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नए कोरोना वायरस को आधिकारिक नाम मिल गया है। मंगलवार को जेनेवा में इस जानलेवा वायरस को लेकर पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने नए कोरोना वायरस को 'सीओवीआईडी-19' नाम दिया। इससे पहले इस विषाणु को '2019-एनसीओवी' नाम दिया गया था। बाद में, इसी हफ्ते चीन ने इसे बदल कर एक और अस्थायी नाम 'न्यू कोरोना वायरस निमोनिया' दिया था। लेकिन अब इसे एक अस्थायी और आधिकारिक नाम मिल गया है। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह वायरस दुनिया के लिए बहुत बड़ा खतरा है, हालांकि इसे रोका जा सकता है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेडरोस अदानम गेब्रेयेसुस ने नए कोरोना वायरस को लेकर कहा, 'इस बीमारी का अब एक आधिकारिक नाम है और यह सीओवीआईडी-19 है।' डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने नाम के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इसमें 'सीओ' का मतलब 'कोरोना', 'वीआई' का मतलब 'वायरस' और 'डी' का मतलब 'डिसीज' है, जबकि '19' का मतलब '2019' है, क्योंकि वायरस की शुरुआत इसी साल हुई थी। खबरों के मुताबिक, टेडरोस ने यह नाम चुनने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अनुशंसाओं के तहत ऐसे (नकारात्मक) विषयों को किसी विशेष भौगोलिक स्थान (लोकेशन), प्राणी प्रजातियों या लोगों के समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, इसीलिए नए कोरोना वायरस को ऐसा नाम दिया गया है।

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'गरीब देशों के लिए विनाशकारी है नया कोरोना वायरस'
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सम्मेलन में शामिल करीब 400 वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए टेडरोस ने कहा, 'यह विषाणु एक बहुत बड़ा खतरा है जिसके परिणाम किसी भी आतंकी गतिविधि से ज्यादा घातक हो सकते हैं।' वहीं, वायरस की रोकथाम को लेकर डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा, 'हम निस्सहाय नहीं हैं। अगर हम (वायरस को रोकने के लिए) आज निवेश करें तो वाकई इस संकट को रोक सकते हैं।' टेडरोस ने यह भी कहा कि डब्ल्यूएचओ को इस बात की सबसे ज्यादा चिंता है कि वायरस आर्थिक रूप से पिछड़े देशों के लिए बहुत ज्यादा विनाशकारी हो सकता है। उनके मुताबिक ऐसे देशों में स्वास्थ्य व्यवस्था काफी कमजोर होती है और वे ऐसे संकट से निपटने के लिए तैयार नहीं होते। बता दें कि इस सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा होगी कि नए कोरोना वायरस का सोर्स चमगादड़ है या नहीं और यह किस जानवर (सांप या छिपकली) से इन्सानों तक पहुंचा।

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इस बीच, कोरोना वायरस के केंद्र चीन में मरने वालों की संख्या 1,115 हो गई है। वहीं, पूरी दुनिया में इस वायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 45,000 के पार जा चुका है। इनमें 8,216 से ज्यादा मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि करीब 4,800 लोग रिकवर कर चुके हैं। चीन के अलावा जापान में सीओवीआईडी-2019 के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। एक दिन पहले यहां कुल मरीजों की संख्या 161 थी जो अब बढ़ कर 203 हो गई है। बीते दो दिनों के घटनाक्रम पर गौर करें तो जापान में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या में प्रतिदिन 40-45 मरीजों की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हालांकि मामलों की संख्या बढ़ने के बावजूद यहां अभी तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।

(वीडियो देखें - केरल से चीन तक कोरोना वायरस)

क्या है कोरोना वायरस?
'कोरोनाविरिडाई' नामक विषाणु परिवार में शामिल विषाणुओं को कोरोना वायरस कहा जाता है। नए करोनो वायरस 'सीओवीआईडी-2019' के अलावा इस विषाणु समूह में 229ई, एनएल63, ओसी43, एचकेयू-1, एमईआरस-सीओवी और सार्स (एसईआरएस-सीओवी) कोरोना वायरस शामिल हैं। यानी अब तक कुल सात कोरोना वायरसों का पता चल चुका है। सभी कोरोना वायरस के लक्षण लगभग एक जैसे हैं। इनकी चपेट में आने वाले व्यक्ति को वायरल इन्फेक्शन या सामान्य सर्दी जुकाम हो सकता है। वहीं, समस्या गंभीर होने पर व्यक्ति को तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत, खांसी, नाक-गले में दर्द और निमोनिया भी हो सकता है।

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