अस्थमा (Asthma) एक तरह की श्वसन तंत्र की बीमारी है, जिसे हम दमा भी कह सकते हैं। इस बीमारी के कारण सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इस बीमारी में श्वसन मार्ग में सूजन आ जाती है जिस के कारण श्वसन मार्ग संकुचित हो जाती है। इसे अस्थमा पीड़ित को छोटी-छोटी सांस लेनी पड़ती है। इस रोग के कारण छाती मे कसाव महसूस होता है, और सांस फूलने लगती है। बार-बार खांसी आती है। अस्थमा रोग के लिए कोई उम्र सीमा नहीं है। यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। अस्थमा बहुत कारणों से होता है, पर सब से बड़ा कारण है। श्वास संबंधी एलर्जी आज के समय में इस का सब से बड़ा कारण वायु का प्रदूषण बनता जा रहा है। अस्थमा मौसम के प्रभाव और आनुवांशिक प्रवृत्ति (परिवार में अगर किसी को पहले से अस्थमा है या था) के कारण भी होता है। अस्थमा लाइलाज बीमारी है। पर कई प्रकार के इलाज के द्वारा इसके लक्षणों को नियंत्रण में किया जा सकता है। अस्थमा के कुछ कारण ये भी हैं ध्रूमपान, घर का धूल भरा वातावरण, घर के पालतू जानवर, वायु प्रदूषण, महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, तनाव या भय के कारण, नमक का ज्यादा सेवन। इन सब के कारण भी अस्थमा होता है। 

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आज हम आप को अस्थमा में राहत देने के लिए कुछ ( नुस्खे ) रेसिपी बताने जा रहे हैं।

  1. सेब, अजवाइन और संतरे का मिश्रित जूस
  2. पालक और गोभी के पत्तें का मिश्रित जूस
  3. सेब, खीरा और अदरक का मिश्रित जूस
  4. सेब, पालक, खीरे का मिश्रित जूस
  5. सेब, शिमला मिर्च और खीरे का मिश्रित जूस
  6. सेब, गाजर और आड़ू का मिश्रित जूस
  7. सेब और स्ट्रॉबेरी का मिश्रित जूस
  8. हल्दी, नाशपाती और गाजर का मिश्रित जूस

सेब, अजवाइन और संतरे का मिश्रित जूस

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सेब, अजवाइन और संतरे का मिश्रित जूस अस्थमा रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इस जूस का सेवन अस्थमा से बहुत लाभ दिलाता है। क्यों की सेब में फ्लेवोनॉयड पाया जाता है। जो अस्‍थमा से बचाव करता है और फेफड़ों को मजबूत बनाता है। अजवाइन अस्थमा के खांसी और बलगम को हटाने में मदद करता है। संतरे में आयरन को सोखने का गुण होता है साथ में ये सर्दी-जुकाम के संक्रमण से बचाता है। संतरा सूखी खांसी से बहुत आराम दिलाता है। 

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सेब, अजवाइन और संतरे का मिश्रित जूस बनाने की सामग्री - 

  • पाँच सेब
  • दो डंठल अजवाइन
  • दो संतरे

सेब, अजवाइन और संतरे का मिश्रित जूस बनाने की विधि -

  • सबसे पहले आप सेब और अजवाइन के डंठल को धो लें।
  • अब सेब के टुकड़े करलें और संतरे को छील लें।
  • अब सेब, अजवाइन और संतरे को जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल लें।
  • अब सेब, अजवाइन और संतरे का मिश्रित जूस का आनंद लें। यह आप को अस्थमा की दिक्कत से आराम देगा।

पालक और गोभी के पत्तें का मिश्रित जूस

पालक और गोभी के पत्तें का मिश्रित जूस बनाने की विधि

पालक और गोभी के पत्तें का मिश्रित जूस आप के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा होता है। अस्थमा पीड़ित के लिए ये जूस बहुत ही लाभदायक है। इस में मौजूद सेब में फ्लेवोनॉयड पाया जाता है जो अस्थमा से बचाव करता है। अजवाइन अस्थमा के खांसी और बलगम को दूर करने में मदद करती है। गोभी के पत्ते में अमीनो एसिड होता है साथ में एंटी-इन्फ्लामेंट्रि गुण पाए जाते हैं जो गले की सूजन में लाभदायक है। नींबू एंटीबॉयोटिक है जो शरीर के विषाक्त पदार्थ को दूर करने में मदद करता है। पालक में दमा, खांसी, गले की जलन, फेफड़ों की सूजन को दूर करने के गुण पाए जाते हैं। अतः यह पालक और गोभी के पत्तें मिश्रित जूस बहुत ही लाभदायक है। इस का उपयोग ज़रूर करें।

पालक और गोभी के पत्तें का मिश्रित जूस बनाने की सामग्री - 

  • चार सेब
  • तीन डंठल अजवाइन
  • दो गोभी के पत्ते (Kale leaf)
  • एक नींबू
  • चार कप पालक

पालक और गोभी के पत्तें का मिश्रित जूस बनाने की विधि - 

  • सबसे पहले आप सभी को अच्छी तरह धो लें। अब पालक, गोभी के पत्तों, सेब, और अजवाइन को जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल कर नींबू डालें और मिला लें।
  • अब आप पालक और गोभी के पत्तें का मिश्रित जूस का सेवन करें। यह जूस आप को अस्थमा की परेशानी से आराम दिलाएगा।
  • यह बहुत ही स्वादिष्ट होता है आप को पसंद ज़रूर आएगा।

सेब, खीरा और अदरक का मिश्रित जूस

सेब, खीरा और अदरक का मिश्रित जूस

सेब, खीरा और अदरक का मिश्रित जूस अस्थमा के कारण हो रही दिक्कतों से निजात दिलानें में मदद करता है। सेब में फ्लेवोनॉयड पाया जाता है। जो अस्‍थमा के उपचार में मदद करता है। अजवाइन खांसी और बलगम को हटाने में मदद करती है। अदरक सर्दी-खांसी तथा फ्लू को होने से रोकता है। यह खांसी, खराब गले और ब्रोंकाइटिस में भी काफी असरदार होता है। खीरे में सूजन कम करने के गुण होता है जिस के कारण यह अस्थमा के लिए बहुत ही लाभदायक है। नींबू एंटीबॉयोटिक होता है। जो श्वसन मार्ग को गंदगी को दूर करने में मदद करता है। सेब, खीरा और अदरक का मिश्रित जूस आप के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। 

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सेब, खीरा और अदरक का मिश्रित जूस बनाने की सामग्री - 

  • तीन सेब
  • दो अजवाइन के डंठल
  • एक खीरा
  • एक अंगली अदरक
  • एक नींबू

सेब, खीरा और अदरक का मिश्रित जूस बनाने की विधि - 

  • सबसे पहले आप सभी को अच्छी तरह धो लें। अब सेब, खीरा, अजवाइन और अदरक को जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल कर नींबू डालें और मिला लें।
  • अब आप सेब, खीरा और अदरक का मिश्रित जूस का सेवन करें। यह जूस आप को अस्थमा की परेशानी से निजात दिलाने में मदद करेगा।

सेब, पालक, खीरे का मिश्रित जूस

सेब, पालक, खीरे का मिश्रित जूस

सेब, पालक, खीरे का मिश्रित जूस आप के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक है। अस्थमा पीड़ित के लिए ये जूस बहुत ही फायदेमंद होता है। इस में मौजूद सेब में फ्लेवोनॉयड पाया जाता है। जो अस्थमा से बचाव करता है। अजमोद विटामिन ए, बी और सी, पोटैशियम, मैंगनीज, मैग्‍नीशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, आयरन, सोडियम और फाइबर से भरपूर होता है। इसमें एपिजेनिन और लूटेओलिन जैसे तत्‍व भी पाये जाते हैं। अजमोद श्वसन नली की सूजन और श्वास रोगों में को दूर करने में मदद करता है। पालक दमा, खांसी, गलेकि जलन, फेफड़ों की सूजन को दूर करने में मदद करता है। संतरा सर्दी-जुकाम से संक्रमण से बचाने में मदद करता है। खीरे में सूजन को खत्म करने के गुण पाए जाते है। अदरक में सूजन को कम करने की शक्ति अत्यधिक मात्रा में होती है और यह सर्दी-खांसी तथा फ्लू को रोकने ने भी मदद करता है। नींबू एंटीबॉयोटिक होता है। जो शरीर के विषाक्त पदार्थ को दूर करने में मदद करता है। अतः सेब, पालक, खीरे का मिश्रित जूस बहुत ही लाभदायक है इस का उपयोग अस्थमा पीड़ित के लिए बहुत ही उत्तम है।

सेब, पालक, खीरे का मिश्रित जूस बनाने की सामग्री - 

  • दो सेब
  • एक खीरा
  • एक अंगुली अदरक
  • एक नींबू
  • एक संतरा
  • एक मुट्ठी अजमोद
  • दो मुट्ठी पालक

सेब, पालक, खीरे का मिश्रित जूस बनाने की विधि - 

  • सबसे पहले आप सेब, खीरा, अजमोद और पालक को अच्छी तरह धो लें। अब सेब, खीरा, अदरक, संतरा, अजमोद और पालक को जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल कर उस में नीबू डालें और मिला लें।
  • अब आप सेब, पालक, खीरे का मिश्रित जूस का सेवन करें। यह जूस आप को अस्थमा की परेशानी से आराम दिलाएगा।

सेब, शिमला मिर्च और खीरे का मिश्रित जूस

सेब, शिमला मिर्च और खीरे का मिश्रित जूस

सेब, शिमला मिर्च और खीरा दमा रोगियों के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। क्योकि सेब में फ्लेवोनॉयड होता है जो अस्थमा से बचाव करने में मदद करता है। खीरा अस्थमा के कारण श्वसन नली की सूजन को ख़तम करने में मदद करता है। नींबू एंटीबॉयोटिक होता है। जो शरीर के विषाक्त पदार्थ को दूर करता है। हरा धनिया प्रोटीन, वसा, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, कैरोटीन, थियामीन, पोटोशियम और विटामिन सी और ए से भरपूर होता है। धनिया के पत्ते खांसी, दमा या सांस फूलने की समस्या में बहुत ही लाभदायक होता है। विटामिन ए और सी से भरपूर शिमला मिर्च एंटीऑक्सीडेंट्स का एक बहुत अच्छा स्रोत है। दिल से जुड़ी बीमारियों और अस्थमा से लडऩे में भी काफी मदद करता है।

सेब, शिमला मिर्च और खीरे का मिश्रित जूस बनाने की सामग्री - 

  • दो सेब
  • आधा हरा शिमला मिर्च
  • एक मुट्ठी धनिया पत्ता
  • दो खीरे
  • आधा नींबू

सेब, शिमला मिर्च और खीरे का मिश्रित जूस बनाने की विधि - 

  • सबसे पहले आप सेब, खीरा और धनिया पत्ते को अच्छी तरह धो लें। और शिमला मिर्च के बीज हटा लें। अब सेब, खीरा, शिमला मिर्च और धनिया पत्ते को जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल कर उस में नीबू डालें और मिला लें।
  • अब सेब, शिमला मिर्च और खीरे का मिश्रित जूस बन चुका है। अब आप इसका सेवन करें। यह जूस अस्थमा की परेशानी से आराम दिलाता है।

सेब, गाजर और आड़ू का मिश्रित जूस

सेब, गाजर और आड़ू का मिश्रित जूस

सेब, गाजर और आड़ू का मिश्रित जूस आप के पूरे शरीर के लिए लाभदायक है। सेब, गाजर और आड़ू का मिश्रित जूस खास कर दमा रोगियों के लिए बहुत ही लाभदायक होते है। इस जूस में मौजूद गाजर गर्म होने के कारण कफ को निकालने में मदद करती है। गाजर का सेवन दमा के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता हैं। आड़ू का उपयोग दमा रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। संतरे में सर्दी-जुकाम के संक्रमण को खत्म करने का गुण होता है। सेब में फ्लेवोनॉयड मौजूद है। जो दमा रोग से लडऩे मे मदद करता है। नींबू एक एंटीबॉयोटिक का काम करता है।

सेब, गाजर और आड़ू का मिश्रित जूस बनाने की सामग्री - 

  • दो सेब
  • दस गाजर
  • आधा नींबू (बाहरी त्वचा हटा हुआ)
  • एक संतरा
  • दो आड़ू (peaches)

सेब, गाजर और आड़ू का मिश्रित जूस बनाने की विधि - 

  • सबसे पहले आप सेब, गाजर और आड़ू को धो लें। अब सेब, खीरा, नींबू, संतरा और आड़ू को जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल कर सेब, गाजर और आड़ू का मिश्रित जूस सेवन करें
  • यह जूस आप को दमा की परेशानी से निजात दिलाने में मदद करेगा।

सेब और स्ट्रॉबेरी का मिश्रित जूस

सेब और स्ट्रॉबेरी का मिश्रित जूस

सेब और स्ट्रॉबेरी का मिश्रित जूस दमा पीड़ित रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इस जूस में मौजूद स्ट्राबेरी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी इफेक्ट होता है। जिसके कारण स्ट्राबेरी उपयोग करने से विभिन्न प्रकार की एलर्जी का प्रभाव कम हो जाता है। स्ट्राबेरी इसमें विटामिन C की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो अस्थमा को कम करने में सहायक है। सेब में मौजूद पॉलीफेनल और फ्लेवोनॉयड्स हृदय के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा इससे शरीर को जरूरी मिनरल, पौटेशियम मिलते हैं जिससे हृदय सुचारु रुप से काम करता है। नींबू एंटीबॉयोटिक होता है और इस में विटामिन C की भरपूर मात्रा पाई जाती है। सर्दी-जुकाम के संक्रमण को खत्म करता है।

सेब और स्ट्रॉबेरी का मिश्रित जूस बनाने की सामग्री - 

  • दो सेब
  • आधा नींबू
  • तीन कप स्ट्रॉबेरी

सेब और स्ट्रॉबेरी का मिश्रित जूस बनाने की विधि - 

  • सबसे पहले आप सेब और स्ट्रॉबेरी को धो लें। अब सेब और स्ट्रॉबेरी मिक्सर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल कर उस में नीबू डालें और मिला लें।
  • अब सेब और स्ट्रॉबेरी का मिश्रित जूस बन चुका है। अब आप इसका सेवन करें। यह जूस अस्थमा की परेशानी से आराम दिलाता है। यह बहुत ही स्वादिष्ट होता है।

हल्दी, नाशपाती और गाजर का मिश्रित जूस

सेब, गाजर और आड़ू का मिश्रित जूस

हल्दी, नाशपाती और गाजर का मिश्रित जूस दमा पीड़ित रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। हल्दी में एंटी-माइक्रोबियल गुण पाया जाता है। हल्दी का सेवन दमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों में कफ और साइनस जैसी समस्याओं में आराम होता है। यह शरीर में गरमाहट लाता है और फेफड़े तथा साइनस के जकड़न से तुरन्त राहत दिलाता है। साथ ही यह बैक्टीरियल और वायरल संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है। नाशपाती में सूजन कम करने का गुण होते है। अजवाइन खांसी और बलगम को दूर करने में मदद करती है। गाजर गर्म होता है जो कफ को निकालने में मदद करता है। अदरक में सर्दी-खांसी तथा फ्लू को रोकने का गुण पाया जाते है। सेब में मौजूद पॉलीफेनल और फ्लेवोनॉयड्स हृदय के लिए काफी फायदेमंद होता है। अतः यह हल्दी, नाशपाती और गाजर का मिश्रित जूस बहुत ही लाभदायक है। आप इस का उपयोग करें। आप को बहुत फायदा होगा।

हल्दी, नाशपाती और गाजर का मिश्रित जूस बनाने की सामग्री - 

  • अंगुली से नाप कर आठ अंगुली कच्ची हल्दी (जमीन से निकला हुआ डंठल के साथ)
  • दो नाशपाती
  • तीन गाजर
  • तीन डंठल अजवाइन
  • दो सेब
  • एक अंगुली अदरक
  • दो नींबू

हल्दी, नाशपाती और गाजर का मिश्रित जूस बनाने की विधि - 

  • सबसे पहले आप सेब, नाशपाती, गाजर, अजवाइन, अदरक और हल्दी को धो लें। अब सेब, नाशपाती, गाजर, अजवाइन, अदरक और हल्दी जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल कर उस में नीबू डालें और मिला लें।
  • अब हल्दी, नाशपाती और गाजर का मिश्रित जूस बन चुका है। अब आप इसका सेवन करें। यह जूस अस्थमा की परेशानी से आराम दिलाता है। यह बहुत ही स्वादिष्ट होता है।
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