myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

कुछ महिलाओं को 50 से कम उम्र में ही मेनोपॉज हो जाता है। इस स्तिथि को प्रीमेनोपॉज कहा जाता है, इसमें हृदय रोग होने का खतरा अधिक होता है। इस बात की पुष्टि यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड के शोधकर्ताओं ने की है। 

स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की वरिष्ठ शोधकर्ता प्रोफेसर गीता मिश्रा का कहना है कि प्रीमेनोपॉज महिलाओं में गैर-घातक हृदय संबंधी समस्या पैदा कर सकता है जैसे दिल का दौरा, एनजाइना या स्ट्रोक

प्रोफेसर मिश्रा ने कहा, जिन महिलाओं को 40 वर्ष से कम उम्र में मेनोपॉज हो जाता है उनमें 50-51 वर्ष की उम्र में मेनोपॉज होने वाली महिलाओं की तुलना में 60 साल की उम्र से पहले हृदय रोग का जोखिम दो गुना बढ़ जाता है। बता दें कि 50-51 वर्ष की उम्र को ही मेनोपॉज के लिए सही वक्त माना जाता है। जिन महिलाओं में 40 से 44 वर्ष की उम्र में मेनोपॉज होता है उनमें हृदय रोग होने की आशंका 40 प्रतिशत तक होती है।

(और पढ़ें - मेनोपॉज के बाद कैसे घटाएं वजन)

पिछले शोधों में भी समय से पहले मेनोपॉज के साथ घातक हृदय रोग के बीच कुछ संबंध पाए गए हैं। हालांकि, अभी तक गैर-घातक हृदय रोग के साथ इसके संबंध अज्ञात थे। धूम्रपान, मोटापा या अधिक वजन होना भी समय से पहले होने वाले मेनोपॉज और महिलाओं में हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है। 

कोलैबोरेटिव डाटाबैंक, इंटेरलेस का इस्तेमाल करते हुए दुनियाभर की 3 लाख से ज्यादा महिलाओं से 15 शोध के जरिए यह जानकारी जुटाई गई।

डॉ झू ने बताया कि समय से पहले मेनोपॉज होना डॉक्टर के पास अपने मरीज के साथ उसके हृदय रोग पर करीब से नजर रखने और उसकी आशंका को कम करने का एक अवसर है। मेनोपॉज के बाद के शुरुआती वर्षों से ही इस तरफ नजर रखने से भविष्य में दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

स्वस्थ जीवन हृदय रोग से बचा सकता है
अगर आप एक स्वस्थ जीवन जीवन जी रहे हैं और अपने मेनोपॉज के बाद भी उसे जारी रखते हैं तो आप में हृदय रोग और स्ट्रोक होने का खतरा कम होगा। आनुवंशिकता भी खतरे का कारण हो सकती है।

(और पढ़ें - मेनोपॉज जल्दी हो गया, कहीं ये तो नहीं असली वजह)

हृदय रोग विशेषज्ञ और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की वालंटियर डॉक्टर नीका गोल्डबर्ग का कहना है कि महिलाओं को अपना हृदय स्वस्थ रखने के लिए रोजाना व्यायाम और एक अच्छी डाइट व न्यूट्रिशन लेना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें बुरी आदतें जैसे धूम्रपान छोड़ना देनी चाहिए, क्योंकि इसके कारण समय से पहले मेनोपॉज हो सकता है। खून का थक्का जमने का खतरा भी बढ़ सकता है और यह एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन एक स्वस्थ आहार वाला खाना खाने की सलाह देता है, न्यूट्रिशन पाने के लिए निम्न व्यंजनों का सेवन करें :

इसके साथ रेड मीट और मीठे और पेय पदार्थों का सेवन कम रखें
डॉक्टर नीका गोल्डबर्ग ने बताया कि हृदय रोग से बचने के लिए महिलाओं को हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट व्यायाम करना चाहिए और वजन घटाने के लिए 300 मिनट या इससे ज्यादा प्रति सप्ताह। टहलना, साइकिल चलाना, डांस करना या तैरना और एरोबिक्स करना कुछ अच्छे व्यायाम हैं। ये ऐसी एक्सरसाइज हैं, जिनमें शरीर की बड़ी मांसपेशियों का बिना किसी रुकावट के इस्तेमाल होता है। उन्होंने इसके अलावा सलाह देते हुए कहा कि इस बात की चिंता न करें कि आपके पास फैशनेबल वर्कआउट क्लोथ्स हों या आप एक्सरसाइज करते समय कैसे दिखते हैं।

(और पढ़ें - मेनोपाॅज में ब्रेस्ट पर क्या पड़ता है असर)

उन्होंने आगे कहा, आपको इससे उबरना होगा साथ ही उन गतिविधियों को अपनाएं जो आपके लिए कारगर साबित होती हैं। इसके अलावा डॉक्टर नीका ने कहा कि वह इस बात का पता लगाने की कोशिश में लगी हुई हैं कि एस्ट्रोजन की कमी के कारण महिलाओं में हृदय रोग का खतरा बढ़ता है या नहीं और अगर बढ़ता है तो क्यों?

और पढ़ें ...
ऐप पर पढ़ें