स्वस्थ भोजन - Healthy Foods in Hindi


आपका स्वास्थ्य आपके जीन से लेकर हर दिन सांस लेने वाली हवा जैसी तमाम चीजों पर निर्भर करता है। जीवन में अच्छे स्वास्थ्य के लिए खाद्य और पोषक तत्व का अहम रोल होता है। जब कोई महिला गर्भवती होती है तो उसी पल से पोषण बच्चे के विकास में भूमिका अदा करने लगता है। गर्भ में पल रहा बच्चा अपनी माता से पोषण प्राप्त करता है, इसलिए गर्भवस्था के दौरान मां का सही खान पान बहुत जरूरी है। यदि मां में पोषण की कमीसंक्रमण हुआ तो इसका सीधा असर बच्चे के मस्तिष्क और उसके शरीर के विकास पर पड़ सकता है।

इसलिए, यदि आप लंबे समय तक स्वास्थ्य लाभ पाना चाहते हैं तो अपने आहार में जल्द से जल्द अच्छे और पौष्टिक खान-पान के साथ-साथ संतुलित आहार को शामिल करें। ऐसा करने से न केवल वजन बढ़ने का खतरा कम हो सकता है, बल्कि कुपोषण, मोटापा, मधुमेह, हाई बीपी, हृदय रोग, स्ट्रोक और कैंसर जैसे गैर-संचारी रोगों को भी रोका जा सकता है।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) का कहना है कि जैसे अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार महत्वपूर्ण है, वैसे ही इस आहार के अवयव या घटक उम्र, लिंग, जीवन शैली, शारीरिक गतिविधियों, स्थानीय रूप से उपलब्ध खाद्य पदार्थों के आधार पर अलग-अलग होते हैं। हालांकि, इन भिन्नताओं के बावजूद स्वस्थ खाद्य पदार्थ के मूल सिद्धांत वैश्विक स्तर पर समान हैं।

हाल ही में हुए एक शोध से यह पता चला है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए आपको किस तरह के आहार और अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। तेजी से शहरीकरण और बदलती जीवनशैली की वजह से प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों (प्रोसेस्ड फूड) की खपत अधिक होने लगी, जबकि स्वस्थ खाद्य पदार्थों की खपत में निरंतर कमी आ गई। इस बदलाव की वजह से स्वास्थ्य पर बुरा असर देखने को मिल रहा है, इसलिए अपने आहार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

  1. स्वस्थ खाद्य पदार्थों के बारे में - Healthy food groups in Hindi
  2. स्वस्थ खाद्य पदार्थों में मैक्रोन्यूट्रिएंट्स - Macronutrients in healthy foods in Hindi
  3. स्वस्थ खाद्य पदार्थों में माइक्रोन्यूट्रिएंट - Micronutrients in healthy foods in Hindi
  4. स्वस्थ भोजन खाने के लाभ - Benefits of eating healthy foods in Hindi
  5. इन खाद्य पदार्थों का न करें सेवन - Unhealthy foods to avoid in Hindi

स्वस्थ खाद्य पदार्थों के बारे में - Healthy food groups in Hindi

अपने आहार में विभिन्न प्रकार के स्वस्थ खाद्य पदार्थों को शामिल करें, ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है। आहार में विविधता लाने से न केवल आहार में दिलचस्पी बनी रहती है बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि आपको अपने शरीर की जरूरतों के लिए सभी मैक्रोन्यूट्रिएंट्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिल रहे हैं। पूर्ण पोषण के लिए पांच खाद्य समूह हैं और एक स्वस्थ आहार में यह सभी खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए। नीचे पांच खाद्य समूह दिए गए हैं, जिनसे आपको पोषण प्राप्त हो सकता है -

  1. अनाज - Grains in Hindi
  2. फल और सब्जियां - Fruits and vegetables in Hindi
  3. दूध से बने उत्पाद - Dairy products in Hindi
  4. प्रोटीन - Proteins in Hindi
  5. वसा और शुगर - Fats and sugar in Hindi

अनाज - Grains in Hindi

अनाज व अनाज से तैयार होने वाले खाद्य पदार्थ आपके आहार में कार्बोहाइड्रेट और ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत हैं। भारत में खाए जाने वाले कुछ सबसे लोकप्रिय अनाजों में सफेद चावल, ब्राउन राइस, गेहूं, जौ, बाजरा, फलियां और दाल। कार्ब्स के अलावा, ज्यादातर अनाज खनिजों, फाइटोन्यूट्रिएंट्स और कुछ विटामिनों से भरे होते हैं। यह अनाज वजन कम करने के अलावा असंख्य तरीकों से फायदेमंद साबित हो सकते हैं। हालांकि, अगर आपको पाचन तंत्र के रोग, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी), ग्लूटेन इंटोलेरेंस या गेहूं से एलर्जी है, तो इन अनाज के सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श करना अच्छा रहेगा।

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फल और सब्जियां - Fruits and vegetables in Hindi

फल और सब्जियां चाहे ताजे हों या कच्चे हों या पके हुए, यह सभी आहार में होना जरूरी हैं। इन स्वस्थ खाद्य पदार्थाें में पानी, फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट होता है। यह आहार पाचन को मजबूत करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकता है। आलू और शकरकंद जैसे स्टार्च वाली चीजों को छोड़कर फलों और सब्जियों में कैलोरी की मात्रा कम होती है और यह वजन कम करने में भी मदद करते हैं। यह बहुत जरूरी है कि आप अपने आहार में विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियों को शामिल करें और हर दिन कम से कम पांच बार इसका उपभोग करें।

दूध से बने उत्पाद - Dairy products in Hindi

भारतीय आहार में डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध, दही, पनीर, घी और चीज काफी पसंद किया जाता है, विशेष रूप से शाकाहारी भोजन में।

इन डेयरी उत्पादों में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन ए, विटामिन डी और बी12 होता है। यह सभी खनिज और विटामिन आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी होते हैं। इसके अलावा यह मांसपेशियों को मजबूत बनाने में भी सक्षम हैं। यह आपकी हड्डियों और दांतों को भी स्वस्थ रखते हैं। लैक्टोज इंटोलेरेंस से ग्रस्त लोगों को डेयरी प्रोडक्ट नहीं लेने चाहिए, इससे उन्हें एलर्जी हो सकती है।

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प्रोटीन - Proteins in Hindi

यह तो आप सभी जानते हैं कि प्रोटीन हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी है। फिर चाहे वह वह पशु आधारित प्रोटीन स्रोत जैसे चिकन, अंडा और मछली हो या पौधे आधारित.प्रोटीन जैसे सोयाबीन, टोफू, बीन्स, नट्स और बीज और यहां तक कि क्विनोआ जैसे अनाज में भी प्रोटीन पाया जाता है। इनमें से अधिकांश स्रोत खनिजों और विटामिनों से भी भरपूर हैं। हालांकि, हाई कोलेस्ट्रॉल, साल्मोनेला (salmonella) और लिस्टेरियोसिस (listeriosis) जैसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचने के लिए आपको रेड मीट (जैसे बकरा), प्रोसेस्ड मीट और अंडरकुक्ड मीट के सेवन से बचना चाहिए।

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वसा और शुगर - Fats and sugar in Hindi

जिन प्रोडक्ट्स में वसा और शुगर होती है वे सभी खाद्य पदार्थ स्वस्थ नहीं होते हैं, यही कारण है कि आपको अपने द्वारा उपयोग किए जाने वाली वसा और शुगर के प्रकार के बारे में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। जबकि पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (पीयूएफए) मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (एमयूएफए), ओमेगा3 फैटी एसिड और ओमेगा6 फैटी एसिड आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते हैं, लेकिन संतृप्त यानी सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट को अच्छा नहीं माना जाता है। इसी प्रकार फल, गुड़ और खजूर में प्राकृतिक शुगर होती है, जो कि स्वास्थ्य के लिहाज से नुकसानदायक नहीं है, लेकिन रिफाइंड शुगर व इससे बनने वाले उत्पाद जैसे केक, जैम, कुकीज, पेस्ट्री और पेय पदार्थों में अधिकतर अलग से शुगर इस्तेमाल की जाती है जो कि स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होती है। हालांकि, शरीर को वसा और शुगर की आवश्यकता होती है, इसलिए अच्छा होगा कि आप अपने आहार में उचित शुगर व वसा वाली चीजों का सेवन करें।

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स्वस्थ खाद्य पदार्थों में मैक्रोन्यूट्रिएंट्स - Macronutrients in healthy foods in Hindi

मैक्रोन्यूट्रिएंट्स ऐसे पोषक तत्व होते हैं जिनकी आपको बड़ी मात्रा में जरूरत होती है। यह शरीर की संरचना और प्रणालियों को बनाए रखने के लिए जरूरी होते हैं। मैक्रोन्यूट्रिएंट्स में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा शामिल हैं। यह शरीर के लिए ऊर्जा के मुख्य स्रोत की तरह हैं। बहुत से लोग मानते हैं कि मैक्रोन्यूट्रिएंट की खपत को नियंत्रित करने से वजन कम करने में मदद मिलती है। हालांकि, इन पोषक तत्वों को कम मात्रा में ही लेना चाहिए। निम्नलिखित तीन प्रकार के मैक्रोन्यूट्रिएंट के बारे में बताया गया है, जो कि बहुत जरूरी हैं -

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  1. कार्बोहाइड्रेट - Carbohydrates in Hindi
  2. वसा - Fats in Hindi
  3. प्रोटीन - Proteins in Hindi

कार्बोहाइड्रेट - Carbohydrates in Hindi

कार्बोहाइड्रेट शुगर के ऐसे अणु हैं, जिन्हें शरीर ग्लूकोज में तोड़ देता है। यह ग्लूकोज या ब्लड शुगर शरीर की कोशिकाओं, ऊतकों और अंगों के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। शरीर इसका उपयोग तुरंत या इसे संग्रहीत कर बाद में भी कर सकता है। कार्बोहाइड्रेट के तीन मुख्य प्रकार हैं -

  • शुगर, जिन्हें सिंपल कार्बोहाइड्रेट भी कहा जाता है यह फल, सब्जियों, दूध और प्रोसेस्ड पदार्थों में पाए जाते हैं।
  • स्टार्च, जो कि अनाज, ब्रेड, पास्ता और कुछ सब्जियों जैसे आलू, मक्का और मटर में पाए जाने वाले कार्बोहाइड्रेट होते हैं।
  • फाइबर, यह भी एक कार्बोहाइड्रेट है और यह सभी कार्बोहाइड्रेट में सबसे फायदेमंद है। यह फल, सब्जियों, नट्स, बीज, बीन्स और साबुत अनाज में पाया जाता है।

वसा - Fats in Hindi

वसा या फैटी एसिड वे पदार्थ हैं जो शरीर में खाद्य पदार्थों के टूटने पर विटामिन को अवशोषित करने में मदद करते हैं। जबकि सैचुरेटेड और ट्रांस जैसे वसा को अच्छा नहीं माना गया है, क्योंकि यह शरीर को अस्वस्थ बनाते हैं। हालांकि, शरीर को ठीक से काम करने के लिए हर दिन इसकी कुछ मात्रा की आवश्यकता होती है। यह वसा हमारे शरीर में नट्स और बीज, जैतून का तेल और अन्य ऐसे स्रोतों से प्राप्त होती है जो आवश्यक फैटी एसिड प्रदान करते हैं। इसे लिनोलिक और लिनोलेनिक एसिड कहा जाता है। ये फैटी एसिड मस्तिष्क के विकास, संज्ञानात्मक कार्य, सूजन कम करने और खून के थक्के को सामान्य रखने के लिए जरूरी हैं।

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प्रोटीन - Proteins in Hindi

प्रोटीन कार्बनिक यौगिक हैं जो कि कई तरह के अमीनो एसिड से बने होते हैं। यह अमीनो एसिड पेप्टाइड, सल्फहाइड्रिल और हाइड्रोजन बॉन्ड से जुड़े होते हैं। इन्हें कई वर्गाें में बांटा जा सकता है जैसे सिंपल प्रोटीन, कंजुगेटेड प्रोटीन और डिराइव्ड प्रोटीन। यह सभी प्रोटीन मिलकर शरीर को हार्मोन से न्यूरोट्रांसमीटर तक सब कुछ पैदा करने में मदद करते हैं। ये प्रोटीन न केवल पशु और डेयरी प्रोडक्ट में पाए जाते हैं, बल्कि पौधों में हरी पत्तेदार सब्जियों, कुछ अनाज, नट और बीज में भी पाए जाते हैं।

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स्वस्थ खाद्य पदार्थों में माइक्रोन्यूट्रिएंट - Micronutrients in healthy foods in Hindi

माइक्रोन्यूट्रिएंट को आमतौर पर सिर्फ विटामिन और खनिज के रूप में जाना जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितना कि मैक्रोन्यूट्रिएंट। हो सकता है कि आपको इन पोषक तत्वों की बहुत ज्यादा मात्रा में आवश्यकता ना हो, लेकिन यह काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि विटामिन, खनिज, फाइटोन्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सिडेंट्स के बिना आपका पूरा शरीर ठीक से काम करने में सक्षम नहीं हो पाता है।

दुनियाभर में ऐसी बीमारियां जिनकी वजह से पोषण संबंधी कमियां होती हैं, उनका कारण माइक्रोन्यूट्रिएंट का पर्याप्त मात्रा में न होना है। आमतौर पर मैक्रोन्यूट्रिएंट्स के स्रोतों का सेवन आपके आहार को पर्याप्त माइक्रोन्यूट्रिएंट प्रदान करता है। हालांकि, अगर कोई कमी या खराबी है, तो आपको अपने आहार को ठीक करने और आहार की खुराक लेने के बारे में डॉक्टर से परामर्श करने की आवश्यकता पड़ सकती है। आपके शरीर के लिए कुछ माइक्रोन्यूट्रिएंट निम्नवत हैं -

  1. वाॅटर साॅल्यूबल विटामिन - Water-soluble vitamins in Hindi
  2. फैट साॅल्यूबल विटामिन - Fat-soluble vitamins in Hindi
  3. माइक्रोमिनरल - Microminerals in Hindi
  4. ट्रेस मिनरल्स - Trace minerals in Hindi
  5. फाइटोन्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट - Phytonutrients and antioxidants in Hindi

वाॅटर साॅल्यूबल विटामिन - Water-soluble vitamins in Hindi

विटामिन बी और विटामिन सी पानी में घुलनशील विटामिन हैं। विटामिन बी12 के अलावा, अन्य सभी पानी में घुलनशील होते हैं। यह शरीर में जमा नहीं होते हैं और मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं। यही कारण है कि आपको नियमित रूप से साबुत अनाज, अंडे, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और शिमला मिर्च, मछली और खट्टे फलों का सेवन करके इन विटामिनों की पूर्ति करने की आवश्यकता होती है। पानी में घुलनशील विटामिन का मुख्य कार्य ऊर्जा का उत्पादन करना, कोशिका को सरंक्षित रखना, चयापचय से जुड़ी परेशानी को कम करना और लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ाना है।

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फैट साॅल्यूबल विटामिन - Fat-soluble vitamins in Hindi

जैसे पानी में घुलने वाले विटामिन होते हैं ठीक वैसे ही इसके विपरीत यानी वसा में घुलनशील विटामिन भी होते हैं। यह लिवर और वसायुक्त ऊतकों में जमा होते हैं। वसा में घुलने वाले विटामिन में विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन ई और विटामिन के शामिल हैं। ये विटामिन प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, सूजन और फ्री रेडिकल को रोकने के लिए एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करने, दृष्टि में सुधार करने और खून के थक्के को सपोर्ट करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। वसा में घुलनशील विटामिन हरी पत्तेदार सब्जियों, बादाम, शकरकंद, दूध और सोयाबीन में पाए जाते हैं।

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माइक्रोमिनरल - Microminerals in Hindi

कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, सोडियम और पोटैशियम जैसे सामान्य खनिजों को माइक्रोमिनरल के रूप में जाना जाता है। ये सूक्ष्म पोषक तत्व दूध और डेयरी प्रोडक्ट, हरी पत्तेदार सब्जियों, काले बीन्स, दाल, केले और मछली की कुछ किस्मों जैसे सैल्मन में मौजूद होते हैं। ये माइक्रोमिनरल बीपी के स्तर को नियंत्रित करने, मांसपेशियों की मजबूती में सुधार करने और हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने जैसे कई शारीरिक कार्यों में मदद करते हैं।

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ट्रेस मिनरल्स - Trace minerals in Hindi

ट्रेस मिनरल्स उन्हें कहते हैं, जिनकी आवश्यकता सूक्ष्म पोषक तत्वों की तुलना में कम मात्रा में होती है। इन खनिजों में आयरन, मैंगनीज, तांबा, जस्ता और सेलेनियम शामिल हैं। आपको इन ट्रेस मिनरल्स की कम मात्रा में ही सही, लेकिन आवश्यकता होती है। यह शरीर के कई कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इन कार्याें में तंत्रिका तंत्र के कार्यों को बनाए रखना, घावों को भरना, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (शरीर में फ्री रेडिकल्स और एंटीऑक्सिडेंट के बीच असंतुलन) से कोशिकाओं का बचाव करना और मांसपेशियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति करना शामिल हैं।

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फाइटोन्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट - Phytonutrients and antioxidants in Hindi

फाइटोन्यूट्रिएंट्स को फाइटोकेमिकल्स के रूप में भी जाना जाता है। यह पौधों में पाए जाने वाले प्राकृतिक यौगिक हैं। ज्यादातर फाइटोन्यूट्रिएंट्स में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो कि आपके स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद हैं। कैरोटेनॉयड्स, फ्लेवोनोइड्स, करक्यूमिन और कैप्साइसिन जैसे फाइटोन्यूट्रिएंट्स साधारण पौधों, फल, सब्जियों, हल्दी और यहां तक कि मिर्च में भी पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट कुछ हद तक फाइटोन्यूट्रिएंट्स के समान होते हैं जो कि ग्रीन टी, दालचीनी और अधिकांश जड़ी-बूटियों में पाए जाते हैं।

स्वस्थ भोजन खाने के लाभ - Benefits of eating healthy foods in Hindi

हर दिन स्वस्थ खाद्य पदार्थों का सेवन करना आवश्यक है, क्योंकि वे जीवन भर स्वास्थ्य को बनाए रखने में आपकी मदद कर सकते हैं। स्वस्थ खाद्य पदार्थों में अनाज और लीन प्रोटीन से लेकर फलों और सब्जियों तक कई प्रकार के खाद्य पदार्थ शामिल हैं। कई लोग मानते हैं कि कार्ब्स और फैट न लेने से उनके स्वास्थ्य को कोई नुकसान नहीं हो सकता है, लेकिन वास्तव में यह सभी मैक्रोन्यूट्रिएंट्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स आपके स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और जरूरी है कि इन्हें छोटी-छोटी खुराकों में लेते रहें।

स्वस्थ आहार लेने से होने वाले फायदों में वो सभी शामिल हैं, जो क्रोनिक और संभावित घातक बीमारियों की रोकथाम कर सकता है। इसके अलावा यह शारीरिक और संज्ञानात्मक कार्यों को भी बनाए रखता है। स्वस्थ खाद्य पदार्थ खाने से प्रजनन स्वास्थ्य, यौन स्वास्थ्य और विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हार्मोन का संतुलन बना रहता है। कई स्वस्थ खाद्य पदार्थ, विशेष रूप से जिनमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, उनमें कैंसर को रोकने की भी क्षमता होती है। यह पाचन को बेहतर करते हैं और आपको बेहतर नींद में मदद करते हैं।

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इन खाद्य पदार्थों का न करें सेवन - Unhealthy foods to avoid in Hindi

ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं जिनका लोग आजकल सिर्फ इसलिए सेवन करते हैं क्योंकि वे स्वादिष्ट हैं आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं या सस्ते हैं, लेकिन वे स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं होते हैं। सही खानपान या स्वस्थ्य आहार न लेने से मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग, तेजी से उम्र बढ़ना और संज्ञानात्मक कार्याें में कमी जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

अक्सर, इन अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की मार्केटिंग 'कम्फर्ट फूड' के रूप में की जाती है, जिस वजह से लोग इन प्रोडक्ट का अधिक उपभोग करते हैं। लेकिन बता दें, कि यह फूड जितनी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, उतने ही नुकसानदायक होते हैं। हालांकि, इन फूड्स का सेवन पूरी तरह से छोड़ देना मुश्किल हो सकता है, इसलिए बेहतर होगा इनका सेवन धीरे-धीरे कम किया जाए और इनकी जगह अच्छे खान-पान को आहार में शामिल करें। निम्नलिखित कुछ अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ हैं जिनसे आपको बचना चाहिए।

  1. सोडियम की अतिरिक्त मात्रा - Excess sodium in Hindi
  2. अलग से मिलाई गई शुगर - Added sugar in Hindi
  3. सैचुरेटेड और ट्रांस फैट - Saturated and trans fats in Hindi
  4. रिफाइंड ग्रेन - Refined grains in Hindi

सोडियम की अतिरिक्त मात्रा - Excess sodium in Hindi

भले ही प्रोसेस्ड फूड में सोडियम की मात्रा अतिरिक्त होती है, लेकिन आहार में सोडियम का मुख्य स्रोत नमक होता है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि अधिकांश लोग बहुत अधिक नमक का सेवन करते हैं। वास्तव में, जितना लोगों को नमक का सेवन करना चाहिए वे उससे दोगुनी मात्रा में करते हैं। एक वयस्क व्यक्ति को प्रति दिन पांच ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिए। सोडियम की अत्यधिक मात्रा की वजह से हाई बीपी, हृदय रोग, दिल का दौरा और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक का सेवन करने से हर साल अनुमानित 25 लाख लोगों की मौत को रोका जा सकता है।

अलग से मिलाई गई शुगर - Added sugar in Hindi

हो सकता है कि आपको इस बात का एहसास न हो, लेकिन अलग से मिलाई जाने वाली शुगर जंक फूड और पेय पदार्थों से लेकर उन डेजर्ट में भी पायी जाती है, जिन्हें आप शौक से खाते हैं। इस अतिरिक्त शुगर के सेवन से मोटापा, मधुमेह और दांतों को नुकसान हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि वयस्कों और बच्चों दोनों को आदर्श रूप से दैनिक कैलोरी का केवल छह से 10 प्रतिशत चीनी का सेवन करना चाहिए। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, मोटे तौर पर 25 ग्राम से कम चीनी का उपभोग करने पर अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ हो सकता है।

हालांकि, इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हमारे शरीर में शुगर फलों, सब्जियों और अन्य स्वस्थ खाद्य पदार्थों से आती है, इसलिए आपको बस इतना करना है कि शुगर के अतिरिक्त स्रोतों को बंद कर दें।

सैचुरेटेड और ट्रांस फैट - Saturated and trans fats in Hindi

डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि दैनिक ऊर्जा सेवन का केवल 10 प्रतिशत से कम सैचुरेटेड फैट और 1 प्रतिशत से कम ट्रांस फैट का सेवन करना चाहिए। जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड या तला खाना खाने से बचना चाहिए। डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि ट्रांस फैट की वजह से 50,0000 से ज्यादा लोगों की मौतें हो जाती हैं, यही कारण है कि आपको इन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए।

रिफाइंड ग्रेन - Refined grains in Hindi

प्राकृतिक रूप से प्राप्त अनाज का यदि उपयोग किया जाए तो यह बेहद फायदेमंद होता है, क्योंकि इनमें फाइबर, जरूरी विटामिन, खनिज और यहां तक कि फाइटोन्यूट्रिएन्ट्स होते हैं। जबकि रिफाइंड ग्रेन या परिष्कृत अनाज जैसे मैदा का सेवन स्वास्थ संबंधी कई परेशानियों से जुड़ा हुआ है, जिसमें हृदय रोग का जोखिम, टाइप 2 मधुमेह और मोटापा शामिल हैं। यही कारण है कि ज्यादातर डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ परिष्कृत अनाज की जगह साबुत अनाज लेने की सलाह देते हैं।

(और पढ़ें - मोटापा कम करने के लिए क्या खाना चाहिए)

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