जिन महिलाओं का कैंसर का इलाज चल रहा होता है उन्हें अक्सर अचानक ही मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्ति का अनुभव होता है, जिसके लक्षण वैसे तो बेहद कॉमन होते हैं जैसे- हॉट फ्लैशेज आदि लेकिन ये कॉमन लक्षण भी काफी ज्यादा और विस्तृत होते हैं उस मेनोपॉज की तुलना में जो प्राकृतिक रूप से होता है। ऐसे में एक नई स्टडी का सुझाव है कि फिजिकल ऐक्टिविटी यानी शारीरिक गतिविधि की तीव्रता और मात्रा मेनोपॉज के उन बढ़े हुए लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है। इस स्टडी के परिणामों को द नॉर्थ अमेरिकन मेनोपॉज सोसायटी (nams) के जर्नल मेनोपॉज में ऑनलाइन प्रकाशित किया गया है।

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कैंसर का इलाज कराने वाली महिलाओं में उभर सकते हैं गंभीर लक्षण
अगर महिला के शरीर में पेल्विक यानी श्रोणि के हिस्से में रेडियोथेरेपी होती है, सर्जरी के जरिए अंडाशय को हटाया जाता है या फिर अगर सिस्टेमिक कीमोथेरेपी होती है तो इसके परिणामस्वरूप ही मेनोपॉज के लक्षण उभर सकते हैं। जब प्रीमेनोपॉज (मेनोपॉज शुरू होने से पहले का समय) वाली या पेरिमेनोपॉज (मेनोपॉज शुरू होने का समय) वाली महिलाओं में इस तरह की प्रक्रियाएं होती हैं तो इसके परिणामस्वरुप अचानक और कभी-कभी अपरिवर्तनीय मेनोपॉज होता है जिसमें गंभीर लक्षण नजर आते हैं। विभिन्न तरह के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंडोक्राइन थेरेपी जैसे टेमोक्सीफेन का उपयोग भी मेनोपॉज के लक्षणों को बढ़ा सकता है, विशेष रूप से हॉट फ्लैशेज को।

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फिजिकल ऐक्टिविटी और मेनोपॉज के लक्षणों के बीच संबंध
इस नई स्टडी में करीब 300 महिलाओं को शामिल किया गया था जिसमें यह जांच करने की कोशिश की गई कि सेल्फ-रिपोर्टेड फिजिकल ऐक्टिविटी और मेनोपॉज के लक्षणों के बीच क्या संबंध है। इसके अतिरिक्त शोधकर्ताओं ने इस बात का भी मूल्यांकन करने की कोशिश की कि क्या लाइफस्टाइल बिहेवियर को टार्गेट करने वाले हस्तक्षेप से शारीरिक गतिविधि के लेवल और मेनोपॉज के लक्षणों में बदलाव हो सकता है। 

मध्यम से हाई लेवल ऐक्टिविटी करने वाली महिलाओं में मेनोपॉज के कम गंभीर लक्षण
स्टडी के परिणाम बताते हैं कि जो महिलाएं मीडियम से लेकर हाई लेवल तक की फिजिकल ऐक्टिविटी करती हैं उन महिलाओं में मेनोपॉज के लक्षण कम गंभीर होते हैं उन महिलाओं की तुलना में जिनकी फिजिकल ऐक्टिविटी का लेवल बेहद कम था। हालांकि यह हस्तक्षेप (इंटरवेंशन) ब्रेस्ट कैंसर, रिप्रोडक्टिव कैंसर या ब्लड कैंसर का इलाज कराने वाली महिलाओं में शारीरिक गतिविधि बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने के लिए निर्धारित नहीं किया गया था। यह कोई पहली स्टडी नहीं है जिसमें मेनोपॉज के लक्षणों और फिजिकल ऐक्टिविटी के बीच संबंध की जांच की गई हो, लेकिन यह पहली स्टडी जरूर है जिसमें खासतौर पर फिजिकल ऐक्टिविटी की गहनता और तीव्रता की जांच की गई है।  

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कम ऐक्टिविटी करना मेनोपॉज के गंभीर लक्षण का कारण हो सकती है 
मेनोपॉज के गंभीर लक्षण जिसमें खराब मानसिक स्वास्थ्य की समस्या शामिल है का संबंध गतिहीन जीवनशैली और बेहद कम फिजिकल ऐक्टिविटी से है, यहां तक ​​कि प्राकृतिक मेनोपॉज का अनुभव करने वाली महिलाओं में भी। मौजूदा स्टडी के अनुसंधानकर्ताओं ने अपनी स्टडी में पाया कि उदाहरण के लिए- जिन महिलाओं का ब्रेस्ट कैंसर का इलाज चल रहा हो वे मेनोपॉज के गंभीर लक्षणों का अनुभव करती हैं और उनके द्वारा स्वास्थ्य को बढ़ाने वाले व्यवहार में शामिल होने की संभावना भी बेहद कम होती है।  

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NAMS की मेडिकल डायरेक्टर स्टीफनी फॉबियन कहती हैं, "यह स्टडी कैंसर के साथ या बिना कैंसर वाली महिलाओं में भी एक्सरसाइज के कई ज्ञात लाभों पर प्रकाश डालती है। वैसे तो एक्सरसाइज कम परेशान करने वाले हॉट फ्लैशेज के साथ जुड़ा नहीं था, लेकिन इस स्टडी के नतीजे पहले हुई स्टडीज के नतीजों के अनुरूप है जो मेनोपॉज के अन्य लक्षणों जैसे- मूड और नींद की गड़बड़ी में भी मदद कर सकता है।"

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