बॉडीबिल्डिंग और जिम ट्रेनिंग कुछ लोगों के लिए एक जुनून है तो कुछ लोगों के लिए उनकी शारीरक आवश्यकता। हृदय संबंधी बीमारियों के बढ़ते खतरों के कारण और अपने आपको फिट देखने के लिए आज के समय में जिम में लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कुछ लोगों ने तो अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो कर जिम जाना या वर्कआउट करना शुरू कर दिया है। लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियां हैं, जिनमें हमें बॉडीबिल्डिंग या व्यायाम को नहीं करना चाहिए।

आयुर्वेद के अनुसार आपको इन परिस्थितियों में जिम या व्यायाम करने से बचना चाहिए -

  1. व्यायाम नहीं करने का कारण उचित नींद नहीं लेना - Bad to workout with no sleep in hindi
  2. वर्कआउट नहीं करें जब मांसपेशियों में हो खींचाव - Do not work out with a pulled muscle in hindi
  3. डिलीवरी के बाद न करें व्यायाम - Exercise not to do right after giving birth in hindi
  4. थकान महसूस होने पर नहीं करें एक्सरसाइज - Do not exercise when tired in hindi
  5. बीमार होने पर व्यायाम से बचें - Avoid exercise when sick in hindi
  6. शारीरक आराम के लिए बचें जिम जाने से - Rest day is important in exercise in hindi

जब बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने गज़नी फिल्म के लिए बॉडी बिल्डिंग की थी। उस समय उनको बॉडी बनाने में बहुत दिक्क्तों का सामना करना पड़ा था। उनके अनुसार जब भी वे 8 घंटे की नींद नहीं लेते थे, वे जिम नहीं करते थे। आयुर्वेद के अनुसार व्यायाम या जिम वात के स्तर को बढ़ाते है जिसके कारण भी नींद नहीं आने की समस्या हो सकती है। इसलिए वात के बढ़े हुए ऊंचे स्तर को कम करना जरूरी है। इसलिए यदि आप पिछली रात अच्छी तरह से नहीं सोए हैं तो जिम जाने से बचें।

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कभी कभी नया अभ्यास करते समय मांसपेशियों में ऐंठन या खिंचाव आ जाता है। ऐसी परिस्थितियों के दौरान मांसपेशियों के ऐंठन या खिंचाव के दूर हो जाने तक और व्यायाम से दूर रहना ज़रूरी है ताकि अत्यधिक वात उत्तेजना से बचा जा सके।

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बच्चे को जन्म देने के बाद जब तक आपका गर्भाशय सामान्य अवस्था में नहीं आ जाता है और इसके आसपास के पुट्ठा (tendons) और स्नायुबंधन (ligaments) में फिर से ताकत नहीं आती है तब तक वर्कआउट से बचना आपके लिए उचित होगा। आमतौर पर सामान्य प्रसव के मामले में 3 महीने तक और सीजेरियन सेक्शन के मामले में 6 महीने तक जिम नहीं करना चाहिए।

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आम तौर पर बहुत अधिक कार्य करने के बाद हम बहुत अधिक थका हुआ महसूस करते हैं। ऐसी परिस्थिति में हमें आराम की बहुत जरूरत होती है। यदि आपको बहुत अधिक थकान या साँस लेने की समस्या महसूस हो रही है तो एक हफ्ते तक जिम जाने से अपने आपको रोकें। उसके बाद अपनी शारीरिक स्थिति को समझें और उसके अनुसार कार्य करें।

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जब आप सूक्ष्मजीवों के कारण संक्रमित हो कर बीमार हैं तो उस हालत में आपको व्यायाम नहीं करना चाहिए। उस स्तिथि में आपको आराम की आवश्यकता होती है। इसलिए बीमारी के दौरान या बीमारी कम होने के बाद भी आपको आराम करना चाहिए जब तक आप पूरी तरह स्वस्थ ना हो जाएँ।

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कभी-कभी आपको जिम जाने का मन नहीं करता है। इसका मतलब यह होता है कि आपके शरीर को आराम की अवसक्ता है। इस स्तिथि में जब तक आपकी इच्छा-शक्ति आपको जिम जाने के लिए प्रेरित ना करे आपको जिम से बचना चाहिए। (और पढ़ें – महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक नींद क्यों चाहिए?)

अब तो आप जान गए होंगे की किन परिस्तिथियों में आपको व्यायाम करने से बचना चाहिए. यह भी ध्यान रखें की अगर अपने प्रियजनों या परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं तो जिम जाकर व्यायाम करने की बजाय अपने परिवार के साथ आउट-डोर गेम्स जैसे वॉलीबॉल, बैडमिंटन, फ़ुटबॉल और तैराकी आदि विकल्पों को चुने। ये जिम जितने ही प्रभावी हैं।


आयुर्वेद के अनुसार इन परिस्थितियों में न करें व्यायाम सम्बंधित चित्र

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