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चीन समेत पूरी दुनिया में हजारों लोगों को बीमार कर रहे नए कोरोना वायरस ने मेडिकल विशेषज्ञों को कई वजहों से चिंतित किया हुआ है। इनमें एक बड़ी वजह यही है कि इस बीमारी का इलाज अभी तक खोजा नहीं गया है। मेडिकल साइंस से जुड़े दुनियाभर के वैज्ञानिक और डॉक्टर जल्दी से जल्दी कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटे हैं। वहीं, दूसरी तरफ इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि क्या नया कोरोना वायरस 'अलक्षणी' भी है। 

दरअसल, 2019-nCoV कोरोना वायरस के कुछ दुर्लभ मामले सामने आए हैं, जिनमें इसके संक्रमण से प्रभावित लोगों में सर्दी-जुकाम, सांस की तकलीफ या निमोनिया जैसे लक्षण दिखाई नहीं दिए थे, जबकि वे वायरस से संक्रमित थे। कुछ ही दिन पहले जानी-मानी अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'द लांसेट' ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि चीन के शेन्जेन शहर में कोरोना वायरस से संक्रमित एक परिवार के छह सदस्यों में से एक में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए थे। यह सदस्य परिवार का दस साल का बच्चा था।

इस रिपोर्ट ने मेडिकल विशेषज्ञों का ध्यान खींचा था। उन्होंने इस पर अलग-अलग राय दी थी। कुछ ने वायरस को लेकर चिंता जाहिर की, तो कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि जिस सैंपल के आधार पर पत्रिका ने रिपोर्ट प्रकाशित की वह काफी छोटा था। हालांकि यह बात गौरतलब है कि रिपोर्ट में दिखाए गए परिणाम पर सवाल उठाए नहीं गए।

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संदेह के बाद भी संभावना से इनकार नहीं
यह बात इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि खुद चीन द्वारा जारी किए गए कुछ मेडिकल दस्तावेजों में इस बात का जिक्र किया गया है कि कोरोना वायरस एक 'अलक्षणी' संक्रामक रोग हो सकता है। इस मुद्दे पर सबसे पहली रिपोर्ट इंग्लैंड की जानी-मानी मेडिकल पत्रिका 'न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन' ने प्रकाशित की थी। चीनी दस्तावेजों और डॉक्टरों के दावों के आधार पर पत्रिका ने लिखा कि एक जर्मन महिला कोरोना वायरस से संक्रमित थी, लेकिन उसमें इसके लक्षण नहीं दिखे थे। पत्रिका के मुताबिक संक्रमित होने से कुछ ही दिन पहले महिला चीन से जर्मनी लौटी थी। पत्रिका के मुताबिक उससे पहले वह कथित रूप से ठीक थी, चीन से जर्मनी लौटने के बाद उसमें वायरस फैलना शुरू हुआ।

हालांकि इस रिपोर्ट पर कई जानकारों ने सवाल उठाए हैं। इसके दो प्रमुख हैं। पहला यह, कि महिला को चीन पहुंचने से पहले ही 'हल्का बुखार' था, जो कोरोना वायरस का लक्षण हो भी सकता है और नहीं भी। दूसरा कारण यह कि पत्रिका ने इस बारे में पुष्टि करने के लिए महिला से कोई संपर्क नहीं किया था। कई विशेषज्ञों ने इस तथ्य के आधार पर पत्रिका की रिपोर्टिंग की आलोचना की। हालांकि रिपोर्ट के इस कमजोर पहलू के बाद भी इस संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा कि कोरोना वायरस अलक्षणी हो सकता है।

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चीनी वैज्ञानिक ने भारत को दी थी चेतावनी
यहां यह भी नहीं भूलना चाहिए कि इस बीमारी पर काम कर रहे चीन के एक बड़े वैज्ञानिक ने भारत को हिदायत दी थी कि यहां के अधिकारियों को हाल ही में चीन से भारत लौटे छात्रों को उनके परिवारों से 'तुरंत' अलग कर देना चाहिए। चीन के सर्वोच्च स्वास्थ्य संस्थान 'डिसीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेन्शन सेंटर' के महानिदेशक गाओ फू के मुताबिक जिन छात्रों में कोरोनावायरस के लक्षण स्पष्ट रूप से दिखे हैं, उन्हें उनके परिवारों से अलग कर दिया जाना चाहिए। वहीं, जिन छात्रों में इस वायरस के लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं, उन्हें घर में ही परिजनों से दूर रखा जाना चाहिए।

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बहरहाल, तमाम रिपोर्टों के बीच कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है। पूरी दुनिया में इससे मरने वालों की संख्या 560 और केसों की संख्या 28,270 के आंकड़े को पार कर गई है। इनमें से 28,000 मामले और 563 मौतें अकेले चीन में हुई हैं।

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