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Kofol Immunity Kit Pack of 4 बिना डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली आयुर्वेदिक दवा है, जो मुख्यतः कमजोर इम्यूनिटी, वायरल इन्फेक्शन, सर्दी जुकाम, गले में दर्द के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। Kofol Immunity Kit Pack of 4 के मुख्य घटक हैं चित्रक, गिलोय, हल्दी, अदरक, मनशिला जिनकी प्रकृति और गुणों के बारे में नीचे बताया गया है। Kofol Immunity Kit Pack of 4 की उचित खुराक मरीज की उम्र, लिंग और उसके स्वास्थ्य संबंधी पिछली समस्याओं पर निर्भर करती है। यह जानकारी विस्तार से खुराक वाले भाग में दी गई है।
| चित्रक |
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| गिलोय |
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| हल्दी |
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| अदरक |
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| मनशिला |
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Kofol Immunity Kit Pack of 4 इन बिमारियों के इलाज में काम आती है -
मुख्य लाभ
चिकित्सा साहित्य में Kofol Immunity Kit Pack of 4 के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Kofol Immunity Kit Pack of 4 का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें।
क्या Kofol Immunity Kit Pack of 4 का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?
क्या Kofol Immunity Kit Pack of 4 का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?
Kofol Immunity Kit Pack of 4 का पेट पर क्या असर होता है?
क्या Kofol Immunity Kit Pack of 4 का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है?
क्या Kofol Immunity Kit Pack of 4 का उपयोग शराब का सेवन करने वालों के लिए सही है
क्या Kofol Immunity Kit Pack of 4 शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है?
क्या Kofol Immunity Kit Pack of 4 का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है?
इस जानकारी के लेखक है -
BAMS, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डर्माटोलॉजी, मनोचिकित्सा, आयुर्वेद, सेक्सोलोजी, मधुमेह चिकित्सक
10 वर्षों का अनुभव
संदर्भ
Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 53-55
Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 60-61
Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No - 138 -139