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कुत्तों में पिस्सू से एलर्जी क्या है?

पिस्सू छोटे परजीवी होते हैं, जो आमतौर पर कुत्तों में पाए जाते हैं। खून चूसने वाले इन पिस्सुओं की वजह से शरीर में एलर्जी होने लगती है। यह किसी पालतू जानवर में होने वाला सबसे आम त्वचा संबंधी रोग है। यह समस्या आमतौर पर एक से पांच साल की उम्र के कुत्तों को प्रभावित करती है, लेकिन कुछ मामलों में यह किसी भी उम्र में हो सकती है। ऐसा माना जाता है कि जब पिस्सू काटता है, तो उसके मुंह से एक विशेष लार निकलती है, जो कुत्तों की त्वचा में एलर्जी पैदा करती है।

यहां पर पिस्सू और टिक्स के बीच में कई लोगों को भ्रम हो सकता है, इसलिए दोनों के बीच के अंतर और सामान्यताओं को समझना जरूरी है।

पिस्सुओं की तरह टिक्स भी कुत्तों को संक्रमित कर सकते हैं। वैसे तो दोनों ही परजीवी हैं, लेकिन यह एक प्रजाति के नहीं है। इन दोनों परजीवियों की मुख्य समानता यही है कि यह दोनों कुत्ते की त्वचा पर पाए जाते हैं और संक्रमण फैलाते हैं।

टिक्स में छह से आठ पैर होते हैं और दिखने में यह छोटी मकड़ी की तरह होते हैं, जबकि पिस्सू बिना पंख के कीट होते हैं, जिनमें कूदने की क्षमता होती है। टिक्स अपने खाने के लिए एक पालतू जानवर से दूसरे पालतू जानवर में जा सकते हैं, लेकिन पिस्सू जीवनभर एक ही कुत्ते पर रहते हैं। यह दोनों परजीवी वातावरण के मामलों में भी भिन्न हो सकते हैं, क्योंकि टिक्स पूरे वर्ष भर प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन पिस्सू केवल गर्म महीनों में पनपते हैं।

  1. कुत्तों में पिस्सू से एलर्जी के लक्षण - Kutte me pissu ke lakshan
  2. कुत्तों में पिस्सू से एलर्जी का कारण - Kutte me pissu ke karan
  3. कुत्तों में पिस्सू से एलर्जी का परीक्षण - Kutte me pissu ka parikshan
  4. कुत्तों में पिस्सू से एलर्जी का इलाज - Kutte me pissu ka ilaj
  5. कुत्तों में पिस्सू चक्र क्या है? - Kutte me pissu kaisi badhte hai

कुत्तों में पिस्सू से एलर्जी के संकेत क्या हो सकते हैं?

पिस्सू आपके कुत्ते की त्वचा पर लाल रंग के छोटे व ऊभरे हुए निशान छोड़ते हैं और यदि कुत्ते इन डॉट्स वाले हिस्सों में खुजली करते हैं तो यह सूजन का कारण बन सकता है। इसके अलावा, कुछ कुत्तों में दूसरों की तुलना में पिस्सू के काटने पर तेजी से प्रभाव दिख सकता है। यह परजीवी त्वचा के जिस हिस्से पर काटते हैं, उस पर सूजन आने लग सकती है। फिलहाल, पिस्सू से एलर्जी होने पर निम्न लक्षणों को पहचाना जा सकता है:

  • गंभीर रूप से खरोंच और खुजली के निशान
  • त्वचा लाल हो जाना
  • मुंह या पंजो द्वारा खुजली करना
  • बाल झड़ना
  • प्रभावित त्वचा की मोटाई बढ़ना या पपड़ी आना
  • पूंछ व उसके आसपास के हिस्से में सूजन व लालिमा होना

कई पिस्सूओं की वजह से कुत्ते में खून की कमी, अत्यधिक सुस्ती, वजन कम होना, मसूड़ों में पीलापन होना और सांस फूलने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह ज्यादातर कम या बड़ी उम्र के या फिर कमजोर कुत्तों में देखा जाता है।

कुत्तों में पिस्सू से एलर्जी की वजह क्या हो सकती है?

दुनिया में पिस्सुओं की 2,200 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जो पिस्सू कुत्तों को सबसे अधिक प्रभावित करता है, वह ज्यादातर बिल्लियों में पाया जाता है, इन्हें वैज्ञानिक रूप से "टेनोसेफेलाइड्स फेलिस" के नाम से जाना जाता है। बिल्ली में पाए जाने वाले पिस्सुओं के अलावा, टेनोसेफेलाइड्स कैनिस (डॉग फ्ली) और एकिड्नोफेगा गैलिनेसिया (स्टिक फास्ट फ्ली) भी कुत्तों में पिस्सू से होने वाली एलर्जी का कारण बन सकती है।

कुत्तों में पिस्सू से एलर्जी का निदान कैसे किया जा सकता है?

कुत्तों में पिस्सुओं से होने वाली एलर्जी का परीक्षण करना कई बार थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि पिस्सू की पहचान करने में सबसे बड़ी समस्या कुत्ते के कान के घने फर हैं। फिलहाल यदि आप कुत्ते की त्वचा पर पिस्सू या उनकी गंदगी पाते हैं, तो हो सकता है कि आपके कुत्ते को पिस्सू से एलर्जी हो। इस बीमारी की पुष्टि के लिए पशुचिकित्सक कुछ स्किन टेस्ट कर सकते हैं।

कुत्तों में पिस्सू से एलर्जी का उपचार क्या है?

पिस्सुओं से होने वाली एलर्जी के लिए मेडिकल स्टोर पर कई प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें से कुछ तो डॉक्टर की पर्ची के बिना ही मिल जाती हैं। हालांकि अपने कुत्ते के लिए किसी भी प्रकार के उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा पशु चिकित्सक से इस बारे में सलाह ले लें। क्योंकि कई बार इस बीमारी की गंभीरता के आधार पर, पिस्सू की समस्या को नियंत्रण करने की दवा दी जाती है।

स्पॉट-ऑन ट्रीटमेंट: यह तरल के रूप में दवा है, जिसे त्वचा के प्रभावित हिस्से पर लगाया जाता है। स्पॉट-ऑन कुछ प्रकार की कीटनाशक दवाएं होती हैं, जिनमें मुख्य रूप से डेल्टामेथ्रिन, डायनोटफ्यूरॉन, फिप्रोनिल, इमिडेक्लोप्रिड, इंडोक्सेकार्ब, पेरमेथ्रिन, पायरीप्रोक्सीफेन और सेलामेक्टिन आदि शामिल हैं। इन कीटनाशकों में से कुछ वयस्क पिस्सू को नष्ट करते हैं, जबकि अन्य व्यस्क पिस्सू को पनपने से रोकते हैं।

दवाई: इस बीमारी में चार हफ्ते तक के कुत्ते के ऐसे बच्चों को नाइटेनपाइरम (एक कीटनाशक) दी जा सकती है, जिनका न्यूनतम वजन दो पाउंड (900 ग्राम से अधिक) से अधिक नहीं है। पिस्सू की समस्या में दी जाने वाली दवा को मौखिक रूप से दिया जा सकता है। घने फर वाले कुत्तों में इस दवा को इंजेक्शन के जरिए दिया जा सकता है। यह अंडे के विकास को वयस्क पिस्सू बनने से रोकता है, इस प्रकार यह पिस्सुओं की पैदावारी को धीरे-धीरे समाप्त कर देता है।

शैम्पू: पिस्सू को शरीर से बाहर करने के लिए कुछ विशेष शैम्पू बाजार में उपलब्ध हैं। हालांकि वे पिस्सुओं को मार नहीं सकते हैं, लेकिन वे कुत्ते की त्वचा से पिस्सू को हटा सकते हैं।

कॉलर: पिस्सुओं की समस्या में पिस्सू कॉलर का प्रयोग किया जा सकता है। यह कुत्ते की गर्दन में पहनाए जाने वाला पट्टा है, लेकिन पिस्सुओं के उपचार के लिए बाजार में उपलब्ध विशेष पट्टे से धीरे-धीरे रसायन (इमिडाक्लोप्रिड और फ्लुमेथ्रिन) निकलता है, जो पिस्सू लार्वा को कोकून बनने से रोकने में मदद करता है। यह पिस्सू और टिक्स के खिलाफ आठ महीने तक प्रभावी रह सकता है। कुछ पिस्सू कॉलर की वजह से पालतू जानवरों को जलन की समस्या हो सकती है। ऐसे में ध्यान रहे कि पिस्सू कॉलर अच्छी गुणवत्ता का हो।

कंघी: सुरक्षित रूप से पिस्सू को निकालने के लिए एक विशेष प्रकार की दांतेदार कंघी का प्रयोग किया जा सकता है। इस कंघी को चार सप्ताह से कम पिल्ले पर इस्तेमाल किया जाता है।

ध्यान रहे कि सफेद बैकग्राउंड के ऊपर ही कंघी (अच्छी गुणवत्ता वाली) का प्रयोग करें ताकि इन पिस्सुओं को आसानी से देखा जा सके। यह पिस्सू के साथ-साथ उनकी गंदगी को भी दूर कर सकता है, जो कुत्ते के फर से चिपक जाते हैं।

याद रखें, कि भले ये पिस्सू उड़ नहीं सकते हैं, लेकिन आसानी से आपके पालतू से घर के किसी फर्नीचर पर कूद सकते हैं। यदि आप अपने पालतू जानवरों पर पिस्सू या पिस्सू की गंदगी नोटिस करते हैं, तो अपने घर में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था बनाकर रहें, भले ही आप अपने पालतू जानवर का इलाज करा रहें हों।

अपने कुत्ते को कोई भी दवा देने से पहले पशु चिकित्सक से बात करें और यह सुनिश्चित करें कि उसे सही खुराक उचित मात्रा में दी जाए। 

कुत्तों में पिस्सू कैसे पनपते हैं?

पिस्सू के जीवन में चार चरण होते हैं- अंडा, लार्वा, प्यूपा और वयस्क पिस्सू।

वयस्क पिस्सू ज्यादातर कुत्तों और बिल्लियों जैसे जानवरों की त्वचा पर पाए जाते हैं। यहीं वे अंडे देते हैं। ये जिंदा रहने के लिए खून चूसते हैं।

जब भी आपका कुत्ता खुजली करे या खुद को झटके से हिलाए या कहीं लेटे, तो उसके शरीर के बालों को ज़रूर जांच लें। ये उसके शरीर में पिस्सू होने के संकेत हैं जो इसी दौरान घर के कई हिस्सों में फैलते हैं।

प्यूपा स्टेज के दौरान लार्वा कोकून (अंडे जैसी खोल) बनाते हैं। फिर एक वयस्क पिस्सू बनने के लिए उस खोल से निकल जाते हैं। उसके बाद वयस्क पिस्सू फिर से कुत्ते के शरीर पर अंडे देते हैं। इस तरह उनका जीवनचक्र पूरा होता है।

एक वयस्क पिस्सू कुत्ते के शरीर पर अंडे देकर उन्हें खोल समेत छोड़ देता है और वहां से अंडों का जीवनचक्र शुरु होता है।

यह चक्र कुत्ते की त्वचा पर ही चलता है, जब तक इन पिस्सूओं को पूरी तरह से नष्ट न किया जाए।

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