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बाजरा एक ऐसी फसल है जिसे पशु और मानव दोनों के लिए उगाया जाता है। इसकी खेती मुख्य रूप से विकासशील देशों में की जाती है। लेकिन यह सूखे प्रभावित क्षेत्र में उच्च तापमान में भी आसान से उगाया जाता है, इसलिए इसकी खेती कई देशों में की जाती है। दुनिया भर में उगाए जाने वाले बाजरा की कई प्रकार के किस्में होती हैं। सबसे सामान्य किस्म को पेन्नीसेतुम ग्लौकम (Pennisetum glaucum) कहा जाता है। बाजरा की खेती सबसे पहले अफ्रीका में हुई थी, लेकिन 10,000 सालों से इसकी खेती एशिया और मध्य पूर्व में की जा रही है। भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और पंजाब में होती है। भारत में इसे हर साल 8 मिलियन टन से अधिक उगाया जाता है।

  1. बाजरा के फायदे - Bajra ke fayde in hindi
  2. बाजरा के नुकसान - Bajra ke nuksan in hindi
बाजरा के फायदे और नुकसान के डॉक्टर

साबुत अनाज (होल ग्रेन) हमारे लिए सर्वोत्तम और समग्र खाद्य पदार्थों में से माने जाने लगे हैं। बाजरा पोषक तत्वों से भरपूर ऐसा ही एक साबुत अनाज है जो अपने कई स्वास्थ्य लाभों के लिए बहुत अधिक पसंद किया जाने लगा है। विटामिन बी और कई खनिजों से भरपूर होने के अलावा, बाजरे में एंटीऑक्सिडेंट भी होते हैं जैसे फाइटेट, फिनोल और टैनिन। ये फाइटोन्यूट्रिएंट बाजरे के पोषक गुणों को और भी बढ़ाते हैं। बाजरे के सेवन से मिलने वाले मुख्य स्वास्थ्य लाभ इस प्रकार हैं।

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बाजरा खाने के फायदे दिल को रखे सुरक्षित - Bajre ke gun for heart in hindi

यदि आप अपने दिल को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो बाजरा का सेवन करें क्योंकि बाजरा मैग्नीशियम का एक समृद्ध स्रोत है जो रक्तचाप और दिल के दौरे के खतरे को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज है खासकर धमनियाँ सख्त होने (atherosclerosis) के मामले में। बाजरा पोटेशियम का भी अच्छा स्रोत है जो अधिक रक्तचाप कम करने के लिए वाहिकाविस्फारक (vasodilator) के रूप में काम करता है। यह रक्तचाप को कम करता है और आपके रक्तवाहिका तंत्र को सुधारता है। यह आपके हृदय स्वास्थ्य की रक्षा करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। इसके अलावा बाजरा में प्लांट लिग्नांस पाया जाता है जो हमारे पाचन तंत्र में माइक्रोफ्लोरा (microflora) द्वारा एनिमल लिग्नांस में बदल जाता है। ये एनिमल लिग्नांस कुछ पुरानी बीमारियों जैसे कैंसर और हृदय रोग से बचाने में मदद करता है।

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बाजरा के लाभ कोलेस्ट्रॉल के लिए - Millet for high cholesterol in hindi

कोलेस्ट्रॉल हमारे हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होती है। बाजरा में फाइबर का मात्रा उच्च होती है जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। फाइबर वास्तव में शरीर से खतरनाक खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को समाप्त करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के प्रभाव को बढ़ाता है।

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बाजरे के आटे के फायदे मधुमेह में - Bajra flour for diabetics in hindi

मधुमेह दुनिया भर में लाखों लोगों में पाई जाने वाली एक आम बीमारी है। बाजरे में मैग्नीशियम पाया जाता है जो टाइप 2 मधुमेह को कम करने में मदद करता है। मैग्नीशियम एक ऐसा महत्वपूर्ण खनिज है जो शरीर में इंसुलिन और ग्लूकोज रिसेप्टर (receptor) की क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। एक अध्ययन में देखा गया है कि मैग्नीशियम युक्त आहार का सेवन नहीं करने करने वालों की तुलना में मैग्नीशियम युक्त आहार का सेवन करने वाले लोगों के मधुमेह में 30% कमी हुई।

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बाजरा के गुण बढ़ाए पाचन - Millet helps digestion in hindi

बाजरे में फाइबर पाया जाता है जो हमारी जठरांत्र प्रणाली को स्थानांतरित करने में मदद कर सकता है और कब्ज, अतिरिक्त गैस, पेट फूलना और ऐंठन जैसी समस्याओं को समाप्त करने में मदद करता है। पाचन प्रक्रिया को नियंत्रित रखने से शरीर में पोषक तत्वों को बनाए रखने में भी सुधार होता है । नियमित पाचन और शरीर से विषाक्त पदार्थों के निकलने से गुर्दे, जिगर और प्रतिरक्षा प्रणाली के स्वास्थ्य में सुधार होता है क्योंकि इन अंगों का शरीर की चयापचय गतिविधियों से काफी निकटता से संबंध है।

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बाजरे के गुण कैंसर के लिए - Millet good for cancer patients in hindi

हाल के अनुसंधान ने यह खुलासा किया है कि फाइबर का सेवन महिलाओं के स्तन कैंसर को होने से रोकने के सर्वोत्तम और सबसे आसान तरीकों में से एक है। महिलाओं का हर रोज 30 ग्राम फाइबर से अधिक सेवन करने से 50% से अधिक स्तन कैंसर की संभावना कम हो सकती है। इसलिए महिलाओं को बाजरा का सेवन करना चाहिए।

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बाजरे के फायदे दूर करे विषाक्त पदार्थों को - Bajre ke fayde for detoxification in hindi

बाजरे में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट कैंसर पैदा करने वाले फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को नष्ट करने के अलावा शरीर से, खास कर किडनी और लिवर से, अन्य विषाक्त पदार्थों को साफ करने में मदद करते हैं। बाजरे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट जैसे क्वेरसेटिन, करक्यूमिन, इलैजिक एसिड और कैटिंस होते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट उचित मलत्यागने और एंजाइमिक गतिविधि को नष्ट करने के मध्याम से इन अंगों को गंदगी और विषाक्त पदार्थों से मुक्त करने में मदद करते हैं।

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बाजरा का उपयोग अस्थमा में - Bajra khane ke fayde for asthma in hindi

अनुसंधान में देखा गया है कि जो लोग बचपन से अस्थमा से पीड़ित हैं उनके लिए बाजरा लाभदायक है और यह अस्थमा को विकसित होने से भी रोकता है। अनुसंधान में यह भी देखा गया है कि जो बच्चे बाजरा का अधिक सेवन करते थे उनमें घरघराहट और अस्थमा के हमले (15% से अधिक) कम हो गए थे। गेहूं की एलर्जी से अस्थमा और घरघराहट की परेशानी हो सकती है लेकिन बाजरे के साथ ऐसा नहीं है, इसके कोई नकारात्मक प्रभाव भी नहीं हैं।

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बाजरा खाने से लाभ करे वजन कम - Bajra for weight loss in hindi

बाजरे में ट्रिप्टोफैन होता है जो एक एमिनो एसिड है। यह भूख को कम करता है और इस प्रकार वजन को कम करने में मदद करता है। यह धीमी गति से पचता है जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है। बाजरे में अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है और इसे कम मात्रा में खाने से ही हमारा पेट भर जाता है जिससे हम ज्यासा खाने से बच जाते हैं। जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें अपने भोजन में मुख्य रूप से इसे शामिल करना चाहिए।

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बाजरा बेनिफिट्स फॉर स्लीप - Indian millet helps sleep in hindi

बाजरा में ट्रिप्टोफेन पाया जाता है जो शरीर में सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाता है। सेरोटोनिन तनाव को कम करने में मदद करता है। इसलिए हर रात बाजरा के दलिया का एक कप सेवन करने से शांतिपूर्ण नींद प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

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बाजरा के फायदे त्वचा पर - Benefit of millet for skin health in hindi

बाजरा में अमीनो एसिड पाया जाता है जिसे एल-लाइसिन और एल-प्रोलिन कहा जाता है। ये शरीर में कोलेजन निर्माण करने में मदद करते हैं जो त्वचा के ऊतकों को संरचना देते हैं। इस प्रकार बाजरा खाने से त्वचा का कोलेजन स्तर मजबूत होता है जिससे त्वचा के लचीलेपन में सुधार होता है और झुर्रियां कम होती हैं। 

बाजरा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तनाव से लड़ने और शरीर में फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को बेअसर करते हैं। यह त्वचा पर उम्र बढ़ने के संकेतों को रोकने में मदद करते हैँ। यह त्वचा की कोशिकाओं को फिर से जीवंत करके त्वचा के उचित स्वास्थ्य को बनाए रखते हैँ। बाजरी में उबिकीनोन (Ubiquinone) पाया जाता है जिसका उपयोग चेहरे पर झुर्रियों को कम करने के लिए सौंदर्य उत्पादों में भी किया जाता है।

बाजरे में सेलेनियम, विटामिन सी और विटामिन ई पाया जाता है जो सूरज से क्षति और त्वचा के कैंसर से त्वचा की रक्षा करते हैं। सूर्य की क्षति त्वचा को सुस्त और बेजान बनाती है। ये पोषक तत्व त्वचा की नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं जिससे त्वचा अधिक उज्ज्वल दिखाई देती है। यह सूर्य की क्षति के कारण मलिनकिरण और झुर्रियों को कम करने में भी मदद करते हैँ।

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बाजरे के उपयोग बालों के लिए - Millet benefits for hair in hindi

बाजरा प्रोटीन में समृद्ध होता है। बाल झड़ने से पीड़ित लोगों के लिए प्रोटीन अत्यधिक जरूरी पोषक तत्व है। स्वस्थ बालों के लिए प्रोटीन का पर्याप्त मात्रा में सेवन करने की आवश्यकता होती है। बालों की कोशिकाओं के भीतर पाया जाने वाला प्रोटीन केराटिन के रूप में जाना जाता है जो बालों के प्रत्येक किनारे की संरचना में मदद करता है। प्रोटीन की कमी बालों के झड़ने का कारण बन सकती है। बाजरा का पर्याप्त सेवन बाल को मजबूत करता है और झड़ने से रोकता है।

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बाजरा में मैग्नीशियम पाया जाता है जो सर में सूजन, एक्जिमा, छालरोग और रूसी के उपचार में मदद करता है। बाजरा का सेवन समय से पहले गंजेपन के इलाज के लिए भी फायदेमंद है। बाजरा का सेवन चयापचय सिंड्रोम में सुधार करने में मदद करता है और समय से पहले गंजेपन से बचाता है। 

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बाजरा के वैसे तो कोई ज्यादा हानिकारक प्रभाव नहीं हैं, फिर भी बाजरे को ठीक से पचाने और संसाधित करने में अत्यधिक समय लगता है जो हानिकारक हो सकता है।

बाजरा में गोइटेरोगेनिक (goiterogenic) पदार्थ की छोटी मात्रा होती है जो शरीर में आयोडीन अवशोषण को रोकती है जिससे घेंघा और अन्य थाइरोइड की समस्याएं होती हैं। भोजन में गोइटेरोगेनिक आमतौर पर खाना पकाने से कम होते हैं लेकिन बाजरा को पकाने या गर्म करने से गोइटेरोगेनिक का प्रभाव बढ़ जाता है। इसलिए हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित लोगों को बाजरे के सेवन के साथ सावधान रहना चाहिए।

Dt. Akanksha Mishra

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पोषणविद्‍
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Surbhi Singh

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Dr. Avtar Singh Kochar

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संदर्भ

  1. FoodData Central. United States Department of Agriculture. Washington D.C. USA; PEARL MILLET
  2. Food and Agriculture Organization of the United Nations, Rome, Italy. Annex I: Types of millet
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  4. Krishnan, Rateesh and Meera, MS. Pearl millet minerals: effect of processing on bioaccessibility. J Food Sci Technol. 2018 Sep; 55(9): 3362–3372. PMID: 30150794
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