सुरक्षित और स्वस्थ दीपावली के लिए टिप्स - Tips for Safe and Healthy Diwali in Hindi

सम्पादकीय विभाग के द्वारा


Posted on October 10, 2017 कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!


सुरक्षित और स्वस्थ दीपावली के लिए टिप्स - Tips for Safe and Healthy Diwali in Hindi

भारत को त्योहारों की भूमि कहा जाता है। इन्हीं पर्वों मे से एक खास पर्व है दीपावली जो दशहरा के 20 दिन बाद अक्टूबर या नवंबर के महीने मनाया जाता है। इसे भगवान राम के 14 साल का वनवास काटकर अपने राज्य में लौटेने की खुशी में मनाया जाता है। अपनी खुशी जाहिर करने के लिये अयोध्यावासी इस दिन राज्य को रोशनी से नहला देते है और साथ ही पटाखों की गूंज में सारा राज्य झूम उठता है। लेकिन क्या हम पहले जैसे हालातों में जी रहें हैं इस बात को हमें गौर करना होगा क्योंकि हमारा देश वायु प्रदूषण और ध्वनी प्रदूषण की मार झेल रहा है।

तो इस दीपावली को बिना प्रदूषण फैलाए कैसे मनाएं, इसके लिए हम आपके लिए लेकर आएं हैं दीपावली मनाने के टिप्स -

1. कम से कम पटाखे फोड़ें

 

भारत में दीपावली त्यौहार आए और लोग पटाखे न फोड़ें ऐसा तो हो नहीं सकता। आज जब पूरी दुनिया वायु प्रदूषण से जूझ रही है तो ऐसे में हमें भी अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए और पटखों का कम इस्तेमाल करना चाहिए। इसलिए जितना हो सकें कम से कम पटाखे जलाएं। ये ध्वनी प्रदूषण और वायु प्रदूषण दोनों कम करने में सहायक होगा। 

2. दिपावली के दौरान फर्स्ट एड किट हमेशा साथ रखें

पटाखे जलाते समय जलने और चोट लगने की संभावना हमेशा बनी रहती है। ऐसे में हमें हमेशा फर्स्ट एड किट साथ रखना चाहिए। फर्स्ट एड किट एक तरह का छोटा बॉक्स होता है, जिसमें मरहम-पट्टी कुछ दवाईयां आई ड्रॉप। ये सब हमें दिवाली के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जाटिलताओं से बचाते हैं। इसके अलावा सावधानी पूर्वक पटाखे जलाएं और पटखों से दूरी बनाकर रखें साथ ही स्लीपर हमेंशा पहन कर रखें। बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें। (और पढ़ें - जलने पर करें ये घरेलू उपाय)

3. जितना हो सके मीठा कम खाएं

दिपावली त्यौहार में बाज़ार में चारो तरफ रंग-बिरंगे मिठायां दिखाई देती हैं। तब मिठाई खाने से खुद को रोक पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। मगर हमें इस बात का पता होना चाहिए कि भारतीय आनुवंशिक रूप से डायबटीज से ग्रस्त होते हैं। ऐसे में जितना हो सके हमें कम से कम चीनी और स्टार्च का सेवन करना चाहिए। आजकल मिठाईयों के  निर्माण में केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। जो हमारे किडनी के लिए बेहद खतरनाक होता है। इसके अलावा ये अस्थमा और कैंसर के लिए भी बेहद नुक़सानदायक है। (और पढ़ें - दिवाली पर बनाएं शुगर फ्री मिठाइयां)

4.  सिलवर की परत चढ़ी मिठाइयों का सेवन न करें

सिलवर की परत चढ़ी मिठाइयों का सेवन न करें। इस तरह के परत में एल्यूमीनियम की मिलावट हो सकती है जो हमारे शरीर के ऊतकों में धातु को जमा करता है। ये हमारे मस्तिष्क में भी प्रवेश कर सकते हैं।

4. भीड़-भाड़ वाली जगह और सड़क के किनारे पटाखें न जलाएं

भीड़-भाड़ वाले जगहों और सड़क के किनारे पटाखें न जलाएं। इससे सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए  ख़तरनाक साबित हो सकता है।

5. इयरप्लग लगा कर रखें

जब हम पटाखें जलाते हैं, तो उस दौरान हमें इयरप्लग लगा कर रखना चाहिए। इससे पटाखों की फूटने की आवाज़ के दौरान हमारे कानों को हानि पहुंचने से  बचाया जा सकता है।

6. शराब का सेवन न करें

दीपावली के दिन हमें किसी भी हालत में शराब नहीं पीना चाहिए। इससे हम दिपावली को खूब धूम-धाम से मना सकेगें। साथ ही शराब पी कर ड्राइविंग न करें, ऐसा करना आपके और आपके परिवार दोनों के लिए ख़तरनाक साबित हो सकता है। इसलिए दीपावली अपने परिवार और दोस्तों के साथ प्यार मोहब्बत के साथ मनाएं। (और पढ़ें - शराब की लत से छुटकारा पाने के असरदार तरीके)

7. फल और कम कैलोरी वाली मिठाइयां उपहार में दें

दीपावली उपहारों का त्यौहार माना जात है। ऐसे में अपने दोस्तों और सगे-संबंधियों को उपहार में फल और कम कैलोरी वाली मिठाइयां दे। इससे अपका गिफ्ट देना भी हो जाएगा और उनकी सेहत भी अच्छी बनीं रहेगी। (और पढ़ें - कम कैलोरी वाली मिठाई)

8. प्यार-मुहब्बत और ख़ुशियों के साथ दीपावली मनाएं

दीपावली ख़ुशियों का त्यौहार हैं। इसलिए इस दीपावली को ख़ास तरीक़े से मनाएं। अगर कभी अतीत में आपका, आपके परिवार या दोस्तों में कुछ मन-मुटाव या किसी भी प्रकार के गिले-शिकवे हों, तो भूला कर एक नई शूरूआर करें। उन्हें गले लगाएं और दीपावली की मुबारक बाद दें।

 

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