Berger. Laboratory Tests and Diagnostic Procedures. Elsevier; Saunders, 1997
  5. Richard J. Johnson, John Feehally, Jurgen Floege. Comprehensive Clinical Nephrology . Elsevier; Published Date: 23rd August 2018
  6. Osama M. Sarhan. Posterior urethral valves: Impact of low birth weight and preterm delivery on the final renal outcome . Arab J Urol. 2017 Jun; 15(2): 159–165. PMID: 29071146