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स्पॉन्डिलाइटिस - Spondylitis in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS

July 10, 2017

March 06, 2020

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स्पॉन्डिलाइटिस
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परिचय

स्पॉन्डिलाइटिस, जिसे कभी-कभी "स्पॉन्डिलोअर्थराइटिस" कहा जाता है, गठिया का एक रूप है जो आम तौर पर रीढ़ की हड्डी में होता है, हालांकि यह अन्य जोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है। वास्तव में, "स्पॉन्डिलाइटिस" शब्द संबंधित बीमारियों के समूह से जुड़ा हुआ है जिनकी प्रगति और लक्षण तो समान हैं, लेकिन ये बीमारियां शरीर के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करती हैं।

यह कशेरुक (वर्टिब्रे: कई कशेरुक मिल कर रीढ़ की हड्डी बनाती हैं) की गंभीर सूजन का कारण बनती है जो अंततः गंभीर पीड़ा और अक्षमता का कारण बनती है। कई गंभीर मामलों में, सूजन के कारण रीढ़ की हड्डी पर एक नई हड्डी बन सकती है (बोन स्पर)। इससे शारीरिक विकृति भी हो सकती है। इसमें, पीठ में कशेरुक एक साथ फ्यूज हो जाते हैं जिससे कूबड़ होता है और लचीलेपन में कमी आती है। कुछ मामलों में, इससे पसलियां भी प्रभावित होती हैं जिससे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। स्पॉन्डिलाइटिस महिलाओं की तुलना में पुरुषों को अधिक प्रभावित करता है।

स्पॉन्डिलाइटिस से होने वाली समस्याओं में से एक ये है की इससे ग्रस्त लोगों को काम करते वक़्त नहीं बल्कि आराम करते वक़्त या रात को सोते वक़्त कमर में दर्द होता है। जब रीढ़ की हड्डी के भीतर स्पॉन्डिलाइटिस विकसित होता है, तो कशेरुका स्तंभ (वर्टिब्रल कॉलम) में अत्यधिक सूजन हो जाती है।

स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षण - Ankylosing Spondylitis Symptoms in Hindi

स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षण क्या हैं?

स्पॉन्डिलाइटिस के सबसे आम प्रारंभिक लक्षण निम्नलिखित हैं :

डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर आपको निचली पीठ या कूल्हों में दर्द होता है जो सुबह बढ़ जाता है और उससे रात सोने में भी परेशानी रहती है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। अगर आप या कोई प्रियजन हार्ट फेल होने के लक्षणों का अनुभव करते हैं जैसे कि सीने में दर्द, सांस की तकलीफ, थकान और कन्फ्यूजन, तो तुरंत एम्बुलेंस कॉल करें।

स्पॉन्डिलाइटिस के कारण - Ankylosing Spondylitis Causes in Hindi

स्पॉन्डिलाइटिस क्यों होता है?

वर्तमान में स्पॉन्डिलाइटिस का कारण अज्ञात है। अधिकांश स्पॉन्डिलाइटिस से ग्रस्त लोगों में एचएलए-बी 27 (HLA-B27) नामक जीन पाया जाता है। यद्यपि इस जीन वाले लोगों को स्पॉन्डिलाइटिस होने की आशंका अधिक होती है, लेकिन यह ऐसे में भी पाया जाता है जिनमें ये जीन नहीं होता।

यह विकार अनुवांशिक होता है, इसलिए इसके होने में जेनेटिक्स भी एक भूमिका निभाते हैं। यदि किसी व्यक्ति के परिवार में इस बीमारी का इतिहास है तो उसे स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित होने की अधिक आशंका रहती है। स्पॉन्डिलाइटिस से जुड़े कुछ कारण निम्नलिखित हो सकते हैं :

जोखिम कारक

निम्नलिखित कारक स्पॉन्डिलाइटिस के जोखिम को बढ़ा देते हैं :

  • आयु : स्पॉन्डिलाइटिस ज्यादातर किशोरों और युवा वयस्कों को होता है।
  • आनुवंशिकता : स्पॉन्डिलाइटिस से ग्रस्त अधिकांश लोगों में एचएलए-बी 27 (ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन) जीन पाया जाता है। हालांकि, कई मामलों में ये जीन न होने वाले लोगों को भी स्पॉन्डिलिटिस से ग्रस्त पाया गया है।
  • लिंग : महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ये बीमारी होने की अधिक आशंका रहती है।

(और पढ़ें - स्पोंडिलोसिस क्या है)

स्पॉन्डिलाइटिस से बचाव - Prevention of Ankylosing Spondylitis in Hindi

स्पॉन्डिलाइटिस से बचने के उपाय क्या हैं?

स्पॉन्डिलाइटिस से बचने का कोइ उपाय नहीं है क्योंकि इसके होने का कारण ज्ञात नहीं है। हालांकि, अगर आपको ये बीमारी है, तो आप इससे होने वाली समस्याओं के लिए निम्न उपाय कर सकते हैं :

चूंकि स्पॉन्डिलाइटिस से ग्रस्त लोगों को आसानी से गर्दन या पीठ में चोट लग सकती है, इसलिए झटकों (जैसे कूदने या गिरने) से बचने के लिए विशेष देखभाल की जानी चाहिए।

एक स्वस्थ जीवनशैली के साथ परंपरागत उपचार, बीमारी की गति और प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।

(और पढ़ें - स्वस्थ जीवन जीने के तरीके)

स्पॉन्डिलाइटिस का परीक्षण - Diagnosis of Ankylosing Spondylitis in Hindi

स्पॉन्डिलाइटिस का परीक्षण कैसे होता है?

इस प्रकार के गठिया के परीक्षण में ज्यादा समय लग सकता है। स्पॉन्डिलाइटिस का परीक्षण करने में सहायता के लिए अक्सर एक संधिविज्ञानी (Rheumatologist) से परामर्श लिया जाता है। ये डॉक्टर गठिया के इलाज में माहिर होते हैं।

सबसे पहले मरीज का शारीरिक परीक्षण किया जाता है। बीमारी के सही निर्धारण के लिए, डॉक्टर आपको विभिन्न तरीकों से अपनी पीठ को मोड़ने के लिए कह सकते हैं। डॉक्टर आपकी छाती की परिधि (सरकमफ्रेंस) की जांच कर सकते हैं। डॉक्टर आपके श्रोणि (pelvis) के विभिन्न हिस्सों को दबा कर दर्द वाले हिस्से की खोज करते हैं। डॉक्टर आपसे आपके दर्द और लक्षणों के बारे में जानकारी भी मांगेंगे।

इसके बाद, डॉक्टर निम्नलिखित परीक्षणों और स्कैन के लिए कह सकते हैं ताकि आगे का उपचार तय किया जा सके :

  • पीठ और श्रोणि (पेल्विस) का एक्स-रे
  • एमआरआई स्कैन
  • सूजन की जांच करने और अन्य आशंकाओं को दूर करने के लिए ब्लड टेस्ट और अन्य लैब टेस्ट
  • किसी भी सूजन का पता करने के लिए एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (erythrocyte sedimentation rate) नामक रक्त परीक्षण भी किया जा सकता है। प्रोटीन एचएलए-बी 27 का पता करने हेतु रक्त परीक्षण भी किया जा सकता है। हालांकि, एचएलए-बी 27 परीक्षण का मतलब यह नहीं है कि आप स्पॉन्डिलाइटिस से ग्रस्त हैं। यह केवल ये निर्धारित करता है कि आपके शरीर में इस प्रोटीन का उत्पादन करने वाला जीन मौजूद है।

स्पॉन्डिलाइटिस का इलाज - Ankylosing Spondylitis Treatment in Hindi

स्पॉन्डिलाइटिस ट्रीटमेंट क्या है?

स्पॉन्डिलाइटिस का कोई सीधा इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन ऐसे उपचार नौजूद हैं जो इससे होने वाली असुविधा को कम कर सकते हैं और शारीरिक क्रियाओं में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। उपचार का लक्ष्य दर्द और अकड़न को कम करना, अच्छी मुद्रा बनाए रखना, विकृति को रोकना और सामान्य गतिविधियों को करने की क्षमता को संरक्षित करना है। गंभीर विकृतियों से पीड़ित रोगियों के इलाज लिए ऑस्टियोस्टॉमी और फ्यूजन भी किया जा सकता है।

स्पॉन्डिलाइटिस के निम्नलिखित उपचार हो सकते हैं :

दवाइयां

नॉनस्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) नेप्रोक्सेन (Naprosyn) और इंडोमेथेसिन (इंडोसिन) जैसी दवाएं हैं जिनका डॉक्टर ऐसी स्थिति का इलाज करने के लिए सबसे अधिक उपयोग करते हैं।

यदि दर्द और असुविधा अभी भी बनी रहती है, तो डॉक्टर टीएनएफ (ट्यूमर नेक्रोसिस कारक) ब्लॉकर्स लिख सकते हैं।

थेरेपी

फिजियोथेरेपी लचीलेपन और शारीरिक शक्ति में सुधार करके स्पॉन्डिलाइटिस का इलाज करने के लिए सबसे आम और सबसे अच्छी नॉन-सर्जिकल विधि है।

सर्जरी

ऑपरेशन की सलाह बहुत पुरानी स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या से ग्रस्त मरीजों को दी जाती है। स्पॉन्डिलाइटिस के अधिकांश मामलों में सर्जरी के बिना इलाज किया जा सकता है।

प्राकृतिक उपचार

पारंपरिक चिकित्सा उपचारों के अलावा, कुछ प्राकृतिक उपचार भी स्पॉन्डिलाइटिस से होने वाली पीड़ा को कम करने में मदद कर सकते हैं। इन उपचारों का अकेले भी उपयोग किया जा सकता है या इन्हें अन्य उपचारों के साथ भी जोड़ा जा सकता है। डॉक्टर से बात करें कि कौन से उपचार एक साथ किए जाने के लिए सुरक्षित और आपके लिए सबसे अच्छे हैं। निम्न प्राकृतिक उपचार आपको राहत पहुँचाने में सक्षम हैं :

  • योग करना स्पॉन्डिलाइटिस में अत्यंत उपयोगी माना जाता है। 
  • रेंज-ऑफ-मोशन (गति सीमा) अभ्यास, साथ ही ताकत-प्रशिक्षण अभ्यास, स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। ये दोनों अभ्यास जोड़ों को मजबूत कर सकते हैं और उन्हें अधिक लचीला होने में मदद कर सकते हैं। डॉक्टर आपको एक शारीरिक चिकित्सक के पास भी भेज सकते हैं ताकि आप सीख सकें कि इन अभ्यासों को सही सुरक्षित तरीके से कैसे किया जाए।
  • स्ट्रेचिंग आपके जोड़ों को अधिक लचीला बनाती है और ताकत में सुधार करती है। इससे जोड़ों में कम दर्द होता है और गति सीमा बेहतर होती है।
  • रीढ़ की हड्डी में अकड़न से खराब मुद्रा की समस्या हो सकती है। समय के साथ, रीढ़ की हड्डी में फ्यूजन के चलते कूबड़ की समस्या हो सकती है। अच्छी मुद्रा के अभ्यास से इसका जोखिम कम किया जा सकता है।
  • हीटिंग पैड या गर्म पानी से स्नान रीढ़ और अन्य प्रभावित जोड़ों में दर्द और अकड़न को कम करने में मदद करता है। आइस पैक जोड़ों में सूजन और दर्द को कम करता है।
  • एक्यूपंक्चर दर्द और स्पॉन्डिलाइटिस के अन्य लक्षणों में राहत दे सकता है। इसमें दर्द में राहत देने वाले प्राकृतिक हार्मोन को सक्रिय किया जाता है।
  • मालिश आरामदेय और उत्साहवर्धक होने के अलावा, आपको लचीलापन बनाए रखने और गति सीमा में सुधार करने में मदद करती है। मालिश चिकित्सक अवश्य बताएं कि आप स्पॉन्डिलाइटिस से ग्रस्त हैं। उन्हें रीढ़ की हड्डी के आसपास की संवेदनशील बिंदुओं का पता रहता है।
  • स्पॉन्डिलाइटिस का एक उपचार स्वस्थ जीवनशैली भी है।
  • लचीलापन और गति सीमा को बनाए रखने में आपकी सहायता के लिए दैनिक व्यायाम और मुद्रा अभ्यास के लिए कहा जाता है। निम्न अभ्यासों में से प्रत्येक स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है
  • तैराकी
  • गहरी सांस लेना (और पढ़ें - प्राणायाम क्या है)

ये क्रियाएं समग्र उपचार का हिस्सा हो सकती हैं जिसमें दवा और शारीरिक चिकित्सा भी सम्मिलित हैं।

इसके अलावा, स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित लोगों को तंबाकू उत्पादों, धूम्रपान से भी बचना चाहिए क्योंकि ये आदतें समस्या को और बढ़ा देती हैं।

(और पढ़ें - कैंसर क्यों होता है)

स्पॉन्डिलाइटिस के जोखिम और जटिलताएं - Ankylosing Spondylitis Risks & Complications in Hindi

स्पॉन्डिलाइटिस से होने वाली जटिलताएं क्या हैं?

बढ़ा हुआ स्पॉन्डिलाइटिस गुर्दे में एमिलाइड नामक प्रोटीन के जमा होने का कारण बन सकता है और इसके परिणामस्वरूप गुर्दा खराब भी हो सकता है। किडनी रोग अत्यधिक थकान और मतली का कारण बन सकता है और फ़िल्टरिंग मशीन (डायलिसिस) द्वारा रक्त में संचित अपशिष्ट उत्पादों (वेस्ट प्रोडक्ट) को हटाने की आवश्यकता भी पड़ सकती है।

यदि स्पॉन्डिलाइटिस का इलाज नहीं किया जाता है, तो निम्न जटिलताएं हो सकती हैं :

  • गंभीर व अत्यधिक सूजन के कारण कशेरुका एक साथ फ्यूज हो सकती हैं
  • कूल्हों और कंधों सहित सूजन पास के जोड़ों में फैल सकती है
  • सूजन लिगमेंट और टेंडन (नसों) में फैल सकती है, जिस से लचीलापन प्रभावित हो सकता है
  • सांस लेने मे तकलीफ होना
  • आंख में जलन होना
  • दिल, फेफड़े, या आंत्र को क्षति होना (और पढ़ें - आंत्र असंयम क्या है)
  • रीढ़ की हड्डी में संपीड़न फ्रैक्चर भी हो सकता है

दुर्लभ और गंभीर मामलों में, स्पॉन्डिलाइटिस महाधमनी (aorta), जो हृदय से जुड़ी बड़ी धमनी है, को भी प्रभावित कर सकता है। सूजी हुई महाधमनी दिल को क्षति पहुंचा सकती है।



संदर्भ

  1. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Ankylosing Spondylitis
  2. Cleveland Clinic. Spondylitis: Management and Treatment. Euclid Avenue. [internet[
  3. Spondylitis Association of America. Overview of Types of Spondylitis. US; [internet]
  4. Canadian Spondylitis Association. Spondylitis. Canada; [internet]
  5. Better health channel. Department of Health and Human Services [internet]. State government of Victoria; Ankylosing spondylitis

स्पॉन्डिलाइटिस के डॉक्टर

Dr. Urmish Donga Dr. Urmish Donga ओर्थोपेडिक्स
3 वर्षों का अनुभव
Dr. Sridhar Reddy Dr. Sridhar Reddy ओर्थोपेडिक्स
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स्पॉन्डिलाइटिस की दवा - Medicines for Spondylitis in Hindi

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स्पॉन्डिलाइटिस की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Spondylitis in Hindi

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