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बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना हम सबका अधिकार है और अच्छी चिकित्सा व्यवस्था मुहैया कराना जनप्रतिनिधि या सरकार की जिम्मेदारी। हालांकि, अधिकारों से अलग जिम्मेदारी का अभाव आज जिंदगी पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। चूंकि, हमारे देश में आज भी अच्छे डॉक्टरों की कमी है और झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हालात इतने खराब हैं कि बेहतर इलाज ना मिलने के कारण आज ऐसे डॉक्टरों की वजह से कुछ मासूमों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है।

दरअसल देश की राजधानी दिल्ली में छोलाछाप डॉक्टर के गलत इंजेक्शन की वजह से एक साल के मासूम की मौत हो गई। ये पूरा वाक्या दिल्ली के सोनिया विहार इलाके का है, जहां उल्टी-दस्त होने पर डॉक्टर ने बच्चे को गलत इंजेक्शन लगा दिया और कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि, यह ऐसा कोई पहला मामला नहीं है। बल्कि कुछ दिन पहले दिल्ली में ही एक मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट द्वारा गलत दवा के बाद इंजेक्शन लगाने से दो साल की बच्ची की मौत हुई थी।

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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक 20 दिसंबर की रात अचानक बच्चे (आर्यन) की तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद उसे उल्टी-दस्त होने लगे। इसकी अगली सुबह यानि 21 दिसंबर को बच्चे के माता-पिता उसे लेकर एक कथित डॉक्टर के पास पहुंचे, जिसने बच्चे को इंजेक्शन लगाया और दवा दी। इसके बाद 22 दिसंबर को जब बच्चा सोकर नहीं उठा तो पीड़ित माता-पिता उसे लेकर जीटीबी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

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बच्चे को उल्टी दस्त की वजह
myUpchar से जुड़ी डॉक्टर फतमा का कहना है कि नवजात की तुलना में एक साल के बच्चे में उल्टी-दस्त की कई वजहें हो सकती हैं, जैसे-

  • बोतल से दूध पिलाना
  • दूषित खाना खिलाना
  • दूषित पानी पिलाना

आमतौर पर डॉक्टर बोतल से दूध पिलाने के लिए मना करते हैं, लेकिन फिर भी आप बोतल से दूध पिला रहे हैं तो बोतल को पानी में उबाल लें। हालांकि, बोतल की तुलना में चम्मच से दूध पिलाना सही माना जाता है।

बच्चे के खराब स्वस्थ की जांच करें
डॉक्टर के मुताबिक ज्यादा दस्त और उल्टी की स्थिति में बच्चे के शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिसके बेहद गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए माता-पिता को सजग रहने की जरूरत है। उल्टी-दस्त होने पर जांच करें कि बच्चा दिन में कितनी मात्रा में और कितनी बार पेशाब कर रहा है। अगर, बच्चा 5 या 6 घंटे से ज्यादा के अंतराल में पेशाब कर रहा है तो यह एक समस्या (डिहाइड्रेशन - शरीर में पानी कम होना) हो सकती है।

(और पढ़ें - नवजात बच्चों में दस्त रोकने के उपाय)

ऐसी स्थिति में आप क्या करें?
डॉक्टर कहना है कि ज्यादा उल्टी-दस्त होने की स्थिति में बच्चे को मुंह से कुछ भी ना खिलाएं-पिलाएं। बच्चे को कुछ भी खिलाने-पिलाने पर वह और उल्टी कर सकता है। इसलिए जितना जल्दी हो सके बच्चे को अस्पताल लेकर जाएं।

सामान्य उल्टी दस्त में क्या करें
अगर आपके बच्चे को सामान्य उल्टी-दस्त की परेशानी है तो बच्चे को फौरी राहत के लिए कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं, जैसे -

  • चीनी और नमक का घोल
  • ओआरएस का घोल (WHO-ORS)
  • खिचड़ी खिला सकते हैं (लेकिन, उल्टी होने पर ना खिलाएं)

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कहा जा सकता है कि बच्चे के स्वस्थ को लेकर माता-पिता का सजग होना सबसे जरूरी है। मतलब, अगर बच्चे की तबीयत खराब होती है तो बिना वक्त गंवाए और जोखिम लिए, आप बच्चे को अस्पताल ले जाएं। वरना बाद में सिर्फ पश्चाताप के अलावा कुछ हासिल नहीं होता है। हां, सामान्य उल्टी-दस्त में घरेलू उपाय आजमाए जा सकते हैं, लेकिन हालत गंभीर होने पर सही विकल्प या सही रास्ते का चुनाव ही आपके अपने की जिंदगी बचा सकता है।

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