भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कोविड-19 की रोकथाम के लिए एंटी-मलेरिया दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल को स्वीकृति दे दी है। इससे पहले ऐसी रिपोर्टें आई थीं, जिनमें बताया गया था कि आईसीएमआर इस दवा को अपने प्रोटोकॉल से हटा सकता है। लेकिन इसके उलट उसने अपने आंकलन में दवा के निम्न स्तर पर दुष्प्रभावी पाए जाने के बाद इससे जुड़ी चिंताओं को एक तरह से खारिज कर दिया है। बताया गया है कि उसने 1,323 हेल्थकेयर वर्कर्स पर दवा के प्रभाव का आंकलन करने के बाद यह फैसला किया है।
क्या कहती हैं नई गाइडलाइंस?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नई गाइडलाइंस में आईसीएमआर ने कहा है कि एक रोगनिरोधी दवा के रूप में सभी सावधानियां बरतते हुए एचसीक्यू उन सभी हेल्थकेयर वर्कर्स को दी जा सकती है, जो कोविड-19 के इलाज में लगे हुए हैं और जिनमें इसके लक्षण नहीं दिख रहे हैं। इनमें क्वारंटीन केंद्रों में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ सभी अस्पतालों के हेल्थकेयर वर्कर्स शामिल हैं। बताया गया है कि उन अस्पतालों के स्वास्थ्यकर्मियों को भी एचसीक्यू दी जा सकती है, जिन्हें विशेष तौर पर कोविड-19 के मरीजों का इलाज करने के लिए तैयार नहीं किया गया है।
स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा कोविड-19 की रोकथाम में सबसे आगे की पंक्ति में काम कर रहे अन्य लोगों को भी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दिए जाने की सिफारिश की गई है। इनमें कंटेंमेंट जोन घोषित किए गए इलाकों में तैनात पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री के जवान शामिल हैं। साथ ही, लैब टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति के हाउसहोल्ड कॉन्टैक्ट यानी घर में उसके संपर्क में आए लोगों को भी यह दवा दी जा सकती है। वहीं, एचसीक्यू के इस्तेमाल से जुड़ी सावधानियों में कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति में इसके दुष्प्रभाव (जैसे हृदय रोग) दिखें तो ड्रग का इस्तेमाल बंद कर दिया जाए। 15 साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए भी एचसीक्यू का इस्तेमाल वर्जित होगा। इसके अलावा, जो लोग रेटिनोपैथी (आंख के रेटिना को हुआ नुकसान) से पीड़ित हैं और इस दवा के प्रभाव के लिहाज से अतिसंवेदनशील हैं, उन्हें यह दवा देने की मनाही होगी।
नए शोध में एचसीक्यू फिर 'बेअसर' साबित
आईसीएमआर ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब कोरोना वायरस को रोकने को लेकर हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के प्रभाव के संबंध 'दि लांसेट' पत्रिका का शोध चर्चा का विषय बना हुआ है। इस जानी-मानी प्रतिष्ठित विज्ञान एवं स्वास्थ्य पत्रिका ने 96,000 से ज्यादा कोविड-19 मरीजों का विश्लेषण करने के बाद बताया है कि एचसीक्यू नए कोरोना वायरस को रोकने में प्रभावी नहीं है। उसके मुताबिक, जिन लोगों ने कोरोना वायरस से बचने के लिए इस दवा का सेवन किया था, उनमें कोविड-19 से मृत्यु की संभावना उन मरीजों से ज्यादा पाई गई है, जिन्होंने यह दवा नहीं ली।
पत्रिका ने अपने अध्ययन के आधार यह भी बताया है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और इसकी क्षमता से मिलती-जुलती एक और दवा क्लोरोक्वीन के इस्तेमाल से मरीजों में हृदय की गति से जुड़ी समस्या देखने को मिली है, जिससे अचानक कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति का रुकना) आ सकता है। ऐसा होने पर किसी व्यक्ति की अकाल मृत्यु भी हो सकती है। इससे पहले भी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को लेकर हुए शोधों में इसी तरह के परिणाम सामने आए थे। लेकिन दि लांसेट के अध्ययन की अपेक्षा उनके सैंपल यानी मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी।
(और पढ़ें - चेतावनी के बावजूद कोविड-19 की रोकथाम के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल बढ़ा, डब्ल्यूएचओ ने फिर किया आगाह)
ताजा शोध के सामने आने के बाद उन विशेषज्ञों की इस राय को बल मिल गया है, जिनका दावा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ एचसीक्यू के इस्तेमाल से फायदे कम और नुकसान ज्यादा हैं। अमेरिका के चर्चित अखबार 'दि वॉशिंगटन पोस्ट' की एक रिपोर्ट में स्क्रिप्स रिसर्च ट्रांसलेशनल इंस्टीट्यूट के निदेशक और हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. एरिक टोपल ने कहा है, 'यह (एचसीक्यू) ऐसी चीज है जिसके फायदे नहीं हैं, लेकिन नुकसान स्पष्ट हैं। इस दवा से (कोविड-19 की रोकथाम की) जो उम्मीद थी, वह अब पूरी तरह खत्म हो गई है।' वहीं, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में प्रिवेंटिव कार्डियॉलजी के निदेशक डेविड मैरन ने कहा है कि नए परिणामों से यह पूरी तरह साफ हो जाता है कि इन ड्रग्स से कोविड-19 की रोकथाम या इलाज की कोई उम्मीद नहीं है।
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोविड-19: आईसीएमआर ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल को मंजूरी दी, लेकिन एक बड़े अध्ययन में दवा फिर 'बेअसर' साबित है
- Proctosedyl BD Cream - ₹118
- Anovate Ointment - ₹117
- Covifor Injection - ₹3780
- Fabiflu 400 Tablet - ₹856
- Fabiflu 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 400 Mg Tablet - ₹1224
- Pilo GO Cream - ₹75
- Anovate Cream - ₹111
- Remdesivir Injection - ₹10500
- Molusafe Capsule - ₹457
- Movfor 200 Mg Capsule - ₹2490
- Molflu 200 Mg Capsule - ₹1400
- Molulife 200 Capsule - ₹1399
- Cipmolnu 200 Mg Capsule - ₹2000
- Molxvir 200 Mg Capsule - ₹1520
- Alzumab Injection - ₹8229
- Immunocin Alpha Plus 1.6mg Injection - ₹5998
- Imualfa 1.6mg Injection 1ml - ₹2628
- Molnutor 200 Mg Capsule - ₹2000




