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कान में दर्द - Ear Pain in Hindi

Dr. Abhishek Gupta

November 03, 2017

March 06, 2020

कान में दर्द

कान में दर्द क्या होता है?

कान में दर्द या कान का दर्द एक ऐसा दर्द होता है, जो कान के अंदरूनी हिस्से में होता है। ज्यादातर कान के दर्द कान के मध्य में सूजन या संक्रमण होने के कारण होता है। वैसे कान दर्द ज्यादातर बच्चों में देखा जाता है, लेकिन वयस्कों को भी मध्य कान में संक्रमण या मध्यकर्णशोथ (Otitis Media) जैसे समस्याएं विकसित हो सकते हैं। कान में दर्द होना आम तौर पर कोई गंभीर समस्या का संकेत तो नहीं देता, लेकिन यह काफी पीड़ादायक हो सकता है।

कान दर्द तेज, मध्यम या कान में जलन जैसा अनुभव हो सकता है, इसका दर्द आता-जाता रह सकता है या स्थिर भी हो सकता है।

कान में दर्द के प्रकार - Types of Ear Pain in Hindi

कान में दर्द के प्रकार क्या होते हैं?

1. प्राथमिक कान दर्द:

कान का दर्द मध्यम, बाहरी या अंदरूनी कान के किसी रोग के कारण हो सकता है, जैसे कि मध्य कान में संक्रमण। लेकिन दर्द अनुभव करने के संदर्भ में ये तीनों प्रकार के कान के दर्द एक जैसे महसूस होते हैं।

बाहरी कान में दर्द हो सकता है:

  • यांत्रिक – जैसे आघात, कान में बाहरी पदार्थ जैसे बाल, कीड़े या रूई आदि का होना।
  • संक्रमित (बाहरी कर्णशोथ/ Otitis External)

मध्यम कान में दर्द हो सकता है:

  • यांत्रिक – जैसे दबाव के कारण आघात, यूस्टेकियन ट्यूब (Eustachian tube) और मध्यकर्णशोथ आदि।
  • सूजन या संक्रमित – तीव्र मध्यकर्णशोथ, कर्णमूलकोशिकाशोथ (Mastoiditis)

2. निर्दिष्ट कान दर्द (Secondary):

शरीर के अन्य भागों से भी दर्द कान तक दर्द पहुँच सकता है। उदाहरण के तौर पर, दांत में कैविटी के कारण भी कान के हिस्सों में दर्द होने लगता है। जैसे दंत पल्प में सूजन होने के कारण दांतों में क्षय होने लगता है, जिसके कारण दर्द दांतों तक जाने लगता है। 

दांतों की स्थितियों से जुड़े अन्य कारण जो कान में दर्द का कारण भी बन सकती हैं:

  • टेंपॉरोमैंडीबुलर जॉइंट रोग (Temporomandibular joint dysfunction)  
  • प्रभावित तीसरी दाढ़ (Impacted third molar teeth)
  • मुंह में या जीभ के नीचे घाव

कान में दर्द के लक्षण - Ear Pain Symptoms in Hindi

कान में दर्द के साथ क्या लक्षण दिखाई दे सकते हैं?

कान में दर्द निम्न दर्द व समस्याओं के साथ जुड़ा हो सकता है।

  • दांतों में दर्द या फोड़े आदि होना, बच्चों के दांत आना
  • कान में वैक्स बनना, कान में कुछ फंसना, कान के परदे में छेद होना (तीव्र आवाज या दुर्घटना के कारण)
  • निगलने के दौरान दर्द, गले में दर्द या टॉन्सिलाइटिस
  • बुखार, कान में संक्रमण या जुकाम

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर आपको कान में दर्द के साथ निम्न लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए:

  • तेज बुखार (और पढ़ें - बुखार को कम करने के घरेलू उपाय)
  • कान के चारों ओर सूजन
  • कान से द्रव निकलना
  • कान में कुछ फंसना
  • 3 दिन से ज्यादा एक कान में दर्द रहना
  • सुनने में कमी या बदलाव (और पढ़ें - बहरापन)
  • अन्य लक्षण, जैसे मतली और उल्टी, गले में गंभीर दर्द
  • चक्कर आना, सिर में दर्द, कान के चारों ओर सूजन, या चेहरे की मांसपेशियां कमजोर पड़ना
  • गंभीर दर्द होना जो अचानक से बंद हो जाता है (यह कान का परदा फटने का संकेत हो सकता है)
  • दर्द, चिड़चिड़ापन और बुखार जैसे लक्षण जो 24 से 48 घंटों तक बना रहे।

कान में दर्द के कारण - Ear Pain Causes in Hindi

कान में दर्द क्यों होता है और इसके होने के जोखिम कारक क्या होते हैं?

यूस्टेकियन ट्यूब (Eustachian tube) कान के मध्य भाग से गले के पिछले भाग तक जाती है। इसका काम कान के मध्य में बनने वाले द्रव को निष्कासित करना होता है। अगर यूस्टेकियन ट्यूब रूक जाए तो द्रव अधिक होने के कारण कान के परदे के पीछे दबाव बन सकता है या कान में संक्रमण हो सकता है।

वयस्कों में कान दर्द का कारण, उनके कान में संक्रमण होने की वजह से होने की संभावना  कम होती है। कान में महसूस किया जाने वाला दर्द शायद किसी दूसरी जगह पर हो रहा हो, जैसे दांत, जबड़े के जोड़ (टेंपोरोमेंडिबुलर जॉइंट), या गला आदि। इसे 'निर्दिष्ट दर्द' कहा जाता है।  

कान दर्द के कारणों में निम्न शामिल हो सकते हैं।

किसी बच्चे या शिशु के कान में दर्द, कान के संक्रमण के कारण भी हो सकता है और अन्य कारणों में निम्न शामिल हो सकते हैं।

  • नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों में बोतल से दूध पिलाना कान में संक्रमण का सबसे आम कारण है, जिसकी वजह से उनके कान में दर्द हो जाता है
  • कान नलिका को रूई लिपटी तीली के साथ अधिक उत्तेजित करना
  • कान में शैंपू या साबुन रह जाना
  • उस पानी में तैरना या नहाना जहां पर कान संक्रमण के अत्याधिक जोखिम हों, जैसे उस पानी में तैरना या नहाना जिसमें अधिक मात्रा में बैक्टीरिय हों। जिस पानी या पूल आदि को पर्याप्त मात्रा में क्लोरिन युक्त कर दिया जाता है, उसमें बैक्टीरिया फैलने के जोखिम कम हो जाते हैं।
  • अपने कानों को बार-बार धोने की आदत भी कानों के संक्रमण का कारण बन सकती है। कान की नलिका में बहुत कम जगह होने के कारण भी उसमें पानी रह जाने की संभावनाएं ज्यादा हो जाती है। बच्चों के कान की नलिका वयस्कों के मुकाबले कम खुली होती हैं। इसके साथ ही साथ हेडफोन का अधिक उपयोग करना, त्वचा की एलर्जी, एक्जिमा, बालों के प्रोडक्ट से होने वाली त्वचा की समस्याएं आदि भी कान के दर्द और कान के बाहरी क्षेत्र में संक्रमण का कारण बन सकती है।

कान में दर्द से बचाव - Prevention of Ear Pain in Hindi

कान में दर्द होने से कैसे रोकें?

नीचे दिए गए तरीकों की मदद से कान दर्द की रोकथाम की जा सकती है -

  • बच्चों के आस पास धूम्रपान ना करें, दूसरे व्यक्ति द्वारा किये जाने वाले ध्रूमपान से निकला हुआ धुंआ भी बच्चों में कान संक्रमण का कारण बन सकता है।
  • बाहरी कान संक्रमण की रोकथाम के लिए कोई बाहरी वस्तु कान में ना लगाएं (जैसे हेडफोन व अन्य कान के उपकरण)।
  • नहाने या तैराकी करने के बाद अपने कानों को अच्छे से सुखाएं।
  • एलर्जी का कारण बनने वाली चीजों से बच कर एलर्जी होने से रोकने की कोशिश करें।

कान में दर्द का परीक्षण - Diagnosis of Ear Pain in Hindi

कान में दर्द का परीक्षणनिदान कैसे किया जाता है?

  • पिछली मेडिकल तथा स्वास्थ्य जानकारी के आधार पर कान में दर्द के सही कारण को स्थापित करना सामान्य रूप से संभव होता है।
  • जो वयस्क तंबाकू या शराब सेवन करते हैं, उनमें कैंसर की जांच करके ये सुनिश्चित करना ज़रूरी होता है कि कान में दर्द कैंसर की वजह से तो नहीं है।
  • कान की जांच, एक कान, नाक और गले के विशेषज्ञ (ENT specialist) द्वारा की जानी चाहिए ताकि संक्रमण और परदा आदि फटने जैसी समस्या की ठीक से जांच की जा सके।

 

कान में दर्द का इलाज - Ear Pain Treatment in Hindi

कान में दर्द का उपचार कैसे किया जाता है?

नीचे दिए गये कुछ तरीके हैं, जो कान के दर्द में राहत दिलाने का काम करते हैं -

  • कान के दर्द को कम करने के लिए कान के बाहरी हिस्से पर ठंडा गीला कपड़ा या कोल्ड पैक 20 मिनट तक रखें।
  • चबाने से कान का दर्द व कान में संक्रमण के दौरान होने वाला दबाव भी कम हो जाता है। (ध्यान रहे चुइंगम बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है)
  • उल्टा लेटने की बजाए सीधी अवस्था में लेटकर आराम करने से मध्य कान में दबाव कम हो सकता है।
  • अगर कान का परदा नहीं फटा है, तो दर्द कम करने के लिए कुछ ऑवर द काउंटर दवाइयों का इस्तेमाल किया जा सकता है। (केमिस्ट से बिना पर्ची के मिलने वाली दवाओं को ऑवर द काउंटर दवाएं कहते हैं)
  • ऑवर द काउंटर दर्दनिवारक दवाएं जैसे एस्पिरिन या आइबूप्रोफेन कान दर्द से राहत देने के लिए प्रदान की जाती है। (बच्चों को एस्पिरिन दवा ना दें)

उंचाई में परिवर्तन के कारण कान दर्द के लिए, जैसे कि विमान में होना -

  • जैसे ही विमान उतरने लगता है, कुछ निगलें या चुइंगम चबाने की कोशिश करें।
  • शिशुओं को चूसने के लिए निप्पल दें या स्तनपान करवाएं।

(और पढ़ें - कान बजना)

कान में दर्द की जटिलताएं - Ear Pain Complications in Hindi

कान में दर्द की क्या जटिलताएं हो सकती हैं?

अगर बाहरी कान के संक्रमण का उपचार ना किया जाए तो यह अपने आप ठीक नहीं होता और इसके परिणाम से गंभीर जटिलताएं भी हो सकती है।

कान के आसपास प्रभावित जगह में फोड़े बन सकते हैं, जो अपने आप ठीक भी हो सकते हैं या इनको ठीक करने के लिए डॉक्टरों की जरूरत पड़ सकती है।

लंबे समय तक कानों में संक्रमण रहने के कारण कान की नलिकाएं संकुचित हो सकती हैं। नलिका का संकुचन होने से मरीज के सुनने की क्षमता में कमी हो सकती है और गंभीर मामलों में  यह बहरेपन का कारण भी बन सकती है। इसका उपचार एंटिबायोटिक दवाओं के द्वारा किया जाना चाहिए।

कान का परदा फटना या उसमें छेद होना भी कान के संक्रमण की एक जटिलता हो सकती है, जो कान में किसी वस्तु आदि डालने के कारण होती है। यह बहुत पीड़ादायक हो सकती है। इसके लक्षणों में कुछ समय के लिए कम सुनाई देना, कान में बजने या गूंजने की आवाजे सुनाई देना, द्रव या खून बहना आदि शामिल हो सकती है।

कुछ दुर्लभ मामलों में नेक्रोटाइजिंग ओटाइटिस एक्सटर्ना (Necrotizing Otitis Externa) हो सकता है, जिसमें कान संक्रमण और व्यापक रूप से फैल जाता है। यह एक अत्यंत गंभीर जटिलता है, जिसमें कान के आस पास की हड्डियों और कार्टिलेज (कठोर और लचीले सफेद रंग के ऊतक) में संक्रमण फैल जाता है। वयस्क जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, उनके लिए जोखिम और ज्यादा बढ़ जाते हैं। इसको अनुपचारित छोड़ना प्राणघातक भी हो सकता है। अगर निम्न लक्षण दिखाई दें तो, इसे आपातकालीन मेडिकल समस्या मानना चाहिए, जैसे:

  • गंभीर कान दर्द और सिरदर्द, खासकर रात के समय। (और पढ़ें - सिर दर्द के प्रकार)
  • कान से लगातार द्रव बहना।
  • चेहरे की नसें शक्तिहीन होना या प्रभावित कान की तरफ चेहरे का झुकाव होना।
  • कान की नलिका में हड्डी दिखाई देना।


संदर्भ

  1. Health Navigator. [Internet]. New Zealand. Earache.
  2. Alberta Children's Hospital. [Internet]. Alberta Health Services; Edmonton, Alberta. Ear Pain.
  3. National Health Service [Internet] NHS inform; Scottish Government; Earache
  4. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Ear Infections
  5. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Ear Infection

कान में दर्द के डॉक्टर

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कान में दर्द की दवा - Medicines for Ear Pain in Hindi

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