myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

कफ (बलगम), सर्दी जुकाम, गले में खराश, खाँसी रोग बहुत परेशान करते हैं। पर इनसे परेशान होने की बजाय बाबा के कुछ असरदार घरेलू व आयुर्वेदिक उपचार अपनाएँ।​

  1. बच्चों को एक चम्मच च्यवनप्राश रोज़ खिलाएँ, बच्चों को कफ व खाँसी हो तो दिव्य श्वासारि प्रवाही पिलाएँ। (और पढ़ें – खांसी के लिए घरेलू उपचार)
  2. नियमित रूप से तुलसी के 2-3 पत्ते सुबह सुबह खाना, दूध में हल्दी मिलाकर पीना कफ के लिए बहुत अच्छा है। दूध में 1-2 बूँद शिलाजीत मिलाकर लेना भी कफ के लिए काफ़ी अच्छा है। (और पढ़ें – हल्दी दूध पीने के फायदे)
  3. 1-2 बूँद तुलसी के पत्तों के रस व अदरक के रस में शहद मिलाकर चटाएँ। जिनका गला खराब हो, वे मुलेठीकाली मिर्च व मिश्री को चूस लें।
  4. अगर बहुत क्रॉनिक कफ की समस्या है, तो 20 ग्राम त्रिकटु चूर्ण, 20-25 ग्राम सितोपलादि चूर्ण, 20 ग्राम श्वासारि रस, 5 ग्राम अभ्रक भस्म, 5 ग्राम प्रवाल पिष्टी, 20 ग्राम अमृता रस, 2-3 ग्राम स्वर्ण बसंतमालती को मिलाकर 1-1 ग्राम नाश्ते और शाम के खाने से एक घंटा पहले शहद के साथ चाटें, बहुत लाभ होगा। कफ की प्राब्लम हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। पर यह उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना ज़रूरी है।
  5. आयुर्वेद में प्रसिद्ध सोंठ, पिप्पली, काली मिर्च (त्रिकुटा) को 1-1 ग्राम लेकर पाउडर करके शहद के साथ चाटने से किसी भी तरह की कफ बलगाम की समस्या हल हो जाती है।
  6. नियमित रूप से भस्त्रिका, कपालभाती, उज्जाई, अनुलोम विलोम प्राणायाम करें, इससे कफ रोग में आराम मिलेगा। वास्तव में प्राणायाम करने वाले को तो कफ रोग कभी होगा ही नहीं।
  7. अंघूटे के नीचे पांइट को दबाएँ, इससे भी इस समस्या में काफी आराम मिलता है।
  8. इन बातों के अलावा जो लोग कफ से पीड़ित हैं, वह गर्म पानी पिया करें, चिकनी चीज़ें, घी, तेल के सेवन से बचें। (और पढ़ें – गर्म पानी पीने के फायदे)

इन उपचारों के बारे में और विस्तार से जानने के लिए नीचे दिया वीडियो अवश्य देखें -

(और पढ़ें - कफ निकालने के उपाय)

और पढ़ें ...