Anju Karn Priya Tel

 8675 लोगों ने इसको हाल ही में खरीदा
एक बोतल में 5 ml ऑयल
₹ 25
5 ML ऑयल 1 बोतल ₹ 25

  • उत्पादक: Anju Pharmaceuticals
  • रखने का तरीका: सामान्य तापमान में रखें
  • विक्रेता: Anju Ayurveda
    • मूल का देश: India

    Anju Karn Priya Tel की जानकारी

    Anju Karn Priya Tel बिना डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली आयुर्वेदिक दवा है, जो मुख्यतः कान में दर्द के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है।इसके मुख्य घटक हैं सरसों का तेल जिसकी प्रकृति और गुणों के बारे में नीचे बताया गया है। Anju Karn Priya Tel की उचित खुराक मरीज की उम्र, लिंग और उसके स्वास्थ्य संबंधी पिछली समस्याओं पर निर्भर करती है। यह जानकारी विस्तार से खुराक वाले भाग में दी गई है।

    Anju Karn Priya Tel की सामग्री - Anju Karn Priya Tel Active Ingredients in Hindi

    सरसों का तेल
    • वो तत्व जो जीवित कोशिकाओं में मुक्त कणों के ऑक्सीकरण के प्रभाव को रोकता है।
    • ये दवाएं बैक्टीरिया को मारती हैं या उनकी गतिविधियों को रोकती हैं।

    Anju Karn Priya Tel के लाभ - Anju Karn Priya Tel Benefits in Hindi

    Anju Karn Priya Tel इन बिमारियों के इलाज में काम आती है -


    Anju Karn Priya Tel की खुराक - Anju Karn Priya Tel Dosage in Hindi

    यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Anju Karn Priya Tel की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Anju Karn Priya Tel की खुराक अलग हो सकती है।

    आयु वर्ग खुराक
    व्यस्क
    • मात्रा: निर्धारित खुराक का उपयोग करें
    • अधिकतम मात्रा: 2 ड्रॉप
    • दवा का प्रकार: कान की दवाई
    • दवा लेने का माध्यम: त्वचा
    • आवृत्ति (दवा कितनी बार लेनी है): दिन में दो बार

    Anju Karn Priya Tel के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स - Anju Karn Priya Tel Side Effects in Hindi

    चिकित्सा साहित्य में Anju Karn Priya Tel के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Anju Karn Priya Tel का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें।


    Anju Karn Priya Tel से सम्बंधित चेतावनी - Anju Karn Priya Tel Related Warnings in Hindi

    • क्या Anju Karn Priya Tel का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?


      रिसर्च कार्य न हो पाने के कारण Anju Karn Priya Tel के लेने या न लेने के दुष्प्रभावों के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

      अज्ञात
    • क्या Anju Karn Priya Tel का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?


      स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर Anju Karn Priya Tel के अच्छे या बुरे प्रभावों के बारे में कोई रिसर्च नहीं की गई है, इसलिए इस बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है। अतः आप डॉक्टर की सलाह पर ही इसको लें।

      अज्ञात
    • Anju Karn Priya Tel का पेट पर क्या असर होता है?


      पेट के लिए Anju Karn Priya Tel हानिकारक नहीं है।

      सुरक्षित
    • क्या Anju Karn Priya Tel का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है?


      Anju Karn Priya Tel बच्चों के लिए सुरक्षित है इस बारे में कोई शोध न होने की वजह से ये कहना मुश्किल है कि Anju Karn Priya Tel बच्चों के लिए सुरक्षित है या नहीं।

      अज्ञात
    • क्या Anju Karn Priya Tel का उपयोग शराब का सेवन करने वालों के लिए सही है


      Anju Karn Priya Tel के बुरे प्रभावों के बारे में जानकारी मौजूद नहीं है। क्योंकि इस विषय पर अभी रिसर्च नहीं हो पाई है। अतः डॉक्टर के परामर्श के बाद ही इस दवा को लें।

      अज्ञात
    • क्या Anju Karn Priya Tel शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है?


      आप वाहन चला सकते हैं या कोई भारी मशीन से जुड़ा काम कर सकते हैं। क्योंकि Anju Karn Priya Tel लेने के बाद क्योंकि आपको नींद नहीं आएगी।

      नहीं
    • क्या Anju Karn Priya Tel का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है?


      Anju Karn Priya Tel की लत नहीं लगती, लेकिन फिर भी आपको इसे लेने से पहले सर्तकता बरतनी बेहद जरूरी है और इस विषय पर डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।

      नहीं

    इस जानकारी के लेखक है -

    Dr. Braj Bhushan Ojha

    BAMS, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डर्माटोलॉजी, मनोचिकित्सा, आयुर्वेद, सेक्सोलोजी, मधुमेह चिकित्सक
    10 वर्षों का अनुभव


    संदर्भ

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 6. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2008: Page No 254-255

    C.K. Kokate ,A.P. Purohit, S.B. Gokhale. [link]. Forty Seventh Edition. Pune, India: Nirali Prakashan; 2012: Page No 8.70-8.72