myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञ और हमारे बुजुर्ग अक्सर यह सलाह देते हैं कि आपको अपनी बाईं तरफ सोना चाहिए क्योंकि यह आपके स्वस्थ्य के लिए अच्छा है। आपने इस सलाह को पहले भी सुना होगा और इसके बारे में ज्यादा ध्यान नहीं दिया होगा।

आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर के बाएं और दाएं पक्ष अलग हैं और यह अलग तरीके से कम करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह सिद्धांत आयुर्वेद के प्राचीन और समग्र विज्ञान (holistic science) से निकला है। हम सभी जानते हैं कि प्रतिदिन हमारे लिए पर्याप्त नींद जरूरी है पर उसके साथ साथ सोने की स्थिति भी सही होनी चाहिए। तो चलिए जानते हैं बाईं ओर सोने के क्या क्या फायदें हैं।

  1. बायीं करवट सोना फायदेमंद है पाचन के लिए - Sleeping on left side better for digestion in hindi
  2. बाएं करवट लेकर सोना अच्छा है दिल के लिए - Sleeping on left side good for heart in hindi
  3. बाईं करवट सोने के फायदे प्रेगनेंसी में - Benefits of sleeping on left side during pregnancy in hindi
  4. बायीं करवट लेकर सोने के लाभ करे खर्राटे कम - Sleeping on left side helps snoring in hindi

चूंकि हमारा पेट और अग्न्याशय बाईं ओर स्थित हैं इसलिए बाईं ओर सोने से यह प्राकृतिक रूप से अपनी जगह रहते हैं और बेहतर कार्य करने में सक्षम होते हैं। जब हम बाईं ओर सोते है तब भोजन गुरुत्वाकर्षण के खिचाव के कारन पेट के माध्यम से आसानी से गुजरता है और अग्नाशय के एंजाइम आवश्यकतानुसार निकलते हैं और यही नहीं अपशिष्ट खाद्य पदार्थ भी आराम से बहार निकल जाते हैं। ये बिना पचा हुआ भोजन और विषाक्त पदार्थों को स्वाभाविक रूप से छोटी आंत से बड़ी आंत में और अंत में बृहदान्त्र में चले जाते हैं जहां से यह सुबह में मल त्यागने के माध्यम से निकल जाते हैं।

आयुर्वेद के विशेषज्ञों का कहना है कि आपको भोजन के बाद 10 मिनट के लिए बाईं तरफ सो कर झपकी लेनी चाहिए, इससे आपका पाचन बेहतर होगा और आपकी शरीर की ऊर्जा भी बढ़ेगी। यह अपच और सीने में जलन जैसी समस्या के इलाज में मदद करता है जो आपको ज्यादा खाने के बाद अनुभव हो सकती है।

(और पढ़ें – पाचन क्रिया सुधारने के आयुर्वेदिक उपाय)

हम सभी जानते हैं कि हमारा दिल बाईं तरफ होता है। इसलिए जब हम बाईं ओर सोते हैं तब गुरुत्वाकर्षण के चलते बड़े ही आसानी से रक्त का प्रवाह ह्रदय की और होता है। इससे हमारे दिल पर भार काम होता है और हमारे शरीर को आराम मिलता है।

(और पढ़ें – हृदय को स्वस्थ रखने के लिए ज़रूर करें ये 5 कार्डियो एक्सरसाइज)

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को ज्यादा समय बाईं ओर सोना चाहिए क्योंकि इससे उनकी पीठ पर दबाव कम होता है और गर्भाशय और गर्भ में रक्त प्रवाह भी बढ़ता है। बाईं ओर सोने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम हो जाता है जिससे संभव है कि आप अधिक आरामदायक महसूस करेंगे और बेहतर तरीके से सो पाएंगे। इसके अलावा यह बच्चे को स्वस्थ रखने के लिए नाल (placenta) में पोषक तत्वों के आरामदायक प्रवाह में भी मदद करता है। इसके लिए आप बाईं तरफ सो कर अपने घुटनों को थोड़ा झुकाएं और अपने पैरों के बीच तकिए को रखें ताकि आप आसानी से सो पाएं।

(और पढ़ें – गर्भावस्था में सोने का सही तरीका और गर्भावस्था में पेट दर्द)

बाएं तरफ सोने से खर्राटों को रोकने में भी मदद मिलती है। इसका कारण यह है कि यह आपकी जीभ और गले को न्यूट्रल पोजीशन (neutral position) में रखता है और आपके वायुमार्ग को साफ़ रखता है जिससे आप सही तरीके से साँस लेने में सक्षम होते हैं। आपको यह भी पता होना चाहिए कि जब आप पीठ के बल सोते हैं तो आपकी खर्राटे लेने की स्तिथि और खराब हो सकती है क्योंकि पीठ के बल सोने से आपकी मांसपेशियां गले के पीछे जाती हैं जिससे आपको साँस लेने में मुश्किल होती है और खर्राटे भी तेज हो जाते हैं।

(और पढ़ें – खर्राटों से छुटकारा पाने के लिए ज़रूर पिएं ये जूस)

अब आप जान ही गए होंगे कि आपको क्यों बाईं तरफ सोना चाहिए। एक दम से अपने सोने का तरीका बदलना थोड़ा मुश्किल है पर धिरे धिरे आपको आदत हो जाएगी जो आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छी होगी। आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद लेना महत्वपूर्ण है। अच्छी नींद प्राप्त करने के लिए उचित प्रकार के गद्दे का चुनाव भी महत्वपूर्ण है। यदि आप बाईं तरफ सोते हैं तो आपको नरम गद्दे का चयन करना चाहिए क्योंकि कड़ा गद्दा आपके कूल्हों और कंधों पर दबाव डाल सकता है। इसके अलावा आपको ऐसे गद्दे का चयन करना चाहिए जो आपको प्राकृतिक तौर पर आराम दे और जब आप सुबह जागें तो आपको दर्द जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़े।

और पढ़ें ...