myUpchar सुरक्षा+ के साथ पुरे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

ब्रेस्ट में दूध की अधिकता होना क्या है?

ब्रेस्ट या स्तनों में ज्यादा दूध बनने का मतलब होता है कि शिशु जितना दूध पी रहा है, उससे ज्यादा दूध बनना, जिसके कारण दूध बनने और निकलने में असंतुलन हो जाता है। ज्यादा दूध बनने के कारण मां के स्तन सूजकर सख्त हो जाते हैं और उनमें दर्द भी होने लगता है। ये सूजन बढ़कर आपकी बगल तक भी जा सकती है और आपके स्तनों में मौजूद नसें त्वचा के बाहर दिखने लगती हैं। इस समस्या के कारण बहुत सारी महिलाऐं समय से पहले ही अपने बच्चे को स्तनपान कराना बंद कर देती हैं। हालांकि, डिलीवरी के 1 या 2 हफ्तों तक ये समस्या होना आम है।

(और पढ़ें - ब्रेस्ट में सूजन के कारण)

ब्रेस्ट में दूध की अधिकता के लक्षण क्या हैं?

ब्रेस्ट में अधिक दूध बनने पर मां को स्तनों में सूजन और लाली होने लगती है। अधिकतर मामलों में ये समस्या दोनों स्तनों को प्रभावित करती है, लेकिन कभी-कभी ये एक स्तन में भी हो सकती है। अधिक दूध बनने के कारण ब्रेस्ट के निप्पल भी चपटे हो जाते हैं, जिसके कारण शिशु सही से दूध नहीं पी पाता और दूध बाहर नहीं निकलता। कुछ मामलों में इसके कारण मां को हल्का बुखार भी हो जाता है जो ज्यादातर एक दिन में ठीक हो जाता है।

(और पढ़ें - बुखार कम करने के उपाय)

ब्रेस्ट में दूध की अधिकता क्यों होती है?

ब्रेस्ट में अधिक दूध बनने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे बच्चे का दूध पीना अचानक बंद हो जाना, बच्चे का दूध कम पीना, बच्चा होने के बाद बहुत देर बाद स्तनपान शुरू करना, मां द्वारा बच्चे को पर्याप्त दूध न पिलाना और बच्चे का बीमार होना। इस बात का ध्यान रखें कि अगर आप बच्चे को कुछ और खिलाने लगे हैं या उसे पाउडर वाला दूध दे रहे हैं, तो बच्चा मां का दूध नहीं पिएगा या कम पिएगा। इसके अलावा जिन महिलाओं ने स्तन प्रत्यारोपण करवाया हुआ है, उन्हें भी अधिक दूध बनने की समस्या हो सकती है क्योंकि उसके कारण दूध सही से निकल नहीं पाता है।

(और पढ़ें - बच्चे को दूध पिलाने का तरीका)

ब्रेस्ट में दूध की अधिकता का इलाज कैसे होता है?

अगर आपकी ब्रेस्ट में अधिक दूध बन रहा है और निकल नहीं पा रहा, तो आप आपको अपने बच्चे को उसकी जरूरत के अनुसार बार-बार दूध पिलाना चाहिए। अगर बच्चा निप्पल से सही तरीके से दूध नहीं पी रहा है, तो अपने हाथों से स्तनों को दबाएं और दूध निकालने का प्रयास करें। ऐसे करने से निप्पल मुलायम हो जाएंगे और बच्चा आसानी से दूध पी पाएगा। इसके अलावा मां अपने स्तनों पर सिकाई भी कर सकती है ताकि दूध सही तरीके से निकल सके।

(और पढ़ें - स्तनपान से जुड़ी समस्याएं)

क्या आप या आपके परिवार में किसी को यह बीमारी है? सर्वेक्षण करें और दूसरों की सहायता करें

सम्बंधित लेख

और पढ़ें ...