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भारत में बर्ड फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। इससे देश में कोविड-19 महामारी के अलावा एक और स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू से बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, केरल, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात में सैकड़ों-हजारों पक्षी बर्ड फ्लू का शिकार बने हैं। हालात देखते हुए केंद्र सरकार ने कई राज्यों में बर्ड फ्लू से संबंधित अलर्ट जारी कर दिया है। इसके तहत उन इलाकों से सैंपल इकट्ठा कर उनकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां से पक्षियों के मारे जाने की रिपोर्ट की गई है। साथ ही, केंद्र सरकार ने इन इलाकों में उन लोगों की पहचान करने को भी कहा है, जिनमें फ्लू के लक्षण संदिग्ध रूप से दिखाई दिए हैं। उधर, राज्य सरकारों ने अपने स्तर पर प्रोटोकॉल के तहत प्रभावित इलाकों में निषेधात्मक आदेश जारी किए हैं।

  1. केरल में बर्ड फ्लू 2021 में - Bird Flu in Kerala in 2021 in Hindi
  2. मध्य प्रदेश में बर्ड फ्लू 2021 में - Bird Flu in Madhya Pradesh in 2021 in Hindi
  3. हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू 2021 में - Bird Flu in Himachal Pradesh in 2021 in Hindi
  4. गुजरात में बर्ड फ्लू 2021 में - Bird Flu in Gujarat in 2021 in Hindi
  5. पंजाब में बर्ड फ्लू 2021 में - Bird Flu in Punjab in 2021 in Hindi
  6. हरयाणा में बर्ड फ्लू 2021 में - Bird Flu in Haryana in 2021 in Hindi
  7. बर्ड फ्लू से कैसे बचें - Bird Flu se bachne ka tarika
  8. भारत में बर्ड फ्लू 2021: बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत, कई राज्य प्रभावित, जानें कैसे बचें के डॉक्टर

केरल के वन, पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री के राजू ने बताया है कि बर्ड फ्लू के कारण राज्य में करीब 12 हजार बत्तखों की मौत हो गई है। के राजू के मुताबिक, संकट से बचने के लिए लगभग 40 हजार पक्षियों को मारने का फैसला किया गया है। यह काम उन इलाकों में किया जाएगा, जहां से बीमारी के फैलने की रिपोर्टें सामने आ रही हैं। मीडिया रिपोर्टों की मानें तो केरल के अलप्पुझा और कोट्टायम जैसे जिलों के प्रशासन ने पक्षियों को मारने से संबंधित निर्देशों का पालन शुरू भी कर दिया है। मंगलवार को इन जिलों और अन्य इलाकों में बीमारी को फैलने से रोकने के लिए 24 हजार पक्षियों को मारना पड़ा है। वहीं, केरल सरकार ने बर्ड फ्लू को विशेष-राज्य संकट घोषित कर दिया है। साथ ही इस संबंध में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अधिकारियों ने अन्य प्रभावित इलाकों में पोल्ट्री मीट और इससे जुड़े उत्पादों की बिक्री व इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है।

मध्य प्रदेश के दस जिलों में करीब 400 कौवों के बर्ड फ्लू से मारे जाने की जानकारी सामने आई है। राज्य के पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने कहा है कि राज्य में कौवों की मौत के मामलों को नियंत्रित करने के लिए सरकार की तरफ से अलर्ट दे दिया गया है। उन्होंने बताया, 'कौवों की मौतों को कंट्रोल करने के लिए मध्य प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है। 23 दिसंबर से तीन जनवरी के बीच इंदौर में 142, मंदसौर में 100, अगर मालवा में 112 और खारगोन में 13 कौवों की मौत हुई है।' खबर के मुताबिक, मध्य प्रदेश स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्यॉरिटी एनीमल डिजीजेज ने इंदौर और मंदसौर से लिए गए सैंपलों में एच5एन8 की मौजूदगी की पुष्टि की है। यह बर्ड फ्लू की वजह बनने वाले इन्फ्लूएंजा ए वायरस का सबटाइप है। बता दें कि बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहते हैं। मामले सामने आने के बाद मंदसौर के प्रशासनिक अधिकारियों ने जिले में 15 दिनों के लिए चिकन और अंडों की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है।

 

हिमाचल प्रदेश में एवियन फ्लू से बड़ी संख्या में पक्षियों के मारे जाने की बात सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यहां कांगड़ा जिले के पोंग डैम एरिया में 1,900 से ज्यादा पक्षी बर्ड फ्लू का शिकार बने हैं। हालांकि राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए बयान की मानें तो इस इलाके में 2,403 पक्षी एच5एन1 फ्लू वायरस से मारे गए हैं। इसके बाद कांगड़ा के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने किसी भी प्रकार की पोल्ट्री और किसी भी आयु और प्रजाति के पक्षी या मछली तथा उनसे जुड़े उत्पादों (अंडा, मीट, चिकल आदि) की बिक्री, खरीद और आयात पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है। ये आदेश फतेहपुर, देहरा, जवाली और इंदोरा जैसे इलाकों के लिए जारी किए गए हैं। 

 

उधर, गुजरात के जूनागढ़ जिले की माणावदर तहसील के बाटवा नामक इलाके में 53 पक्षियों के बर्ड फ्लू से मारे जाने की रिपोर्ट की गई है। वन अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर पक्षियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। केरल और मध्य प्रदेश की तरह गुजरात सरकार ने भी प्रभावित जूनागढ़ जिले में अलर्ट जारी कर दिया है।  

 

पंजाब में बर्ड फ्लू के डर से अलर्ट जारी किया गया है। यहां हिमाचल प्रदेश से बड़ी संख्या में पक्षी माइग्रेशन के तहत आते हैं। ऐसे में राज्य में एवियन फ्लू के मामले बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसी के चलते प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी हुआ है। राजस्थान के भी कई इलाकों में बर्ड फ्लू तेजी से फैलता दिखा है। यहां बीती 27 दिसंबर को झालावाड़ जिले में 100 पक्षी मृत पाए गए थे। बाद में अन्य इलाकों से भी पक्षियों के मारे जाने की खबरें जानने में आईं। राज्य के पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया का कहना है कि मृत पक्षियों के सैंपलों को जांच के लिए भोपाल भेजा गया था, जहां उनमें बर्ड फ्लू होने की पुष्टि हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, राजस्थान में मारे गए पक्षियों में एच5एन1 वायरस स्ट्रेन पाया गया है। इस बीच, मंगलवार को राज्य के बारन जिले में 50 से ज्यादा पक्षियों के मारे जाने की खबर आई है। 

इस बीच, हरियाणा से एक चौंकाने वाली अपडेट सामने आई है। खबरों की मानें तो यहां पंचकुला जिले में बीते दस दिनों में चार लाख पोल्ट्री पक्षियों की मौत हो गई है। हरियाणा के एनीमल हज्बेंड्री एंड डेयरी डिपार्टमेंट ने अपने बयान में इन्हें असामान्य हालात में हुई मौतें बताया है। फिलहाल मृत पक्षियों के सैंपलों को जांच के लिए भेज दिया गया है।

बर्ड फ्लू के मामले बढ़ते देख लोगों के बीच यह सवाल किया जा रहा है इस बीमारी से कैसे बचा जा सकता है। जानकार बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति बर्ड फ्लू से प्रभावित इलाके में रहता है तो वह निम्नलिखित तरीकों से अपना बचाव कर सकता है:

  • पालतू पक्षियों से दूर रहें।
  • संभव हो तो ग्रामीण इलाकों और छोटे खेतों तथा खुली हवा वाले बाजारों में जाने से परहेज करें।
  • हाथों को अच्छे से धोएं। यह लगभग सभी प्रकार के संक्रमणों से बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सबसे आसान और बेहतर उपायों में से एक है।
  • हाथ धोने के लिए साबुन और सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। सैनिटाइर का उपयोग करने से पहले यह जरूर देख लें कि उसमें 60 से 70 प्रतिशत अल्कोहल शामिल हो।
  • अगर आप किसी ऐसे इलाके में जा रहे हैं, जहां बर्ड फ्लू के मामले आ चुके हैं, तो पहले डॉक्टर से इन्फ्लूएंजा का टीका लगवाने को लेकर बात करें। यह टीका विशेष रूप से बर्ड फ्लू से सुरक्षा नहीं देता, लेकिन पक्षियों व ह्यूमन फ्लू वायरस एक साथ होने पर संक्रमण के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है।

जहां तक चिकन और अंडे की बात है तो पके हुए पोल्ट्री व अंडा उत्पाद स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं माने जाते हैं। फिर भी पोल्ट्री को संभालते और तैयार करते समय सावधानी बरतना सबसे उचित है, क्योंकि उसमें बैक्टीरिया शामिल हो सकते हैं। इस लिहाज से निम्नलिखित सावधानियां बरती जा सकती हैं:

  • कटिंग बोर्ड, बर्तन व पोल्ट्री पदार्थों के संपर्क में आने वाली अन्य सभी सतहों को गर्म पानी के साथ साबुन से अच्छे से धोएं।
  • अगर चिकन बना रहे हैं तो रस साफ होने तक उसे पकाते रहें। इसके लिए 165 फारेनहाइट यानी 74 डिग्री सेल्सियस के तापमान का इस्तेमाल करें।
  • अंडों की ऊपरी परत पक्षियों के मल से दूषित हो सकती है। ऐसे में कच्चे और अधपके अंडों को अलग से संभालकर रखना चाहिए।
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