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इम्यून सिस्टम या प्रतिरक्षा तंत्र हमारे शरीर की बेहद जरूरी रक्षात्मक प्रतिक्रिया है और इसका काम है व्यक्ति को बीमारी पैदा करने वाले रोगाणुओं जैसे- बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और परजीवियों से बचाना और स्वस्थ रखना। इम्यून सिस्टम हमें कई तरह के संक्रमण से बचाता है। ज्यादातर युवा और स्वस्थ लोगों के शरीर में इम्यून सिस्टम इस फंक्शन को पूरी तरह से करने में सफल होता है। लेकिन कई बार इम्यून सिस्टम को जिस तरह से और जितना काम करना चाहिए वह नहीं कर पाता और इस कारण वह व्यक्ति अतिसंवेदनशील हो जाता है और उसे बीमारियां होने का खतरा अधिक होता है। जिस व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है उसे बार-बार इंफेक्शन होने का भी खतरा रहता है।

हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम सफेद रक्त कोशिकाएं (डब्लूबीसी), एंटीबॉडीज और कई दूसरे तत्व जिसमें खास अंग और लिम्फ नोड्स यानी लसीका पर्व भी शामिल है से मिलकर बनता है। रोजमर्रा का स्ट्रेस, खाने-पीने की गलत आदतें और कई बीमारियां या विकार भी हैं जिनकी वजह से हमारा इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और वह व्यक्ति इम्यूनोकॉम्प्रमाइज्ड या प्रतिरक्षा में अक्षम कहलाता है। कई बार जन्म से कुछ बीमारियों की वजह से व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर रहता है तो वहीं कई बार पर्यावरण से जुड़े कारणों की वजह से ऐसा होता है। 

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आखिर इम्यून सिस्टम या इम्यूनिटी या रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने का क्या मतलब है और किन वजहों से हमारी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है? इम्यूनिटी कमजोर होने के लक्षण क्या हैं और कमजोर इम्यूनिटी की समस्या का इलाज क्या है। इन सभी के बारे में हम आपको इस आर्टिकल में बता रहे हैं।

  1. इम्यूनिटी कमजोर होने के लक्षण - Weak immune system Symptoms in Hindi
  2. इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण - Weak immune system Causes in Hindi
  3. इम्यूनिटी कमजोर होने का उपचार - Weak immune system Treatment in Hindi
  4. इम्यूनिटी कमजोर होना के डॉक्टर

इम्यूनिटी कमजोर होने के लक्षण - Weak immune system Symptoms in Hindi

कमजोर इम्यून सिस्टम का सबसे पहला और मूलभूत संकेत या लक्षण यही है कि वह व्यक्ति किसी भी तरह के इंफेक्शन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होगा। जिन लोगों की इम्यूनिटी या रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उन्हें दूसरों की तुलना में इंफेक्शन और बीमारियां होने का खतरा काफी अधिक होता है और वह भी गंभीर इंफेक्शन जिसका इलाज मुश्किल होता है। इतना ही नहीं, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को तो ऐसा इंफेक्शन भी होने का खतरा रहता है जो मजबूत इम्यून सिस्टम वाले लोगों को कभी नहीं हो सकता। 

कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को आमतौर पर जिस तरह का इंफेक्शन होने का खतरा रहता है, वे हैं:

कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्ति में इस तरह के इंफेक्शन्स की बार-बार पुनरावृत्ति होती रहती है। इसके अलावा कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में ये समस्याएं भी हो सकती हैं:

इन लक्षणों के अलावा कुछ वॉर्निंग साइन्स भी हैं जिससे यह पता चलता है कि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर हो गया है :

स्ट्रेस का लेवल बहुत अधिक
अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन की रिपोर्ट की मानें तो अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक स्ट्रेस या तनाव में रहता है तो इससे उसका इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि तनाव, शरीर के लिम्फोसाइट्स (सफेद रक्त कोशिकाएं) को कम कर देता है जो इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं। व्यक्ति का लिम्फोसाइट लेवल जितना कम होगा उसे इंफेक्शन और बीमारियां होने का खतरा उतना ही अधिक होगा।

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अगर हर वक्त जुकाम रहता हो
एक सामान्य वयस्क व्यक्ति को साल में 2 से 3 बार सर्दी-जुकाम होना, नाक बहना, छींक आते रहना बेहद सामान्य सी बात है और ज्यादातर लोग 7 से 10 दिन में पूरी तरह से ठीक भी हो जाते हैं। लेकिन अगर आपको बार-बार नियमित रूप से सर्दी-जुकाम की समस्या रहती है और बिना दवा लिए यह समस्या ठीक नहीं होती तो यह इस बात का संकेत है कि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है।

पेट से जुड़ी समस्याएं
अगर किसी व्यक्ति को नियमित रूप से डायरिया, पेट में गैस या कब्ज की दिक्कत रहती हो तो यह भी कमजोर या अक्षम इम्यून सिस्टम का संकेत हो सकता है। रिसर्च की मानें तो हमारा 70 प्रतिशत इम्यून सिस्टम पाचन तंत्र में स्थित होता है। ऐसे में पाचन तंत्र में मौजूद गुड बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीव आंत (गट) को इंफेक्शन से बचाकर रखने में मदद करते हैं।

घाव भरने में लगता है अधिक समय
जैसे ही आपको चोट लगती है, खरोंच आती है या जलने की वजह से घाव होता है तो आपकी स्किन तुरंत डैमेज कंट्रोल करने में लग जाती है। घाव के भरने की यह पूरी प्रक्रिया इम्यून सिस्टम की स्वस्थ कोशिकाओं पर निर्भर करती है। लेकिन अगर आपका इम्यून सिस्टम कमजोर होगा तो आपकी स्किन नई स्किन नहीं बना पाएगी और घाव को भरने में अधिक समय लगेगा।

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हर वक्त थकान महसूस होती है
अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आपको हर वक्त थकान और शरीर में खिंचाव महसूस होता रहता है तो यह भी कमजोर इम्यून सिस्टम का एक वॉर्निंग साइन हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आपका इम्यून सिस्टम काम को लेकर संघर्ष कर रहा होता है तो शरीर की ऊर्जा का लेवल भी कम हो जाता है।

इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण - Weak immune system Causes in Hindi

यह समझने के लिए कि आखिर हमारा इम्यून सिस्टम कमजोर क्यों होता है पहले आपको इम्यून सिस्टम का सबसे अहम हिस्सा- सफेद रक्त कोशिकाओं के बारे में जानना होगा। नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज (niaid) की मानें तो सफेद रक्त कोशिकाएं खून में हमेशा गश्त करती रहती हैं और ज्यादातर समय बाहरी आक्रमणकारियों की खोज करती रहती है ताकि शरीर की उनसे सुरक्षा की जा सके। 

लेकिन ऐसी कई बीमारियां हैं जिनकी वजह से सफेद रक्त कोशिकाओं की कार्यपद्धति प्रभावित होती है। ये बीमारियां या विकार हल्के-फुल्के या फिर गंभीर भी हो सकते हैं, जैसे:

ऑटोइम्यून बीमारियां जैसे- लुपस और रूमेटाइड आर्थराइटिस की वजह से भी इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। इसके अलावा कुछ दवाइयां भी हैं जो आपके रोगों से लड़ने की क्षमता और प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करती हैं। वे दवाएं हैं- शरीर में इन्फ्लेमेशन से लड़ने में इस्तेमाल होने वाली कोर्टिकोस्टेरॉयड्स, कीमोथेरेपी की दवाइयां और बायोलॉजिक्स।

बढ़ती उम्र भी इम्यून सिस्टम के कमजोर होने का कारण
इतना ही नहीं आपकी बढ़ती उम्र भी इम्यून सिस्टम को कमजोर बनाती है क्योंकि समय के साथ इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया देने की क्षमता घटती जाती है जिस कारण बुजुर्गों को इंफेक्शन और बीमारियां होने का खतरा अधिक होता है। हालांकि इसका स्पष्ट कारण पता नहीं चल पाया है लेकिन वैज्ञानिकों की मानें तो शरीर में टी सेल्स की कमी की वजह से ऐसा होता है क्योंकि थाइमस उम्र बढ़ने के साथ ही इंफेक्शन से लड़ने के लिए कम टी सेल्स का उत्पादन करता है।

इम्यूनिटी कमजोर होने का उपचार - Weak immune system Treatment in Hindi

जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है उन्हें अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने के साथ ही कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि उन्हें इंफेक्शन और बीमारियां होने का खतरा कम हो और वे स्वस्थ जीवन जी सकें। इसके लिए:

1. साफ-सफाई का रखें ध्यान
कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग हमेशा स्वस्थ रहें इसके लिए बेहद जरूरी है कि वे साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें खासकर हाथों की सफाई। खाना बनाने से पहले और बाद में, खाना खाने से पहले और बाद में, अपनी नाक साफ करने, खांसने और छींकने के तुरंत बाद, घाव को साफ करने के तुरंत बाद, किसी बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद, टॉयलेट इस्तेमाल करने के तुरंत बाद, बच्चे का डायपर चेंज करने के बाद, पालतू जानवरों को छूने और कूड़ा-कचरा छूने के बाद अपने हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह से जरूर साफ करें।

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अमेरिका की सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की मानें तो अच्छी तरह से हैंड वॉश करने से कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में संक्रामक बीमारी डायरिया के खतरे को 58 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा कई और बीमारियों के खतरे को भी अच्छी तरह से हाथ धोकर दूर किया जा सकता है। हाथों की सफाई के अलावा घर की चीजें और वैसी सतहें जिन्हें बार-बार और ज्यादा लोग छूते हैं जैसे- दरवाजे का हैंडल, कुंडी, रिमोट कंट्रोल, टेबल की सतह उन्हें नियमित रूप से साफ और कीटाणुमुक्त करना चाहिए।

2. बीमार लोगों के संपर्क में आने से बचें
अगर किसी व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर है तो उन्हें किसी भी तरह के इंफेक्शन से पीड़ित या बीमार व्यक्ति के बेहद नजदीक जाने से बचना चाहिए। इतना ही नहीं उन्हें बीमार व्यक्ति के खाने-पीने की चीजें भी शेयर नहीं करनी चाहिए।

3. तनाव को कंट्रोल करें
स्ट्रेस या तनाव भी व्यक्ति के इम्यून सिस्टम को कमजोर बना देता है, लिहाजा अपने तनाव को मैनेज करना और कंट्रोल करना भी बेहद जरूरी है। स्ट्रेस को कंट्रोल करने के लिए योग करें, मेडिटेशन करें, मसाज करवाएं, अपनी पसंदीदा हॉबीज को समय दें, दोस्त, रिश्तेदार आदि के साथ संपर्क बनाए रखें। 

4. पर्याप्त नींद लें
नैशनल स्लीप फाउंडेशन की मानें तो नींद की कमी का हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम पर वही असर पड़ता है जो स्ट्रेस का। नींद की कमी की वजह से इम्यून सिस्टम का सबसे अहम हिस्सा- सफेद रक्त कोशिकाओं के सामान्य उत्पादन में कमी आती है। सीडीसी की मानें तो वयस्कों के लिए रोजाना रात में कम से कम 7 घंटे की नींद बेहद जरूरी है। वहीं बच्चों के लिए उनकी उम्र के हिसाब से 8 से 17 घंटे की नींद जरूरी है।

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5. हेल्दी डायट का सेवन करें
स्वस्थ और संतुलित भोजन व्यक्ति को संपूर्ण रूप से खुश और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो उन्हें अपनी डायट में फल और सब्जियों को अधिक मात्रा में शामिल करना चाहिए ताकि उन्हें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त हो सकें। इसके अलावा कच्चे या कम पके हुए मांस, मछली और अंडे का सेवन न करें, पास्चरीकृत डेयरी प्रॉडक्ट्स का ही सेवन करें, फल और सब्जियों को खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह से धोकर साफ कर लें।

6. रोजाना एक्सरसाइज करें
नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से भी आपका शरीर स्वस्थ रहता है। शरीर को मजबूत बनाने के साथ ही एक्सरसाइज करने के दौरान एन्डॉर्फिन हार्मोन रिलीज होता है जिससे स्ट्रेस लेवल में कमी आती है। हालांकि जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो उन्हें बहुत ज्यादा हाई इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए। 

7. सप्लिमेंट्स का सेवन कर सकते हैं
कई बार व्यक्ति के शरीर में कुछ निश्चित विटामिन्स और मिनरल्स की कमी होने की वजह से भी इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। लिहाजा आप अपने डॉक्टर से पूछकर निम्नलिखित सप्लिमेंट्स का सेवन कर सकते हैं ताकि इम्यून सिस्टम को फिर से मजबूत बनाया जा सके:

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