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यह बात दावे के साथ कही जा सकती है कि विश्व भर में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं होगा जो दूध के स्वास्थ्य गुणों से अनजान होगा। हर घर में बचपन से ही बच्चों को इस बात से परिचित कराया जाता है कि दूध पीना सेहत के लिए अत्यंत फायदेमंद है। जब एक बच्चे का जन्म होता है तब वह सम्पूर्ण रूप से पोषण के लिए अपने माँ के दूध पर निर्भर करता है और फिर आजीवन गाय, भैंस आदि का दूध पी खुद को स्वस्थ रखता है।

आप दूध के स्वास्थ्य लाभ पनीर, मक्खन, दही, घी, आइसक्रीम, दूध से बनी मिठाई जैसे डेयरी उत्पादों का सेवन करके प्राप्त कर सकते हैं। दुनिया भर में, लगभग 6 अरब से अधिक लोग ऐसे डयरी उत्पादों का नियमित रूप से सेवन करते हैं। यह मानवजात के आवश्यक तत्वों में से एक बन चूका है क्योंकि दूध देने वाले हर तरह के जानवर सभी क्षेत्रों में पाए जाते हैं। अमेरिकी कृषि विभाग (US Department of Agriculture) ने दूध को स्वस्थ आहार बताया है और इसके उत्पादों को अपने दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह भी दी है।

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दूध एकमात्र ऐसा आहार है जो आजीवन हमारा साथ नहीं छोड़ता। यह हमारे शरीर को पोषित कर उसे मजबूत बनाता है, उसके विकास को बढ़ाता है, बीमारियों से लड़ता है व उन्हें दूर भी रखता है और इसके यही गुण इसे सभी आहारों में सर्वश्रेष्ठ बनाते हैं। दूध पोषक तत्वों का एक अद्वितीय संतुलन प्रदान करता है और इसे "प्रकृति का कल्याण पेय" भी माना जाता है। राष्ट्रीय डेयरी परिषद के अनुसार, इसमें 9 आवश्यक पोषक तत्व होते हैं: कैल्शियम, प्रोटीन, पोटेशियम, फास्फोरस, राइबोफ्लैविविन, नियासिन और विटामिन ए, डी और बी 12।

दूध में कैल्शियम होता है जो हड्डियों और दांतों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह मांसपेशियों के निर्माण में भी योगदान देता है। दूध विभिन्न प्रकार के जानवरों से प्राप्त हो सकता है, जिनमें से सभी स्वस्थ लाभ प्रदान करते हैं। गाय, भैंस, बकरियां, भेड़, याक और ऊंट का दूध हमेशा फायदेमंद साबित हुआ है। हालांकि, दुनिया भर के घरों में अधिकतर गाय का दूध ही सबसे लोकप्रिय होता है।

  1. दूध की तासीर
  2. दूध पीने के फायदे
  3. दूध पीने के नुकसान

दूध की तासीर ठंडी होती है। हालांकि इसे किसी भी मौसम में पिया जा सकता है। दूध के कई स्वास्थ लाभ होते हैं परंतु इसका अधिक उपयोग शरीर में किसी प्रकार की समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए दूध का सेवन नियमित मात्रा में करना चाहिए।

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माशपेशियों का विकास

मजबूत मांसपेशियों के लिए दैनिक आहार में दूध का शामिल होना अनिवार्य है। शरीर को मांसपेशियों के विकास के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है और दूध अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोटीन के प्राकृतिक स्रोतों में से एक है। दूध में 20 प्रतिशत व्हे और 80 प्रतिशत कैसिइन होता है। जबकि व्हे अति सरलता से एमिनो एसिड में बदलकर रक्त प्रवाह में अवशोषित हो जाता है, कैसिइन प्रोटीन को इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है और इसका पाचन धीरे होता है।

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दूध में निहित कैल्शियम भी मांसपेशियों व रक्त के स्वास्थ्य में अपना योगदान देता है। तो रोजाना कसरत या व्यायाम करने के बाद एक गिलास दूध अवश्य पियें। इससे आपके शरीर में व्यायाम के बाद होने वाली थकावट नहीं होगी, साथ ही शरीर हाइड्रेटेड भी रहेगा और मासपेशियों के निर्माण को भी प्रोत्साहित करेगा। 

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दांतों को बनाए मजबूत

दांतों के स्वास्थ्य एवं मजबूती के लिए दूध सर्वोत्तम आहार विकल्पों में से एक है। दूध में दांतों के स्वास्थ्य के लिए अधिक मात्रा में कैल्शियम, फॉस्फोरस और आयोडीन पाया जाता है, जिससे दांत मजबूत बनते हैं। यह जबड़े की हड्डियों को भी मजबूत बनाने में सहायक है। मजबूत दांतों का आनंद लेने के लिए रोजाना दूध पियें। बच्चों और युवाओं को दूध का सेवन अवश्य करना चाहिए। यह उनके दांतों को मजबूत करता है और दांतों की समस्याओं से दूर राखता है। बच्चों को ऊर्जा प्राप्त करने के लिए भी दूध पीने की सलाह दी जाती है।

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नींद होती है बेहतर

तनाव अनिद्रा का एक प्रमुख कारक है, जिसकी वजह से बुहत लोग रात भर बिस्तर पर बस इधर से उधर करवट लेते रहते हैं और अच्छे से सो नहीं पाते हैं। सोने से पहले एक गिलास दूध पीने से आपको अच्छी नींद में मदद मिल सकती है। दूध में एमिनो एसिड ट्रायटोफन होता है जो नींद लाने में सहायक है।

इसके अतिरिक्त, दूध कैल्शियम का भी एक उत्तम स्रोत है जो एक प्रभावी प्राकृतिक निद्रा सहायक के रूप में कार्य करता है। तो अगली बार जब आपको नींद ना आये, तो जल्दी से रसोई घर में जाकर गर्म दूध के एक गिलास का सेवन करें और फिर एक अच्छी सी किताब पढ़े या फिर शांतिमय गाने सुनें। इससे आपको जल्दी सोने में मदद मिलेगी। 

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त्वचा के लिए है फायदेमंद

त्वचा की देखभाल के लिए दूध सर्वोत्तम सामग्रियों में से एक है। वास्तव में, दूध ना जाने कितने ही वर्षों से सौंदर्य सहायक के रूप में इस्तेमाल किया जाता आ रहा है। दूध में एमिनो एसिड होता है जो त्वचा को सूर्य से पहुँचने वाली क्षति से बचाता है और उसे नर्म बनाये रखता है। चेहरे पर दूध लगाने के फायदे हैं क्योंकि दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड एक प्राकृतिक एक्सफोलिएटिंग एजेंट के रूप में कार्य करता है जो त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है और बुझी हुई दिखने वाली त्वचा और मुँहासे जैसी समस्याओं को खत्म कर देता है।

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चमकती हुई त्वचा का आनंद लेने के लिए, त्वचा को गर्म पानी से धोने के पश्चात रुई की मदद से दूध को अपने चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं। इसे अपने आप सूखने दें और फिर गर्म पानी से धो लें। आप नरम, स्वच्छ, कोमल त्वचा बनाए रखने के साथ-साथ झुर्रियों को कम करने के लिए दैनिक इस मॉइस्चराइजिंग उपचार का उपयोग कर सकते हैं।

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रखे शरीर को हाइड्रेटेड

हर कोई जानता है कि दूध में कैल्शियम होता है और ये आपकी हड्डियों को भी मजबूत बनाता है। पानी के साथ-साथ दूध भी शरीर को हाइड्रेट करने के लिए सर्वोत्तम विकल्प है। दूध आपके शरीर को पूरे दिन हाइड्रेटेड तो रखता ही है परंतु साथ ही में यह शरीर को ऊर्जा से भी भर देता है। रिसर्च से यह पता चला है कि कसरत करने के बाद डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए दूध का सेवन पानी और स्पोर्ट्स ड्रिंक (sports drink) से भी अधिक फायदेमंद होता है। कसरत करने के बाद दूध पीने से शरीर जल्दी हाइड्रेट हो जाता है और यह व्यायाम के दौरान समाप्त होने वाले इलेक्ट्रोलाइट की फिर से आपूर्ति भी कर देता है।

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कठिन कसरत या फिर खेलकूद गतिविधियां करने के बाद आप चॉकलेट दूध का भी उपभोग कर सकते हैं। चॉकलेट दूध प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट, सोडियम और एंटीऑक्सीडेंट का एक अनोखा संगम है।

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बढ़ाए स्मरण शक्ति

रिसर्च द्वारा इस बात को साबित किया गया कि कम वसा वाला दूध मस्तिष्क शक्ति को बढ़ाने में और अल्जाइमर रोग को रोकने में मदद करता है। यह विटामिन बी 12 का एक अच्छा स्रोत है, जो सोचने की शक्ति को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोटीन है। 2012 में एक टुफ़्स यूनिवर्सिटी के अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों में विटामिन बी-12 की कमी थी उनमें याददाश्त कम होने से ग्रस्त होने की संभावना ज्यादा थी।

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तो चाहे आप स्कूल जाते बच्चे हों या फिर साठ साल के वृद्ध, कम वसा वाला दूध पियें और अपने मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ावा दें। इससे बुढापे की वजह से संज्ञात्मक गिरावट से भी आपको संरक्षण मिलेगा। 

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वजन घटाने में उपयोगी

इज़राइल में नेवेव विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, दूध वजन घटाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह कैल्शियम और विटामिन डी का अच्छा स्रोत है जो शरीर पर चर्बी को खत्म करने वाले प्रभाव डालता है। दूध में प्रोटीन और पानी की मात्रा अधिक होती है जो आपके पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखती है। इसके अलावा, इसमें कंजुगेटेड लिनोलिक एसिड (सी.एल.ए) होता है, जो मोटापे वाले व्यक्तियों को अधिक चर्बी से छुटकारा दिलाता है।

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वजन कम करने के लिए, रोजाना स्किम दूध पियें, स्वस्थ आहार खाएं और खूब सारी कसरत करें।

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बालों के लिए है फायदेमंद

दूध में बालों के तीव्र विकास के लिए आवश्यक सभी प्रोटीन, कैल्शियम और खनिज मौजूद होते हैं। बालों को स्वस्थ और क्षतिग्रस्त बनाए रखने में दूध मदद करता है, यह एक अच्छे कंडीशनर के रूप में कार्य करता है। आपको केवल अपने बालों और सिर की त्वचा पर दूध लगाना है और उसे कुछ मिनट के लिए छोड़ना है। उसके पश्चात शैम्पू करें और ख़ूबसूरत, सॉफ्ट और सिल्की बाल पाएं।

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आप स्प्रे बोतल को भी ठन्डे दूध से भर सकते हैं और उसकी मदद से अपने सारे बालों पर अच्छी तरह से ठंडा दूध छिड़क सकते हैं। और आधे घंटे बाद शैम्पू से धो लें।

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एसिडिटी में है लाभकारी

प्रतिदिन दूध पीने से आपको पाचन तंत्र को ठीक रखने में मदद मिल सकती है। यह रेटिनोइड और विभिन्न प्रकार के रेटिनॉयड एसिड के उत्पादन में मदद करता है जो पाचन तंत्र में हो रही जलनसूजन को नियंत्रित करने में सक्षम है। इसके अलावा दूध में उपस्थित विटामिन डी नई कोशिकाओं के विकास को बढ़ाता है। यह पाचन तंत्र में कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक है। इसके अतिरिक्त, दूध एक प्राकृतिक एंटासिड के रूप में भी कार्य करता है जो पेट में एसिड के प्रभाव को कम कर एसिडिटी व जलन से आपको राहत दिलाता है। 

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करे कैंसर के खतरे को कम

कई अध्ययनों से पता चलता है कि दूध पुरुषों और महिलाओं दोनों में कैंसर का खतरा कम करता है। दूध में कैल्शियम, विटामिन डी और संयुग्मित लिनोलिक एसिड (सी.एल.ए) की मात्रा अधिक होती है। दूध के सेवन से कोलोरेक्टल, स्तन और पेट के कैंसर का खतरा भी कम होता है। कुछ अध्ययनों ने यह सुझाव दिया गया है कि कम वसा वाले दूध से डिम्बग्रंथि के कैंसर का खतरा कम हो सकता है, लेकिन सभी अध्ययनों में यह जोखिम कम नहीं पाया गया है।

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दूध के अन्य लाभ

  • पुरे दिन की थकावट दूर करने के लिए दूध लाभदायक हो सकता है। गर्म दूध के एक गिलास का सेवन तनाव को कम करने और नसों को आराम देने में मदद करता है। यह ऊर्जा को बढ़ाता है और पीएमएस के लक्षणों को भी कम करता है।
  • दूध आपकी मांसपेशियों में सुधर करने में मदद करता है। कसरत या व्यायाम करने के बाद, दूध का सेवन आपकी ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है और मांसपेशियों की मरम्मत करता है।
  • यदि आप गले में दर्द महसूस कर रहे हैं, तो दर्द से राहत दिलाने के लिए दूध का एक गर्म कप आपको दर्द से छुटकारा दे सकता है। (और पढ़ें- गले में दर्द के घरेलू उपाए)
  • त्वचा के रंग को निखारने के लिए भी बहुत से लोग दूध का इस्तेमाल करते हैं। अपने चेहरे और गर्दन पर कच्चे दूध को लगाएं और 10 मिनट तक लगे रहने दें। फिर ताजे पानी से चेहरे और मुँह को धो लें, यह आपकी त्वचा को नरम बनाने में भी मदद करेगा। (और पढ़ें- त्वचा को निखारने के उपाए)
  • हालांकि कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करने के लिए माना जाता है, लेकिन यह कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों और स्ट्रोक की संभावनाओं को भी कम करने में मदद कर सकता है। इसलिए दूध का नियमित मात्रा में सेवन करना आपके दिल के लिए भी अच्छा है। (और पढ़ें- दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाना चाहिए)

ऊपर लिखित दूध के स्वास्थ्य गुणों को पढ़ कर तो आप भी बोल उठे होंगे - " दूध का एक गिलास और बीमारियां खल्लास। परंतु यह तो प्रकृति का नियम है- यदि किसी के अनेक लाभ हैं तो कुछ नुकसान भी हैं। वैसे तो दूध के दुष्प्रभाव बहुत ही दुर्लभ हैं परंतु इसमें लैक्टोज होने के वजह से आपको पाचन तंत्र से सम्बंधित विकारों से ग्रस्त होना पड़ सकता है। जहां दूध कब्ज़ से राहत दिलाने में फायदेमंद है, तो वही दूध का सेवन दस्तगैस, ब्लोटिंग (पेट फूलना), पेट-दर्द, उबकन आदि का कारक बन सकता है। कुछ बच्चों को दूध में पाए जाने वाला कैसिइन प्रोटीन पचता नहीं जिससे उनको अलग-अलग बीमारियाँ भी हो सकती है। 

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दूध के अनोखे फायदे सम्बंधित चित्र


उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें दूध है

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