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आमतौर पर लोग फिट रहने और अपनी फिटनेस को बरकार रखने के लिए एक्सरसाइज करते हैं। इसके लिए कई लोग जिम जाते हैं। कुछ पार्क जाते हैं। जॉगिंग करते हैं और फिर कई तरह की डाइट फॉलो करते हैं। बावजूद इसके कम ही लोगों को एक्सरसाइज करने का पूरा लाभ मिलता है, लेकिन कोई अगर आपसे कहे कि आप एक्सरसाइज किए बगैर भी फिट रह सकते हैं, तो आपकी प्रतिक्रिया क्या होगी? जाहिर है आप इसे कोरी बकवास कहेंगे।

मगर अध्ययनकर्ताओं ने एक ऐसे प्रोटीन पर शोध किया है जो आपको व्यायाम किए बगैर एक्सरसाइज जितना फायदा पहुंचाएगा। इसके बाद आपको ना जिम जाने की जरूरत होगी और ना ही पार्क में जाकर जॉगिंग करने की आवश्यकता महसूस होगी।

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क्या कहती है रिसर्च?
अमेरिका की मिशिगन यूनिवर्सिटी के अध्ययनकर्ताओं ने प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले एक सेस्ट्रिन नामक प्रोटीन पर शोध करते हुए पाया है कि यह प्रोटीन एक्सरसाइज के बिना काफी सकारात्मक परिणाम दे सकता है। चूहों और मक्खियों पर किए गए ट्रायल से मिले नतीजे इस बात को साबित कर सकते हैं कि सेस्ट्रिन प्रोटीन, समान रूप से एक्सरसाइज जैसे ही काम करता है। इस तरह से यह प्रोटीन बुजुर्ग अवस्था में या अन्य किसी कारण से मांसपेशियों को खराब होने से बचाने में सहायक हो सकता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मिशिगन यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ मॉलिक्यूलर एंड इंटीग्रेटिव फिजियोलॉजी में रिसर्च एसिसटेंट प्रोफेसर मायुजिन किम का कहना है कि शोधकर्ताओं ने पहले भी यह अनुभव किया है कि एक्सरसाइज के दौरान सेस्ट्रिन मांसपेशियों में जमा हो जाता है। प्रोफेसर जून ही ली के साथ काम कर रहे प्रोफेसर किम और शोधकर्ताओं की टीम ने और जानकारी लेनी चाही कि कैसे व्यायाम के साथ प्रोटीन संबंधित है। इसलिए शोधकर्ताओं ने सबसे पहले सेस्ट्रिन प्रोटीन को मक्खियों पर इस्तेमाल किया।

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कैसे की गई रिसर्च?
शोधकर्ताओं ने ड्रोसोफिला मक्खियों की सामान्य वृत्ति को देखते हुए इसका लाभ उठाया और (अमेरिका) डेट्रायट की वेन स्टेट यूनिवर्सिटी के अपने सहकर्मियों (पीएचडी रॉबर्ट वेसल्स और एलिसन सुजकोव्स्की) के साथ मिलकर एक प्रकार की फ्लाई ट्रेडमिल तैयार की।

इस ट्रेडमिल का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं की टीम ने तीन हफ्तों के लिए मक्खियों को ट्रेनिंग दी। साथ ही दौड़ने और उड़ने की क्षमता के साथ सामान्य मक्खियों से इनकी तुलना की। इस दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि मक्खियों में सेस्ट्रिन बनाने की क्षमता में कमी थी।

प्रोफेसर जून ही ली का कहना है कि इस अवधि में आमतौर पर मक्खियां करीब 4 से 6 घंटे तक घूम या चल सकती हैं और इस तरह से सामान्य मक्खियों की क्षमता में सुधार देखा गया, लेकिन सेस्ट्रिन के बिना मक्खियों में व्यायाम करते हुए कोई सुधार नहीं था।

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इसके बाद वैज्ञानिकों ने प्रक्रिया को और आगे बढ़ाते हुए सामान्य मक्खियों की मांसपेशियों में सेस्ट्रिन के दबाव को बढ़ा दिया। इसके बाद मक्खियों में सेस्ट्रिन के स्तर को एक मात्रा में बढ़ाने से वैज्ञानिकों ने पाया कि सामान्य मक्खियों में ट्रेन्ड मक्खियों की तुलना में क्षमता अधिक हो चुकी थी और वो भी बिना एक्सरसाइज किए हुुए।

इसका मतलब यह हुआ कि सेस्ट्रिन के लाभकारी प्रभाव मजूबती के साथ जुड़े थे। सेस्ट्रिन के बिना चूहे में एरोबिक क्षमता और फैट बर्न होने में कमी दिखाई दी थी, जो एक तरह से व्यायाम के साथ जुड़ी थी।

रिपोर्ट के आधार पर देखा जाए तो भविष्य में इस प्रकार का प्रोटीन फिटनेट से जुड़े लोगों के लिए लाभकारी विकल्प साबित हो सकता है, क्योंकि प्रोटीन के सेवन से वर्कआउट में खर्च होने वाला समय तो बचेगा ही, साथ ही फिट रहने के लिए घंटों की कड़ी मेहनत अब थोड़ी कम हो जाएगी।

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