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लिंग में संक्रमण होना पुरुषों की काफी आम समस्या है। आमतौर पर नमी के कारण लिंग के आसपास संक्रमण पैदा करने वाले फंगस जमा हो जाते हैं। नमी युक्त त्वचा इन फंगसों के लिए सबसे अनुकूल होती है। इसके कारण धीरे-धीरे इनका प्रभाव बढ़ता जाता है।

लिंग का अगला भाग संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित होता है। कई बार संक्रमण इतना बढ़ जाता है कि यह लिंग की चमड़ी को भी अपने प्रभाव में ले लेता है।

लिंग में संक्रमण होने पर उसका इलाज डॉक्टर के द्वारा ही किया जा सकता है। हालांकि, यदि संक्रमण का शुरुआती चरण है या फिर स्थिति अधिक गंभीर नहीं है, तो घरेलू उपायों से काफी हद तक उसके लक्षणों को कम किया जा सकता है।

नीचे कुछ घरेलू उपायों के बारे में बताया गया है, जिनकी मदद से लिंग के संक्रमण व उसके लक्षणों को कम किया जा सकता है।

  1. टी ट्री ऑयल है लिंग में संक्रमण रोकने का रामबाण नुस्खा - Tea Tree Oil hai Penis me Sankrman Rokne ka Ramban Nuskha
  2. दही से करें लिंग में संक्रमण का घरेलू उपचार - Dahi se Karein Penis Infection ka Gharelu Upchar
  3. सेब का सिरका है लिंग के संक्रमण को रोकने का प्रभावी तरीका - Seb ka Sirka hai Ling ke Sankrman ko Rokne ka Prabhavi Tareeka
  4. साफ-सफाई रखना है लिंग संक्रमण दूर करने का घरेलू उपचार - Saaf Safai Rakhna hai Penis Sankrman Door Karne ka Gharelu Upchar

टी ट्री ऑयल किसी भी प्रकार के संक्रमण के लिए अत्यंत लाभकारी औषधि है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल व एंटीफंगल गुण संक्रमण को ठीक करने में मदद करते हैं और साथ ही उसे बढ़ने से भी रोकते हैं।

आवश्यक सामग्री

  • एक कटोरा हल्का गुनगना साफ पानी
  • एक सूखा तौलिया
  • दो से चार चम्मच टी ट्री ऑयल

इस्तेमाल करने का तरीका

  • सबसे पहले संक्रमित हिस्से को पानी से अच्छी तरह से धोकर साफ कर लें।
  • अब उसे तौलिये से सुखाकर नमी खत्म करें।
  • अच्छी तरह से सूख जाने पर लिंग और उसके आसपास के हिस्सों पर हल्के हाथों से टी ट्री ऑयल लगाएं। लगाते समय ज्यादा न रगड़े।
  • तेल को सूखने तक कपड़े न पहनें। बहुत जरूरी हो तो ऐसे हल्के कपड़े पहनें, जिनका संपर्क सीधे उस हिस्से से न हो रहा हो।

कब प्रयोग करें

  • दिन में दो बार इस प्रक्रिया को प्रयोग में लाने से तेजी से लाभ मिलता है।
  • सुधार दिखते ही प्रक्रिया को रोकें नहीं, कुछ दिनों तक जारी रखें

दही कई गुणों से भरपूर है। इसमें मौजूद एंटीफंगल गुण किसी प्रकार के संक्रमण को बढ़ने से रोकने में काफी मददगार होते हैं। दही का सेवन करने और इसे संक्रमण वाले हिस्से पर लगाने, दोनों ही स्थिति में यह प्रभावी है। पहले तो यह संक्रमण वाली त्वचा को ठंडक दिलाता है, साथ ही इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया संक्रमण को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं।

आवश्यक सामग्री

  • एक कटोरी दही (बैक्टीरिया युक्त)
  • एक कटोरा गुनगुना पानी
  • एक साफ तौलिया

इस्तेमाल करने का तरीका

  • संक्रमित हिस्से को सबसे पहले साफ पानी से धोकर अच्छी तरह से सुखा लें।
  • सूख जाने के बाद लिंग और उसके आसपास दही का लेप लगाएं।
  • लेप को सूखने तक ऐसे ही छोड़ दें, बहुत आवश्यक हो तभी कपड़े पहनें।

कब प्रयोग करें
इस प्रक्रिया को दिन में दो बार (सुबह व शाम) प्रयोग करें, ऐसा करने से शीघ्र लाभ मिलता है।

सेब के सिरके में ऐसे कई गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। कई बार इसकी गंध लोगों को पसंद नहीं आती है, लेकिन समय बीतने के साथ सिरके की गंध वाष्पित हो जाती है। सिरका लगाने से कई बार त्वचा में जलन हो सकती है, ऐसी स्थिति में सिरका लगाते वक्त थोड़ा सा पानी मिलाया जा सकता है।

आवश्यक सामग्री

  • एक कटोरा साफ पानी
  • एक साफ तौलिया
  • दो से चार चम्मच सेब का सिरका

इस्तेमाल का तरीका

  • सबसे पहले सं​क्रमित स्थान को पानी से धोकर साफ कर लें।
  • इसके बाद इसे साफ तौलिए से पोछ कर सुखा लें।
  • अच्छी तरह से सूख जाने के बाद संक्रमित स्थानों पर सिरका लगा लें। अब इसे सूखने दें।
  • अच्छी तरह से सूख जाने के बाद ही कोई कपड़ा पहनें।

कब करें प्रयोग
दिन में दो बार प्रयोग करना लाभकारी साबित हो सकता है। हालांकि, पहले सिरके को थोड़ी सी मात्रा में लगाकर देखें, यदि आपको अधिक जलन हो रही है तो इस विधि का प्रयोग न करें।

संक्रमण के शुरुआती चरणों में उचित साफ-सफाई रखकर इस समस्या से निजात पाई जा सकती है। इतना ही नहीं दैनिक स्तर पर जननांगों की साफ सफाई करते रहने से संक्रमण होने से भी स्वयं को बचाया जा सकता है।

आवश्यक सामग्री

  • हल्का गुनगुना साफ पानी
  • साफ और मुलायम तौलिया

इस्तेमाल करने का तरीका

  • सबसे पहले पानी से लिंग और उसके आसपास के हिस्सों को अच्छी तरह से धो लें।
  • किसी प्रकार के साबुन या जेल का प्रयोग न करें।
  • अब सूखे तौलिए से अच्छी तरह से सुखा लें। ध्यान रखें कि संक्रमण नमी वाले स्थानों में तेजी से फैलता है, इसलिए नमी बिल्कुल न होने दें।
  • अच्छी तरह सुखाने के बाद हल्के कपड़े वाला अंडरगारमेंट ही पहनें।

कब प्रयोग करें

  • संक्रमण के दौरान निरंतर साफ-सफाई बनाए रखना सबसे आवश्यक कदम होता है।
  • दिन में दो से तीन बार संक्रमित हिस्से को धोकर सुखाने से संक्रमण बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है।

बताए गए सभी घरेलू उपाय प्रभावी हैं। शुरुआती चरणों में ही संक्रमण के बारे में पता चल जाने पर घरेलू उपचार का प्रयोग करना ज्यादा बेहतर होता है। यदि संक्रमण गंभीर नहीं है तो किसी दवा का प्रयोग करने से पहले घरेलू उपचारों को ही प्रयोग में लाना उचित है। दवाओं से साइड इफेक्ट होने की आशंका बढ़ जाती है। जबकि पारंपरिक उपचारों का प्रयोग कर दवाइयों के भारी भरकम खर्च से भी बचा जा सकता है।

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