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Dabur Honey बिना डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली आयुर्वेदिक दवा है, इसके अलावा Dabur Honey का उपयोग कुछ दूसरी समस्याओं के लिए भी किया जा सकता है। इनके बारे में नीचे विस्तार से जानकारी दी गयी है। Dabur Honey के मुख्य घटक हैं शहद जिनकी प्रकृति और गुणों के बारे में नीचे बताया गया है। Dabur Honey की उचित खुराक मरीज की उम्र, लिंग और उसके स्वास्थ्य संबंधी पिछली समस्याओं पर निर्भर करती है। यह जानकारी विस्तार से खुराक वाले भाग में दी गई है।
| शहद |
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Dabur Honey 100gm इन बिमारियों के इलाज में काम आती है -
अन्य लाभ
यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Dabur Honey 100gm की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Dabur Honey 100gm की खुराक अलग हो सकती है।
| आयु वर्ग | खुराक |
| व्यस्क |
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| बुजुर्ग |
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चिकित्सा साहित्य में Dabur Honey के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Dabur Honey का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें।
Dabur Honey 100gm का पेट पर क्या असर होता है?
Dabur Honey का पेट पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता।
क्या Dabur Honey 100gm का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है?
बच्चों के लिए Dabur Honey सुरक्षित है।
क्या Dabur Honey 100gm का उपयोग शराब का सेवन करने वालों के लिए सही है
Dabur Honey का शरीर पर क्या असर होता है इस बारे में कुछ कह पाना मुश्किल है। इस पर कोई रिसर्च नहीं हो पाई है।
आप Dabur Honey 100gm को निम्नलिखित के साथ ले सकते है:
क्या Dabur Honey 100gm को गुनगुना पानी के साथ ले सकते है?
गुनगुने पानी के साथ Dabur Honey 100gm लेना बिल्कुल सुरक्षित माना जाता है।
क्या Dabur Honey 100gm को गरम पानी के साथ ले सकते है?
गर्म पानी Dabur Honey 100gm की ताकत बढ़ाता है। इसलिए, डॉक्टर गर्म पानी के साथ Dabur Honey 100gm लेने की सलाह देते हैं।
इस जानकारी के लेखक है -
BAMS, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डर्माटोलॉजी, मनोचिकित्सा, आयुर्वेद, सेक्सोलोजी, मधुमेह चिकित्सक
10 वर्षों का अनुभव
संदर्भ
Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume VI. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2008: Page No CCXLVIII-CCXLIX