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पेनिस इन्फेक्शन क्या है?

पुरुषों में खमीर या यीस्ट संक्रमण (Yeast infections) काफी आम होता है। इसकी वजह यह है कि यीस्ट संक्रमण पैदा करने वाले फंगस (Candida) त्वचा में मौजूद रहते हैं, खास तौर से नमी वाली त्वचा इनके अनुकूलन में और भी सहायक सिद्ध होती है। कैंडीडा एल्बीकैंस बेहद ही साधारण और न्यूट्रल किस्म में यीस्ट होते हैं जो कम मात्रा में स्त्री और पुरुष दोनों के ही मुंह और आंतों में मौजूद रहते हैं। पुरुषों को जननांगों में इसी यीस्ट के चलते संक्रमण हो जाता है। 

(और पढ़ें - लिंग के रोग)

ये यीस्ट जीव, लिंग के अगले सिरे (मुंड) पर होने वाले संक्रमण का मुख्य कारण होते हैं, जिससे लिंग के अगले हिस्से में जलन, सूजन व लालिमा (Inflammation) हो जाती है। अगर पुरुष का खतना (Circumcised) नहीं किया गया है, तो संक्रमण लिंग की ऊपरी चमड़ी (Foreskin) में भी सूजन, जलन व लालिमा आदि पैदा कर सकता है। कभी-कभी मुंड और ऊपरी चमड़ी दोनों एक ही समय में क्षतिग्रस्त हो सकती है।

(और पढ़ें - वैजिनल यीस्ट इन्फेक्शन ट्रीटमेंट)

कुछ अन्य कारक (जैसे अपनी महिला यौन साथी के साथ सेक्स करना, जिसको योनी यीस्ट संक्रमण है) कैंडीडा की अधिक वृद्धि का कारण बन सकते हैं, जिसके परिणास्वरुप संक्रमण हो सकता है। यदि आपको और आपके यौन साथी दोनों को ही यीस्ट संक्रमण के लक्षण हैं, तो दोनों के संक्रमण का उपचार एक साथ करवाना जरूरी है, ताकि संक्रमण को फिर से होने से रोका जा सके। अच्छा स्वच्छता अभ्यास/ आदत इसे रोकने में मदद कर सकता है।

(और पढ़ें - योनि में इन्फेक्शन का उपाय)

  1. पेनिस इन्फेक्शन के लक्षण - Penile Yeast Infection Symptoms in Hindi
  2. पेनिस इन्फेक्शन के कारण - Penile Yeast Infection Causes in Hindi
  3. पेनिस इन्फेक्शन से बचाव - Prevention of Penile Yeast Infection in Hindi
  4. पेनिस इन्फेक्शन का परीक्षण - Diagnosis of Penile Yeast Infection in Hindi
  5. पेनिस इन्फेक्शन का इलाज - Penile Yeast Infection Treatment in Hindi
  6. पेनिस इन्फेक्शन के जोखिम और जटिलताएं - Penile Yeast Infection Risks & Complications in Hindi
  7. पेनिस इन्फेक्शन की दवा - Medicines for Penile Yeast Infection in Hindi
  8. पेनिस इन्फेक्शन के डॉक्टर

पेनिस इन्फेक्शन के लक्षण - Penile Yeast Infection Symptoms in Hindi

पेनिस इन्फेक्शन होने पर क्या लक्षण महसूस होते हैं?

पुरुषों में यीस्ट की अत्यधिक वृद्धि से उनके लिंग का सबसे आगे का हिस्सा सर्वाधिक प्रभावित होता है। लिंग के इस भाग को मुंड कहा जाता है। यह मुंड के ऊपर की चमड़ी को भी प्रभावित कर सकती है। पेनिस इन्फेक्शन में या तो मुंड या चमड़ी या फिर दोनों भाग सूजन, जलन और लालिमा से प्रभावित हो सकते हैं और यह स्थिति काफी दर्दनाक भी हो सकती है। पेनिस इन्फेक्शन में खुजली एक आम समस्या है और इसमें लिंग के सिर पर सफेद धब्बे भी बन सकते हैं। पुरुषों में यीस्ट संक्रमण के लक्षण हैं:

(और पढ़ें - सेक्स के दौरान ऐंठन)

अन्य संबंधित लक्षण:

डायबिटीज से ग्रस्त पुरुषों में और अधिक गंभीर लक्षण विकसित हो सकते हैं जैसे लिंग के मुंड पर स्थिर रूप से लालिमा विकसित होना।

(और पढ़ें - डायबिटीज में परहेज)

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

कभी-कभी पेनिस यीस्ट संक्रमण किसी गंभीर स्थिति का संकेत भी दे सकता है, जैसे यौन संचारित संक्रमण (STI) या इन्वेसिव कैंडिडिआसिस। यदि उपयुक्त इलाज करने के बाद भी छाले बार-बार हो रहे हैं तो यह पुरुष में डायबिटीज होने का संकेत देता है। निम्न स्थितियों में डॉक्टर को दिखाएं: 

(और पढें - डायबिटीज डाइट चार्ट)

पेनिस इन्फेक्शन के कारण - Penile Yeast Infection Causes in Hindi

पेनिस इन्फेक्शन क्यों होता है?

यीस्ट संक्रमण एक प्रकार के फंगस के कारण फैलता है, जिसको कैंडीडा के नाम से जाना जाता है। आमतौर पर शरीर में कैंडीडा की एक छोटी मात्रा पहले से ही मौजूद होती है। यीस्ट संक्रमण तब विकसित होता है जब कैंडीडा फंगस की संख्या बहुत अधिक बढ़ जाती है। गौरतलब है कि नमी के कारण कैंडीडा बहुत तेजी से फैलते हैं।

जिन पुरुषों का खतना किया जा चुका है उनमें पेनिस इन्फेक्शन काफी दुर्लभ रूप से विकसित हो पाता है। क्योंकि खतना के बाद उनका शिश्नमुंड लगातार हवा के संपर्क में आता रहता है। जिससे वहां सूखा तथा ठंडा वातावरण बन जाता है। यीस्ट को जिंदा रहने के लिए गर्म तथा नम त्वचा की आवश्यकता पड़ती है।

पेनिस इन्फेक्शन का सबसे मुख्य कारण ऐसी महिला के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाना है, जिसके योनी में यीस्ट संक्रमण हो। गौरतलब है कि बिना यौन गतिविधियों के भी यह संक्रमण हो सकता है। दरअसल, हाइजीन का ध्यान न रखना एवं अस्वछता से रहना किसी को भी यीस्ट संक्रमण का आसानी से शिकार बना देता है।  

लिंग को धोने के बाद अच्छे से ना सुखाना भी पेनिस यीस्ट संक्रमण का कारण बन सकता है, क्योंकि फंगस गर्म और नम स्थितियों में तेजी से बढ़ने लगते हैं।

(और पढ़ें - फंगल इन्फेक्शन की दवा)

पेनिस संक्रमण का खतरा कब बढ़ जाता है? 

निम्न स्थितियों में आपमें पेनिस संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है :

  • लंबे समय से एंटीबायोटिक दवाएं लेना जो आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को मार देता है।
  • टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज। (और पढ़ें - डायबिटीज में क्या खाना चाहिए)
  • जननांगों के क्षेत्र के आस-पास सुगंधित साबुन और शॉवर जेल आदि का इस्तेमाल करना।
  • जननांग क्षेत्र की जोरदार धुलाई या रगड़ना।
  • नियमित रूप से ना नहाने के कारण स्वच्छता में कमी। (और पढ़ें - गर्म पानी से नहाने के फायदे)
  • दवाएं (जैसे कीमोथेरेपी या कोर्टिकोस्टेरॉयड) जो शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को दबा देती है। (और पढ़ें - इम्युनिटी पावर बढ़ाने के उपाय)
  • टोपिकल (लगाने वाली) या ओरल (खाने वाली) कोर्टिकोस्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल करना।
  • तंग कपड़े पहनना जैसे टाइट जीन्स।
  • लंबे समय तक गंदे अंडरवियर पहन कर रखना।
  • पहले हुआ कोई फंगल संक्रमण जैसे पैरों के दाद (एथलीट फुट) या अन्य प्रकार के दाद। (और पढ़ें - दाद का घरेलू उपाय)
  • लंबे समय से बीमार रहने के कारण, उच्च तनाव या एचआईवी आदि समस्याओं के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होना  (और पढ़ें - एचआईवी की जांच कैसे करें)
  • उस महिला के साथ शारीरिक यौन संबंध बनाना जिसके योनी में यीस्ट संक्रमण है।
  • जीवनशैली - अधिक मात्रा में मीठे और कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना।
  • अधिक वजन या मोटापा से ग्रस्त होना। (और पढ़ें - मोटापा कम करने के उपाय)
  • खराब स्वच्छता की आदतें।
  • डायलिसिस पर होना।

(और पढ़ें - महिलाओं की योन समस्या)

पेनिस इन्फेक्शन से बचाव - Prevention of Penile Yeast Infection in Hindi

पेनिस में संक्रमण विकसित होने से कैसे बचाव किया जा सकता है?

  • अच्छी स्वच्छता का ध्यान रखें - अपने गुप्तांगों को साफ रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की कोशिश करें। मुंड की चमड़ी को धीरे-धीरे पीछे हटाएं और चमड़ी के नीचे के भाग को हल्के गर्म पानी के साथ धोएं। हल्के साबुनों का इस्तेमाल करें। धोने के बाद उस क्षेत्र को अच्छे से सुखा लें। रोजाना मंजन करने की आदत की तरह इस अभ्यास को भी अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। (और पढ़ें - योनी को साफ कैसे रखे)
  • जननांग क्षेत्रों को ठंडा व शुष्क रखने के लिए ढीले व सुती कपड़े से बने अंडरपैंट्स पहनें
  • कंडोम का इस्तेमाल करे - यौन संचारित संक्रमण की ही तरह इसके फैलने की संभावनाओं को कम करने के लिए कंडोम का इस्तेमाल करें। (और पढ़ें - सुरक्षित सेक्स करने का तरीका)
  • बातचीत करना - अपने साथी के साथ बात करें और यह सुनिश्तिच करें कि वह लक्षणमुक्त है या नहीं। (और पढ़ें - पहली बार सेक्स कैसे करें)
  • सेक्स करने के बाद सफाई - इन सभी बातों के बावजूद कई बार महिलाओं में बिना कोई लक्षण नजर आए भी, अंदर यीस्ट संक्रमण का वायरस मौजूद रह सकता है। यदि आप शारीरिक संबंध बनाने के बाद अपने जननांगो को धोते हैं तो इससे सुरक्षा कि एक अतिरिक्त परत बन जाती है।
  • सुगंधित शॉवर जेल व खुशबूदार साबुनों का इस्तेमाल करने से बचें 
  • कम कास्टिक युक्त एवं कम रसायन युक्त डिटर्जेंट पाउडर का प्रयोग करें
  • खूब मात्रा में पानी पिएं (और पढ़ें - पानी पीने का सही तरीका)
  • तब तक सेक्स करने से बचें जब तक छाले के लक्षण कम नहीं हो जाते।

(और पढ़ें - Sex karne ke tarike)

पेनिस इन्फेक्शन का परीक्षण - Diagnosis of Penile Yeast Infection in Hindi

पेनिस इन्फेक्शन होने पर उसका परीक्षण कैसे किया जाता है?

ज्यादातर मामलों में आपके डॉक्टर आपके द्वारा बताए गए लक्षणों के आधार पर ही इस बीमारी का परीक्षण करते हैं। आपको पेनिस इन्फेक्शन है या नहीं यह जानने का सबसे बेहतर तरीका यह है कि अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है तो जितना जल्दी हो सके डॉक्टर से संपर्क करें। परीक्षण के दौरान आपके डॉक्टर आपकी पूरी तरह से जांच करेंगे और परीक्षण को ठीक रूप से करने के लिए आप से कुछ सवाल भी पूछ सकते हैं।

(और पढ़ें - लैब टेस्ट)

परीक्षण को सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टर निम्न टेस्ट कर सकते हैं, जैसे:

  • सीरम ग्लूकोज टेस्ट (डायबिटीज की जांच करने के लिए) (और पढ़ें - डायबिटीज टेस्ट)
  • अगर कोई डिसचार्ज बह रहा है तो उस पर लैब टेस्ट करना – डॉक्टर लिंग के प्रभावित हिस्से से स्वैब की मदद से भी कुछ सेंपल ले सकते हैं ताकि माइक्रोस्कोप की मदद से उसका आगे का विश्लेषण किया जा सकें। (और पढ़ें - इन्सुलिन टेस्ट)
  • यौन संचारित रोगों की जांच करने के लिए टेस्ट। (और पढ़ें - सीआरपी ब्लड टेस्ट)
  • यदि कोई स्थिर घाव या अल्सर बना हुआ है, जो ठीक नहीं हो रहा, तो बायोप्सी की आवश्यकता भी पड़ सकती है।

(और पढ़ें - यूरिन टेस्ट क्या होता है)

पेनिस इन्फेक्शन का इलाज - Penile Yeast Infection Treatment in Hindi

पेनिस इन्फेक्शन का इलाज कैसे किया जा सकता है?

आपके लिंग व उसके आस-पास के क्षेत्र को प्रभावित करने वाले छालों के लिए कुछ प्रकार की एंटीफंगल क्रीम का सुझाव दिया जाता है।

जिनमें निम्न शामिल हैं:

  • क्लोट्रिमाजोल (Clotrimazole)
  • एकोनाजोल (Econazole)
  • केटोकोनाजोल (Ketoconazole)
  • माइकोनाजोल (Miconazole)

यदि आप में खुजली के लक्षण विकसित हो रहे हैं, तो सूजन व जलन आदि को कम करने के लए डॉक्टर एक अतिरिक्त उपचार के रूप में कॉर्टिकोस्टेरॉयड क्रीम लिख देते हैं।

यदि आपके लक्षण उपचार के बाद भी 2 हफ्तों तक ठीक नहीं हो पाते तो डॉक्टर ओरल फ्लूकोनाजोल (Fluconazole) टेबलेट लिख देते हैं। ये दवाएं आमतौर पर ओवर द काउंटर (बिना डॉक्टर की पर्ची के मेडिकल स्टोर से मिलने वाली दवा) दवाओं के रूप में भी मिल जाती हैं।

(और पढ़ें - दवाइयों की जानकारी)

यदि दवाएं लेने के बाद भी 2 हफ्तों के भीतर आपके लक्षण कम नहीं हो पाते तो डॉक्टरी सलाह जरूर लें। विशेष उपचार के लिए डॉक्टर आपको त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) डॉक्टर के पास भेज सकते हैं।

चूंकि यौन संभोग से ही पुरुष संक्रमित होते हैं, इसलिए पुरुष की महिला साथी का इलाज भी साथ में होना चाहिए ताकि संक्रमण को फिर से फैलने से रोका जा सके। हालांकि, यदि सिर्फ महिला में ही यीस्ट संक्रमण के सबूत मिलते हैं, तो पुरुष में संक्रमण फैलने के जोखिम बहुत कम होते हैं। ऐसी स्थिति में कई बार पुरुष को उपचार करवाने की जरूरत नहीं होती। उपचार के दौरान यौन गतिविधि कम करने का भी कोई अनिवार्य कारण नहीं है, लेकिन आपको कंडोम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।

डायबिटीज और प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाने वाले कारक भी यीस्ट संक्रमण के जोखिम को बढ़ावा देते हैं। अगर एंटी फंगल क्रीम से भी आपका संक्रमण ठीक नहीं हो रहा है और आपका खतना भी नहीं हुआ है, तो आपको पहले खतना करवाने की सलाह दी जा सकती है। खतना करवाना एक सर्जिकल प्रक्रिया होती है जो विशेष रूप से शैशवावस्था के दौरान ही कर दी जाती है। हालंकि इसे सुरक्षित ढ़ंग से किसी भी पुरुष पर कभी भी किया जा सकता है। 

यदि आपको डायबिटीज है तो अपने डॉक्टर की मदद से अपने ब्लड शुगर लेवल को सामान्य स्तर में रखने की कोशिश करें। यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है तो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखने के लिए आपके डॉक्टर आपकी मदद कर सकते हैं।

(और पढ़ें - डायबिटीज डाइट चार्ट)

आइए नजर डालते हैं इस समस्या से जुड़े कुछ घरेलू उपचारों पर: 

लहसुन -

पुरुषों में यीस्ट संक्रमण का इलाज करने के लिए लहसुन सबसे अच्छे तरीकों में से एक है। अपने शरीर से यीस्ट फंगस को मारने के लिए सामान्य रूप से दिन में 2 या 3 बार लहसुन की एक-एक गंठी (टुकड़ा) खाएं।

(और पढ़ें - लहसुन खाने के फायदे)

दही –

सादा दही यीस्ट संक्रमण के लिए सबसे अच्छे उपचारों में से एक मानी जाती है। अपने लक्षणों पर रोकथाम करने में मदद करने के लिए पुरुष रोजाना बिना मीठे के दही का सेवन कर सकते हैं। लक्षणों की रोकथाम करने के लिए आपको रोजाना 2 से 3 कप दही का सेवन करना चाहिए। आप अपने गुप्तांगों के प्रभावित हिस्सों में सीधे दही लगा सकते हैं।

(और पढ़ें - दही खाने के फायदे)

नारियल का तेल –

खुजली, जलन व अन्य तकलीफ जैसे लक्षणों को कम करने के लिए आप नारियल तेल को सीधे प्रभावित त्वचा पर भी लगा सकते हैं। नारियल का तेल, चमड़ी में फंगस के कारण होने वाली खरोंच आदि को ठीक करने में भी मदद करता है।

(और पढ़ें - नारियल तेल के लाभ)

सेब का सिरका –

पुरुष अपनी त्वचा का इलाज करने के लिए सेब के सिरके को सीधा प्रभावित त्वचा पर लगा सकते हैं। आप अपने नहाने के गर्म पानी में दो कप सिरका डालकर स्नान भी कर सकते हैं। जिस बाथटब के पानी में सिरका मिलाया गया है उसमें कम से कम 20 मिनट तक बैठें।

(और पढ़ें - सेब का सिरका बेनिफिट्स)

एलोवेरा जेल –

एलोवेरा के प्राकृतिक एंटिबैक्टीरियल गुण इसे यीस्ट संक्रमण के लिए प्रभावी उपचार बनाते हैं। अपने लिंग की प्रभावित त्वचा पर साधारण रूप से एलोवेरा जेल लगाएं। यह जेल लक्षणों से जल्दी ही राहत प्रदान करता है और इसको लगातार इस्तेमाल करने से यह समस्या से पूरी तरह से छुटकारा दिला देता है।

पेनिस इन्फेक्शन के जोखिम और जटिलताएं - Penile Yeast Infection Risks & Complications in Hindi

पेनिस में संक्रमण से क्या -क्या समस्याएं हो सकती हैं?

पेनिस में यीस्ट संक्रमण की सबसे संभावित जटिलता बैलेनाइटिस (लिंग की सूजन) हो सकती है। बैलेनाइटिस लिंग के मुंड और ऊपरी चमड़ी में सूजन, जलन व लालिमा आदि होने की स्थिति होती है। डायबिटीज, बैलेनाइटिस होने के जोखिम को बढ़ा देती है।

(और पढ़ें - डायबिटीज का आयुर्वेदिक इलाज)

यदि बैलेनाइटिस का उपचार प्रभावी ढंग से नहीं किया गया तो यह लिंग की ऊपरी चमड़ी में स्कार (निशान) पैदा कर सकती है। यह लिंग के अगले हिस्से में चिपचिपापन भी पैदा कर देती है। यह स्थिति काफी दर्दनाक होती है जिससे पेशाब करने में काफी परेशानी महसूस होती है। यदि बैलेनाइटिस को बिना उपचार किए छोड़ दिया जाए तो यह लिंग की ग्रंथियों में सूजन व काफी दर्द पैदा कर सकती है और साथ ही साथ कमजोरी तथा थकान का कारण भी बन सकती है।

(और पढ़ें - थकान से बचने के उपाय)

यीस्ट का संक्रमण रक्त प्रवाह में प्रवेश कर सकता है। इस स्थिति को कैंडिडेमिया (Candidemia) या इनवेसिव कैंडीडीयासिस के रूप में जाना जाता है। यह समस्या आमतौर पर उन लोगों में काफी आम होती है जो उपचार करवाने के लिए संक्रमण को लिंग के चारों तरफ फैलने का इंतजार करते हैं।

(और पढ़ें - यूरिन इन्फेक्शन का इलाज)

यदि आप किसी अस्तपाल में भर्ती हैं, और पेशाब करने के लिए कैथेटर का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको इनवेसिव कैंडिडिआसिस की समस्या हो सकती है। यीस्ट संक्रमण का बढ़ा हुआ रूप काफी गंभीर स्थिति बन सकती है। ऐसी स्थिति में कुछ हफ्तों तक फंगल के लिए ओरल दवाएं लेने की जरूरत पड़ सकती है। कुछ मामलों में दवाएं इंट्रावेनस (Intravenously) के द्वारा भी दी जा सकती है।

(और पढ़ें - फंगल संक्रमण के घरेलू उपाय)

Dr. Neha Gupta

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संक्रामक रोग

Dr. Jogya Bori

Dr. Jogya Bori

संक्रामक रोग

Dr. Lalit Shishara

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संक्रामक रोग

पेनिस इन्फेक्शन की दवा - Medicines for Penile Yeast Infection in Hindi

पेनिस इन्फेक्शन के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
SyscanSYSCAN 100MG CAPSULE 4S88
DermizoleDermizole 2% Cream0
Clenol LbClenol Lb 100 Mg/100 Mg Tablet55
Candid GoldCANDID GOLD 30GM CREAM59
Propyderm NfPROPYDERM NF CREAM 5GM60
PlitePlite Cream0
FungitopFungitop 2% Cream0
PropyzolePropyzole Cream0
Q CanQ Can 150 Mg Capsule9
MicogelMicogel Cream17
Imidil C VagImidil C Vag Suppository59
Propyzole EPropyzole E Cream0
ReocanReocan 150 Mg Tablet23
MiconelMiconel Gel0
Tinilact ClTinilact Cl Soft Gelatin Capsule135
Canflo BnCanflo Bn 1%/0.05%/0.5% Cream34
Toprap CToprap C Cream28
Saf FSaf F 150 Mg Tablet24
Relin GuardRelin Guard 2% Cream10
VulvoclinVulvoclin 100 Mg/100 Mg Capsule56
Crota NCrota N Cream27
Clop MgClop Mg 0.05%/0.1%/2% Cream34
FubacFUBAC CREAM 10GM0
Canflo BCanflo B Cream27

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References

  1. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Yeast Infection Tests.
  2. Department of Health and Mental Hygiene [Internet]. New York; Yeast Infection.
  3. University of Rochester Medical Center Rochester, NY; Yeast Infection.
  4. Am Fam Physician. [Internet] American Academy of Family Physicians; Yeast Infections.
  5. Nyirjesy P,Sobel JD. Genital mycotic infections in patients with diabetes. Postgrad Med. 2013 May;125(3):33-46. PMID: 23748505
  6. C Lisboa et al. Candida balanitis: risk factors. The Journal of European Academy of Dermatology and Venereology Volume24, Issue7 July 2010 Pages 820-826
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