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लैवेंडर अनेक गुणों से भरी हुई जड़ी बूटी है। इसके तेल का उपयोग कॉस्मेटिक और चिकित्सा परियोजन के लिए किया जाता है। इसके तेल में पुष्प घास की सुगंध है जो मन और शरीर को आराम देती है और ताज़ा महसूस कराती है।

इसमें 150 से अधिक सक्रिय घटक होते हैं। इसके साथ-साथ इसमें सूजन विरोधी, फंगसरोधी, सूक्ष्मजीवी रोधी, आक्षेपनाशक, अवसादरोधी, रोगाणुरोधी, जीवाणुरोधी, पीड़ा हटानेवाली, शांतिदायक और सन्तोष दिलाने के गुण होते हैं। इन सभी गुणों के कारण स्वास्थ्य उद्योग में इसका इस्तेमाल व्यापक रूप से किया जाता है। इसके अलावा यह सौंदर्य उद्योग में सबसे ज्यादा पसंदीदा जड़ी बूटियों में से एक है। इसका उपयोग कई क्रीम, बाल उत्पादों और मोमबत्तियों में किया जाता है।

  1. लैवेंडर के तेल के फायदे - lavender oil ke fayde in hindi
  2. लैवेंडर आयल के नुकसान - Lavender oil ke nuksan in hindi

लैवेंडर के तेल के लाभ दिलाए अच्छी नींद - Lavender oil to promote sleep in hindi

पहले लोग लैवेंडर के फूल को अच्छी नींद आने के लिए तकिये में भर कर सोते थे। अब यह वैज्ञानिक तौर पर साबित हो चुका है कि लैवेंडर अरोमाथेरेपी आराम और नींद के लिए बेहतर मदद कर सकती है। अमेरिकन जर्नल ऑफ़ क्रिटिकल केयर में प्रकाशित एक 2014 के अध्ययन में पाया गया कि लैवेंडर का उपयोग अच्छी नींद पाने लिए एक कारगर तरीका है। इसके अलावा लैवेंडर तेल मनोदशा को स्थिर करने और मजबूत भावनाओं को संतुलित करने में मदद करता है।

(और पढ़ें – नींद ना आने के आयुर्वेदिक उपाय)

इसके लिए एक रूमाल पर लैवेंडर तेल की 3 या 4 बूंदों को डालें और अच्छी नींद के लिए सोने से पहले अपने तकिए के नीचे रख दें।

लैवेंडर का तेल दे सिरदर्द से राहत - Lavender oil to treat headache in hindi

यदि आप अक्सर तनाव के कारण सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या से परेशान रहते हैं तो लैवेंडर तेल को दर्द से राहत देने वाले प्राकृतिक विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें दर्द से राहत देने वाले और सूजन विरोधी गुण होते हैं जो दर्द को कम करने में सहायता करते हैं। इसके अलावा यह तनावग्रस्त मांसपेशियों को आराम देती है जो अक्सर सिरदर्द का कारण होती हैं। यूरोपीय न्यूरोलॉजी में प्रकाशित 2012 के एक अध्ययन से पता चलता है कि लैवेंडर तेल को इन्हाले करना माइग्रेन के सिरदर्द के लिए एक प्रभावी और सुरक्षित उपचार है।

(और पढ़ें – कैफीन का प्रभाव सिरदर्द होने पर)

इसके लिए आप एक रूमाल पर लैवेंडर तेल की कुछ बूंदें डाल दीजिए और तीव्र सिरदर्द से राहत के लिए उसकी सुगंध को सांस के द्वारा लें।

इसके साथ-साथ आप दूसरा विकल्प भी चुन सकते हैं। इसके लिए आप 1 बड़े चम्मच जैतून के तेल में 2 बूंद लैवेंडर के तेल की मिलाकर उससे अपने माथे की मालिश कर सकते हैं जिससे आपको सिरदर्द से राहत मिलेगी।
 

लैवेंडर आयल करे दूर फंगस संक्रमण - Lavender tel for fungal infection in hindi

लैवेंडर तेल फंगस संक्रमण से लड़ने के लिए एक प्रभावी उपाय भी है। जर्नल ऑफ़ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित 2011 के एक अध्ययन में पाया गया कि लैवेंडर तेल में शक्तिशाली फंगसरोधी प्रभाव होता है उन फंगल उपभेदों के खिलाफ जो आम त्वचा और नाखून संक्रमण का कारण होते हैं। यह खुजली वाली त्वचा, मामूली घावों, त्वचा के नीला पड़ जाने पर या जलने के मामले में भी फायदेमंद है और यह इनके होने के खतरे को भी कम करता है। (और पढ़ें – नाभि में तेल डालने के फायदे हैं संक्रमण का इलाज)

  • इसके लिए 1 छोटे चम्मच जैतून के तेल में कुछ बूंदे लैवेंडर तेल की मिला लें।
  • अब आप इसे संक्रमित क्षेत्र पर रुई का उपयोग करके लगाएं।
  • अब आप इसे कम से कम 30 मिनट के लिए छोड़ दें, फिर इसे गुनगुने पानी से धो लें और इसे अच्छी तरह किसी साफ कपड़े से सुखा लें।
  • इसे प्रतिदिन दो बार तब तक लगाएं जब तक आपको पूरी तरह से संक्रमण से छुटकारा ना मिल जाए।

लैवेंडर के तेल का उपयोग चिंता में - Lavender oil helps anxiety in hindi

लैवेंडर आयल शांति दिलाने वाली औषधि के रूप में काम करता है और चिंता और पैनिक अटैक को कम करने में मदद करता है। लैवेंडर अरोमाथेरेपी तंत्रिका तंत्र को खोलती है जिससे कारण चिंता कम हो जाती है। यह दिमाग में चिंता ट्रिगर करने वाली स्थितियों को कम करती है। इसके अलावा लैवेंडर आयल हृदय की अधिक दर को दबाने में मदद करता है और हाई ब्लड प्रेशर को कम करता है। (और पढ़ें – चेरी फल करें चिंता दूर)

  • इसके लिए आप एक कटोरे गर्म पानी में लैवेंडर तेल की कुछ बूंदें डाल लें और चिंता कम करने के लिए इसकी भाप को लें।
  • आप रिलैक्स महसूस करने के लिए लैवेंडर तेल की कुछ बूंदों को कनपटी पर रगड़ें।
  • या फिर मालिश करने वाले तेल में लैवेंडर आयल की कुछ बूंदों को डाल कर उस तेल से अपनी गर्दन, पीठ और कंधे की मालिश करें।

लैवेंडर तेल के फायदे अस्थमा के लिए - Lavender oil good for asthma in hindi

लैवेंडर तेल का उपयोग श्वास के मार्गों को आराम देने और श्वास सम्बंधित समस्याओं में राहत पाने के लिए भी किया जा सकता है। इसके सूजन विरोधी गुण आपकी अस्थमा के हमलों से बचने की क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।

दि लाइफ साइंसेज जर्नल में प्रकाशित 2014 के एक अध्ययन में यह भी पाया गया कि लैवेंडर आवश्यक तेल को साँस लेने से वायुमार्ग की एलर्जी की सूजन को कम करने में मदद मिलती है, इसके साथ साथ ब्रोन्कियल अस्थमा के उपचार में भी मदद मिलती है। (और पढ़ें – पुदीने की चाय करे एलर्जी और अस्थमा को रोकने में मदद)

  • इसके अलावा लैवेंडर तेल सर्दी और फ्लू, ब्रोंकाइटिस और गले के संक्रमण जैसी श्वसन समस्याओं का इलाज करने में मदद करता है। (और पढ़ें - फ्लू के लक्षण)
  • इसके लिए आप दो बड़े चम्मच जोजोबा तेल या जैतून के तेल में 5 या 6 बूंद लैवेंडर के तेल की मिलाएं और इस मिश्रित तेल को अपनी छाती पर प्रतिदिन दो बार रगड़ें।
  • आप लैवेंडर तेल से स्टीम ट्रीटमेंट भी कर सकते हैं।
  • इसके अलावा आप लैवेंडर तेल की कुछ बूंदों को डिफ्यूजर या ह्यूमिडिफायर में डाल सकते हैं।

लैवेंडर तेल का लाभ दिलाए दर्द से राहत - Use lavender oil for pain relief in hindi

लैवेंडर तेल में दर्द से राहत दिलाने वाले और सूजन विरोधी गुण हैं जो दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। आप पीड़ादायक मांसपेशियों, पैर दर्द, गठिया दर्द और यहां तक कि पीठ दर्द के इलाज के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

द पेन प्रैक्टिस जर्नल में प्रकाशित 2006 के एक अध्ययन में पाया गया है कि जिन रोगियों ने स्तन बीओप्सी (biopsy) सर्जरी के बाद लैवेंडर एरोमाथेरेपी के साथ ऑक्सीजन लिया, उन्हें दर्द से बहुत हद तक राहत मिली थी। (और पढ़ें – जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से छुटकारा पाने के लिए घर पर ही बनाएँ यह पेन रिलीफ बाम)

जैतून के तेल की साथ लैवेंडर तेल के कुछ बूंदों को मिलाकर नियमित मालिश करने से जोड़ो और मांसपेशियों के दर्द से राहत मिलती है।

स्नान के गर्म पानी में लैवेंडर तेल की कई बूंदें डाल कर 10 से 15 मिनट के लिए उसमें रहने से आपकी पीड़ा और दर्द दूर हो सकते हैं।

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल फॉर स्टॉफ इन्फेक्शन - Lavender oil for staph infection in hindi

लैवेंडर तेल के मजबूत रोगाणुरोधी और सूजन विरोधी गुणों के कारण स्टैफाइलोकॉकस (Staphylococcus) बैक्टीरिया की वजह से स्टाफ (Staph) संक्रमण के इलाज में लैवेंडर तेल का उपयोग किया जाता है।

स्टैफाइलोकॉकस बैक्टीरिया फोड़े, इम्पेटिगो (impetigo) और सेल्युलाइटिस जैसी कई त्वचा की समस्याएं पैदा कर सकता है।

द जर्नल ऑफ़ अल्टरनेटिव एंड कॉम्प्लिमेंटरी मेडिसिन में प्रकाशित एक 2009 के अध्ययन में मेथिसिलिन सेंसिटिव (methicillin sensitive) और रेसिस्टेंट स्टैफाइलोकॉकस ऑरियस (resistant Staphylococcus aureus) पर लैवेंडर तेल का रोगाणुरोधी प्रभाव देखा गया है। (और पढ़ें - लहसुन खाने का फायदा)

इसके लिए आप रुई पर लैवेंडर तेल की 2 या 3 बूंदों को डालें और प्रभावित क्षेत्र पर थपथपा कर 30 मिनट के लिए छोड़ दें। अब इसे अच्छी तरह धो लें। इस प्रक्रिया को प्रतिदिन दो बार कई दिनों तक करें।

इसके अलावा 1 छोटे चम्मच एलोवेरा जेल में लैवेंडर तेल की कुछ बूंदों को मिलाकर इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं और एक घंटे के लिए छोड़ दें। अब गुनगुने पानी से इसे धो लें। इस प्रक्रिया को कई दिनों के लिए प्रतिदिन दो बार करें।

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल करे शारीरक गंध को दूर - Lavender essential oil for body odor in hindi

लैवेंडर तेल की मीठी सुगंध आपकी रसोई, बाथरूम, बेडरूम से किसी भी प्रकार की दुर्गन्ध और आपके शरीर की अप्रिय गंध को छुपाने में मदद कर सकती है। इसके अलावा जब इसका उपयोग एयर फ्रेशनर के रूप में किया जाता है तो यह कुछ केमिकल आधारित एयर फ्रेशनर की तरह सिरदर्द या श्वसन समस्याओं को जन्म नहीं देता है। (और पढ़ें – सिर दर्द के घरेलु उपाय)

  • शरीर की गंध को दूर करने ले लिए नहाने के पानी या शॉवर जेल में लैवेंडर तेल की कुछ बूंदें डालें।
  • इसके अलावा पानी से भरे स्प्रे बोतल में लैवेंडर तेल की कुछ बूंदों को डालें। इसे शरीर पर पसीने वाली जगहों पर स्प्रे करें, इससे आपको पसीने की बदबू से छुटकारा मिलेगा।
  • अपने घर को ताज़ा रखने के लिए इस तेल की कुछ बूंदों को ह्यूमिडिफायर में डालें ।
  • एक मेसन जार में ½ कप बेकिंग सोडा भर कर उसमें लैवेंडर तेल की कुछ बूंदों को डालें और जार के मुंह को काग़ज़ से ढक कर उसमें छेद कर दें और उस जार को बेडरूम या रसोई में रखें।

लैवेंडर का तेल दूर रखे कीड़ों को - Homemade bug repellent lavender oil in hindi

लैवेंडर तेल एक प्राकृतिक कीट से बचाने वाली दवा के रूप में काम करता है जो पिस्सू, मच्छर, झींगुर, पतिंगे और मक्खियों सी कीड़े को दूर करने में मदद करता है।

कीड़ों से बचने लें लिए बाहर जाने से पहले पल्स पॉइंट (pulse points) पर लैवेंडर तेल की कुछ बूंदों को लगा लें। अपनी त्वचा पर इस तेल को लगाने से पहले यह जांच ले कि यह आपकी त्वचा के लिए ठीक है या नहीं। अन्य आवश्यक तेलों के विपरीत लैवेंडर का तेल कोमल है और अक्सर त्वचा पर सीधे इस्तेमाल होता है। लेकिन इसे लगाने से अगर त्वचा में जलन पैदा होती है तो सूरजमुखी तेल जैसे वाहक तेल में इसकी कुछ बूंदों को मिलाकर धीरे से अपनी त्वचा पर रगड़ें।

आप रुई पर लैवेंडर तेल की कुछ बूंदों को डाल कर इसे अपने कपड़ो की अलवाड़ी में भी रख सकते हैं ताकि कीड़ों को दूर रखा जा सके।

लैवेंडर आयल फॉर हेयर लॉस - Lavender oil uses for hair loss in hindi

एलोपेशीया एरेटा एक ऑटोइम्यून डिज़ीज है जिसमें इंसान का इम्यून सिस्टम खुद उसके शरीर पर अटैक करता है। इससे बाल जड़ से उखड़ने लगते हैं। लैवेंडर तेल से इस बीमारी का इलाज किया जा सकता है। (और पढ़ें – बालों को झड़ने से रोकने के लिए ये पांच पोषक तत्व अपनी डाइट में ज़रूर करें शामिल)

द आर्चिस ऑफ़ डर्मटोलॉजिकल रिसर्च में प्रकाशित 1998 के एक अध्ययन से पता चलता है कि जब लैवेंडर तेल का इस्तेमाल अन्य आवश्यक तेलों जैसे थाइम, रोज़मेरी और देवदार की लकड़ी के तेल के साथ किया जाता है तब यह एलोपेशीया एरेटा के उपचार में यह लाभदायक सिद्ध होता है।

दो बड़े चम्मच जोजोबा के तेल में लैवेंडर आयल की कुछ बूंदों को मिलाकर कई महीनों तक सिर की मालिश करने से बाल बढ़ने लगते हैं।

हालाकी लैवेंडर तेल का त्वचा पर उपयोग सुरक्षित माना जाता है फिर भी एलर्जी प्रतिक्रिया की संभावना को खत्म करने के लिए अपनी थोड़ी सी त्वचा पर लगा कर पहले पैच परीक्षण अवश्य करें

कई अन्य आवश्यक तेलों के साथ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को लैवेंडर आवश्यक तेल का उपयोग करने से बचना चाहिए।

लैवेन्डर तेल के सामान्य या अत्यधिक उपयोग करने से कुछ लोग को मतली, उल्टी और सिरदर्द जैसी समस्या हो सकती है।

लैवेन्डर तेल का उपयोग केवल अरोमाथेरेपी के माध्यम से करना चाहिए। इसको अगर इंजेक्शन के रूप में उपयोग करेंगे तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकता है जैसे धुंधली दृष्टि, सांस लेने में कठिनाई, आँखों में जलन, उल्टी, और दस्त आदि।

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