कोविड-19 की रोकथाम के मुद्दे पर चर्चा बटोर चुकी एंटी-वायरल दवा रेमडेसिवियर एक बार फिर सुर्खियों में है। खबर है कि यह दवा कोरोना वायरस से संक्रमित बंदरों में फेफड़े की बीमारी फैलने से रोकने में कामयाब रही है। इस शोध से जुड़ी जानकारी जानी-मानी विज्ञान व स्वास्थ्य पत्रिका 'नेचर' में प्रकाशित हुई है। गौरतलब है कि कोविड-19 के इलाज और रोकथाम के लिए अभी तक जितने भी ड्रग आजमाए गए हैं, उनमें सबसे पहले रेमडेसिवियर ने मानव परीक्षणों में कोविड-19 के मरीजों की हालत में सुधार लाने का काम किया था। हालांकि बाद में दवा के असर को लेकर नए तथ्य सामने आए, जिनमें रेमडेसिवियर को कोरोना वायरस के संक्रमण के खिलाफ अप्रभावी या कम असरदार भी बताया गया।
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लेकिन रेमडेसिवियर के क्लिनिकल ट्रायल रुके नहीं हैं और चूंकि कोविड-19 की कोई वैक्सीन या दवा अभी तक नहीं बन पाई है, इसलिए अमेरिकी दवा कंपनी 'गिलीड साइंसेज' द्वारा निर्मित इस ड्रग के ट्रायलों से जुड़ी जानकारी पर मेडिकल विशेषज्ञ करीबी से नजर बनाए हुए हैं। खबर के मुताबिक, अप्रैल में किए गए रेमडेसिवियर के क्लिनिकल ट्रायल के तहत 12 बंदरों को नए कोरोना वायरस से संक्रमित किया गया था। उनमें से छह का रेमडेसिवियर के डोज देकर इलाज किया गया। इस दौरान यह पाया गया कि इन छह बंदरों में श्वसन संबंधी रोग के लक्षण दिखाई नहीं दिए और वायरस के प्रभाव में फेफड़ों को होने वाले नुकसान से बचा लिया गया।
बंदरों को लेकर हुए इस ट्रायल की जानकारी अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ द्वारा अप्रैल में जारी की गई थी। लेकिन उस समय ट्रायल के परिणामों की समीक्षा नहीं हुई थी, जिसके बाद ही किसी वैज्ञानिक शोध को मान्यता मिलती है। अब समीक्षा कार्य पूरा होने और अध्ययन के प्रकाशन के बाद इसके लेखकों ने शोध के हवाले से कहा है कि रेमडेसिवियर को जल्दी से जल्दी से कोविड-19 का इलाज मानकर इसके मरीजों को दिया जाना चाहिए ताकि उनमें निमोनिया की समस्या को बढ़ने से रोका जा सके।
गौरतलब है कि अमेरिका, भारत और दक्षिण कोरिया जैसे कोरोना वायरस प्रभावित देशों में कोविड-19 के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए रेमडेसिवियर के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। कुछ यूरोपीय देश भी इस दवा का इस्तेमाल इमरजेंसी ड्रग के रूप में कर रहे हैं। दूसरी तरफ, दवा के मानव परीक्षण जारी हैं, जिनसे जुड़े शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि रेमडेसिवियर दवा देने से कोरोना वायरस के मरीज ज्यादा जल्दी रिकवर करते हैं।
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उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें रेमडेसिवियर ने बंदरों में कोरोना वायरस फैलने से रोका, जल्दी से जल्दी कोविड-19 का इलाज मानकर इस्तेमाल करने का सुझाव है
- Proctosedyl BD Cream - ₹116
- Anovate Ointment - ₹117
- Covifor Injection - ₹3780
- Fabiflu 400 Tablet - ₹856
- Fabiflu 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 400 Mg Tablet - ₹1224
- Pilo GO Cream - ₹75
- Anovate Cream - ₹111
- Remdesivir Injection - ₹10500
- Molusafe Capsule - ₹457
- Movfor 200 Mg Capsule - ₹2490
- Molflu 200 Mg Capsule - ₹1400
- Molulife 200 Capsule - ₹1399
- Cipmolnu 200 Mg Capsule - ₹2000
- Molxvir 200 Mg Capsule - ₹1520
- Alzumab Injection - ₹8229
- Immunocin Alpha Plus 1.6mg Injection - ₹5998
- Imualfa 1.6mg Injection 1ml - ₹2628
- Molnutor 200 Mg Capsule - ₹2000




