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वर्षों से दुनियाभर में तमाम औषधियों का उपयोग कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए किया जाता रहा है। ऐसी ही एक दिव्य औषधि है- सेज। सेज का वैज्ञानिक नाम 'साल्विया ऑफिसिनैलिस' है। यह अजवायन, लेवेंडर और रोजमेरी की तरह ही मिंट समूह का पौधा है। कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों और यौगिकों से संपन्न इस औषधि का उपयोग ताजे और सूखे दोनों ही रूप में किया जाता है। सेज का तेल भी कई विकारों को दूर करने में काफी लाभकारी माना जाता है।

सेज के पौधे की पत्तियां भूरे-हरे रंग की होती हैं। दुनियाभर में सेज की 900 से अधिक प्रजातियां उपलब्ध हैं, जिनका तमाम आवश्यकताओं के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। सेज बहुत ही खुशबूदार भी होता है, यही कारण है कि इसका उपयोग बहुत ही थोड़ी मात्रा में किया जाता है।

सेज के लाभ को जानने के लिए दुनियाभर में हुए तमाम अध्ययनों में पाया गया कि इसमें मौजूद एंटी इंफ्लामेटरी और एंटीऑक्सिडेंट यौगिकों की श्रृंखला तमाम बीमारियों के इलाज में फायदेमंद है। इस लेख में हम आपको सेज के प्रयोग और उससे होने वाले फायदों के बारे में बताएंगे।

  1. पोषक तत्वों से भरपूर है सेज - Nutrition ka khajana hai Sage
  2. सेज से होने वाले स्वास्थ्य लाभ - Sage ke fayde
  3. मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद है सेज का सेवन - Diabetes patient ke liye upyogi hai Sage ka sevan
  4. मेनोपॉज के लक्षणों को ठीक करने में कारगर है सेज का सेवन - Menopause ke symptoms to theek karta hai Sage
  5. बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में कारगर है सेज का सेवन - Bad Cholesterol ko kam karta hai Sage
  6. अल्जाइमर सहित मस्तिष्क विकारों को ठीक कर सकता है सेज - Brain Health ko theek rakhta hai Sage
  7. सेज के साइड इफेक्ट्स - Sage ke side effects

सेज को पोषक तत्वों और विटामिन का खजाना माना जाता है। जैसा कि ऊपर बताया गया कि इसका सेवन चूंकि बहुत कम मात्रा में किया जाता है इसलिए इससे बहुत अधिक कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन या फाइबर प्राप्त नहीं होता है। 

एक चम्मच (0.7 ग्राम) सेज के सेवन से निम्नलिखित लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। 

  • कैलोरी : 2
  • प्रोटीन : 0.1 ग्राम
  • कार्ब : 0.4 ग्राम
  • फैट : 0.1 ग्राम
  • विटामिन के : दैनिक आवश्यकताओं का 10 फीसद
  • आयरन : दैनिक आवश्यकताओं का 1.1 फीसद
  • विटामिन बी6: दैनिक आवश्यकताओं का 1.1 फीसद
  • कैल्शियम : दैनिक आवश्यकताओं का 1 फीसद
  • मैंगनीज : दैनिक आवश्यकताओं का 1 फीसद

यहां आप देख सकते हैं कि सेज की इतनी कम मात्रा से आपको दैनिक आवश्कताओं का 10 फीसदी विटामिन सी प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा सेज में मैग्नीशियम, जिंक, कॉपर के साथ विटामिन ए, सी और ई भी मौजूद होता है। सेज के सेवन से कैफिक एसिड, क्लोरोजेनिक एसिड, रोज़मारिनिक एसिड, एलाजिक एसिड भी प्राप्त होता है जो स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते हैं।

सेज की सूक्ष्म मात्रा भी अपने भीतर स्वास्थ्य संबंधी कई फायदों को समेटे हुए है। चूंकि, इसमें एंटीऑक्सीडेंट की उच्च मात्रा पाई जाती है ऐसे में यह फ्री रेडिकल्स से हमारे शरीर की कोशिकाओं को कोई हानि पहुंचने से भी बचाता है। फ्री रेडिकल्स, कोशिकाओं को क्षति पहुंचाते हैं जो कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों को जन्म दे सकते हैं।

कई शोध से स्पष्ट हुआ है कि यह मेनोपॉज के दौरान होने वाली समस्याओं, ब्लड शुगर और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ सेज हमें कई प्रकार के कैंसर से भी सुरक्षा प्रदान करता है। आइए इससे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।

सेज की पत्तियों का उपयोग पारंपरिक रूप से मधुमेह के इलाज में किया जाता रहा है। मानव और पशु दोनों पर किए गए इस संबंध में शोध से स्पष्ट होता है कि यह ब्लड शुगर को कम करने में प्रभावी हो सकता है।

टाइप 1 मधुमेह संक्रमित चूहों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि सेज ने इनमें एक विशेष रिसेप्टर को सक्रिय ब्लड शुगर के स्तर को काफी कम कर दिया। शोधकर्ताओं ने पाया कि इस रिसेप्टर को सक्रिय करके सेज, रक्त से फ्री फैटी ​एसिड को हटाने लगता है, परिणामस्वरूप इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार होता है।

इसी तरह टाइप 2 मधुमेह वाले चूहों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि सेज की पत्तियों की चाय मेटफॉर्मिन की तरह काम करती है। मेटफॉर्मिन, टाइप 2 मधुमेह रोगियों को दी जाने वाली एक दवाई है।

रजोनिवृत्ति के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी हो जाती है, जिसके चलते अत्यधिक पसीना, योनि का सूखापन और चिड़चिड़ापन जैसे तमाम लक्षण विकसित होते हैं। सेज का सेवन इन तमाम लक्षणों को ठीक करने में कारगर माना जाता है।

सेज के यौगिकों में एस्ट्रोजेन जैसे गुण होते हैं। माना जाता है कि इसका दैनिक सेवन मेनोपॉज के दौरान होने वाली समस्याओं को काफी हद तक कम कर सकता है। आठ सप्ताह तक किए गए एक अध्ययन में यह स्पष्ट हो चुका है।

बैड कोलेस्ट्रॉल, हृदय संबंधी तमाम रोगों को जन्म देने वाले प्रमुख कारकों में से एक है। बैड कोलेस्ट्रॉल, धमनियों में जमा होने लगता है, जिससे ध​मनियों और हृदय को कई तरह का नुकसान हो सकता है। अध्ययन के दौरान पाया गया कि सेज के सेवन से बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

दो सप्ताह की अवधि में किए गए अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने दिन में रोजाना दो कप सेज की चाय का सेवन किया उनके बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी आने के साथ गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में बढ़ोतरी भी हुई है।

अध्ययनों की एक समीक्षा से प्राप्त परिणाम बताते हैं कि सेज की तमाम प्रजातियां कॉग्निटिव स्किल्स को प्रभावित करने के साथ में न्यूरोलॉजिकल विकारों से बचा सकती हैं। इतना ही नहीं दिमाग को स्वस्थ बनाए रखने के साथ याददाश्त को सुधारने में भी सेज को काफी प्रभावी माना जाता है।

एक अध्ययन में अल्जाइमर रोग से ग्रस्त 39 लोगों को चार महीने तक रोजाना सेज के अर्क के 60 ड्रॉप्स (2 मिली) दिए गए। परिणामस्वरूप पाया गया कि इन लोगों के याददाश्त सहित संज्ञानात्मक क्षमताओं में काफी सुधार आया है।

शोधकर्ताओं ने समीक्षा में पाया कि सेज का अर्क कम उम्र वालों या वयस्क दोनों की याददाश्त को ठीक करने के साथ मस्तिष्क की गतिविधियों में सुधार लाने में काफी प्रभावी औषधि है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सेज का सेवन ज्यादातर लोगों के लिए पूर्णत: सुरक्षित है, इसके साइड इफेक्ट्स नहीं हैं। हालांकि, सेज में पाए जाने वाले 'थुजोन' नामक यौगिक को लेकर कुछ लोगों ने चिंता जताई है। पशुओं पर किए गए शोध में पाया गया है कि थुजोन की उच्च मात्रा मस्तिष्क में विषाक्तता उत्पन्न कर सकती है। हालांकि, अब तक इंसानों में ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई है।

चूंकि, सेज का सेवन बहुत कम मात्रा में किया जाता है ऐसे में खाद्य पदार्थों के माध्यम से थुजोन का प्रभाव होना लगभग असंभव है। हालांकि, बहुत अधिक मात्रा में सेज टी या सेज के तेल से इस तरह का खतरा हो सकता है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आप थुजोन के प्रभाव को लेकर चिंतित हैं, तो आप स्पैनिश सेज का उपयोग कर सकते हैं, इसमें थुजोन की मात्रा नहीं पाई जाती है।

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