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एक आपातकालीन गर्भनिरोधक (मॉर्निंग आफ्टर पिल) असुरक्षित यौन संबंध के ठीक बाद अवांछित गर्भधारण से बचने के लिए महिलाओं द्वारा ली जाने वाली एक दवा है। कुछ लोकप्रिय आपातकालीन गर्भ निरोधकों में आई पिल और अनवांटेड-72 हैं। शब्द "आपातकाल" नोट करना महत्वपूर्ण है। यदि आप यौन सक्रिय हैं या होने की योजना बना रहे हैं, तो केवल आपातकालीन गर्भनिरोधक का ही उपयोग गर्भावस्था से बचने के लिए किया जाना चाहिए।

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आपातकालीन गर्भनिरोधक असुरक्षित संभोग के बाद महिलाओं को गर्भावस्था को रोकने का एक आखिरी मौका देता है, ख़ास तौर से तब जब आप किसी भी अन्य गर्भनिरोधक विधि के उपयोग के बिना संभोग करते हैं या आपका कंडोम टूट या निकल जाता है या आपने अपनी नियमित गर्भनिरोधक गोलियों (Regular birth control pills) को कम से कम 2 या 3 बार मिस कर दिया हो या आपको सेक्स करने के लिए मजबूर किया गया हो।

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  1. आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग और फायदे - Emergency Contraceptive Pills Uses and Benefits in Hindi
  2. आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों के जोखिम और नुकसान - Emergency Contraceptive Pills Risks and Side Effects in Hindi
  3. आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियां लेने के बाद डॉक्टर को कब दिखाएँ - When to See a Doctor After Taking Morning After pill in Hindi

एक आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली में प्रोजेस्टिन लेवोनोरगेस्ट्रेल (Levonorgestrel) शामिल होता है, जो सिंथेटिक हार्मोन हैं। ये या तो ओवरी से अण्डे के बाहर आने को रोकने या उसमें देरी करने या फर्टिलाइजेशन प्रक्रिया (महिला के अंडाशय से अंडे का पुरुषों के शुक्राणुओं से निषेचन) को रोकने या गर्भाशय की संरचना को बदलकर निषेचित अंडे को महिला के गर्भाशय में रखे जाने से रोकने के द्वारा कार्य करते हैं।

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डॉक्टरों का कहना है कि यह गोली असुरक्षित यौन संबंध के 72 घंटों के अंदर ली जानी चाहिए।

ये गोलियां आम तौर पर पानी के साथ मौखिक रूप से ली जाती हैं और अक्सर उल्टी से बचने के लिए इन्हें भोजन के बाद लिया जाता है। अगर इस गोली को लेने के 2-3 घंटों के भीतर उल्टी होती है, तो एक और गोली लेने की सलाह दी जाती है।

यह गोली गर्भपात का कारण नहीं है, इसलिए गर्भवती होने के बाद इसे लेने से गर्भावस्था पर कोई असर नहीं होता है।

ये गोलियां स्तनपान कराने वाली माताओं द्वारा भी ली जा सकती हैं। ये गोलियां स्तन के दूध की गुणवत्ता या मात्रा को प्रभावित नहीं करती हैं और इनका शिशु के विकास पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।

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आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली परंपरागत गर्भनिरोधक गोलियों का एक विकल्प नहीं है। इसका कारण यह है कि आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली में सिंथेटिक हार्मोन की बहुत अधिक मात्रा होती है, जो कई तरह की जटिलताओं का कारण बन सकता है यदि इनका उपयोग लगातार किया जाता रहे। इसके विपरीत, नियमित गर्भनिरोधक गोलियां में हार्मोन की खुराक कम होती है जो गर्भाधान को रोकने और ओव्यूलेशन चक्र को बदलने में मदद करती हैं।

स्त्रीरोग विशेषज्ञ के मुताबिक, जब गर्भनिरोधक की बात आती है तो आपको इस गोली का सेवन तभी करना चाहिए जब आपके पास कोई और रास्ता नहीं है क्योंकि इन गोलियों का नियमित सेवन हार्मोनल असंतुलन का कारण बनता है। ये 25-45 आयु वर्ग की महिलाओं के द्वारा लेना सबसे उपयुक्त हैं। यह टीनेजर्स के लिए उपयुक्त नहीं हैं क्योंकि यह प्रजनन प्रणाली के विकास को बाधित कर सकती हैं। युवा लड़कियों, जिनके हार्मोन का स्तर अभी तक स्थिर नहीं हुआ है, उनको पॉलिसिस्टिक ओवरी डिजीज, एंडोमेट्रियोसिस जैसी कंडीशन्स और एक्टोपिक प्रेगनेंसी के विकास का अधिक जोखिम रहता है। ये गोलियां हार्मोनल असंतुलन, अनियमित माहवारी के कारण बांझपन (इनफर्टिलिटी), असंतुलित वजन, कामेच्छा में कमी, त्वचा की एलर्जी जैसी समस्याओं को जन्म दे सकती हैं।

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गोली लेने के बाद, एक व्यक्ति को कुछ आम साइड इफेक्ट का अनुभव हो सकता है जैसे मतली, उल्टीदस्त, पेट दर्द, मासिक चक्र में परिवर्तन और चक्कर आना। यह लक्षण आम तौर पर उपचार के कुछ दिनों से अधिक समय तक नहीं रहते हैं और ये आमतौर पर 24 घंटों के भीतर हल हो जाते हैं।

ये गोलियां यौन संचारित रोग (Sexually transmitted disease) जैसे एचआईवी/एड्स, गोनोरिया, हरपीज़ इत्यादि से एक महिला की सुरक्षा नहीं करती हैं।

अगर आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 से अधिक है, तो यह गोलियां कम प्रभावी हैं। यदि आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 30 से अधिक है, तो यह बिल्कुल भी काम नहीं करेगी।

आपातकालीन गर्भ निरोधकों में लेवोनोरगेस्ट्रेल होता है जिससे किसी महिला को एलर्जी हो सकती है इसलिए डॉक्टर से सलाह के बिना यह गोली नहीं लेनी चाहिए। इसके अलावा, यदि कोई किसी बीमारी से पीड़ित है और इसके लिए कुछ दवा ले रहा है, तो इस गोली को लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।

यदि आप मॉर्निंग आफ्टर पिल लेते हैं, तो यह आपके लिए महत्वपूर्ण है कि आप गाइनकॉलजस्ट से नियमित जांच कराएँ ताकि आप आगे की जटिलताओं की संभावना को समाप्त कर सकें, खासकर अगर आप हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, ट्यूबल गर्भावस्था से पीड़ित हैं या अगर आपको इसे खाने के बाद ये लक्षण महसूस होने लगें - पेट दर्द, चक्कर आनासिरदर्द, स्तनों में दर्द, पैरों और हाथों में अत्यधिक दर्द आदि। यह भी ध्यान रखें कि इससे आपके पीरियड्स या तो बहुत जल्दी या देर से शुरू हो सकते हैं, हालांकि अधिकांश महिलाओं को नियमित तिथि के 7 दिनों के भीतर पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। पर अगर आपको 21 दिनों के भीतर मासिक धर्म नहीं होते हैं या आपको लगता है कि आप गर्भवती हो सकती हैं तो प्रेगनेंसी टेस्ट करवाएँ।

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अंत में, गोली केवल तभी प्रभावी होती है अगर असुरक्षित यौन संबंध के बाद ली जाए। यदि आप गोली लेने के बाद यौन संबंध बनाते हैं तो यह काम नहीं करेगी। इसके लिए आपको गर्भनिरोधक गोलियां लेने की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा, आई पिल जैसी आपातकालीन गर्भनिरोधक दवा को आप डॉक्टर के पर्चे की आवश्यकता के बिना एक स्थानीय केमिस्ट की दुकान से खरीद सकते हैं। इसलिए इन्हें केवल आपातकाल स्थितियों के मामले में उपयोग करना सुनिश्चित करें, न कि नियमित गर्भनिरोधक के रूप में!
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