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भारत में नए कोरोना वायरस के दो नए मामलों की पुष्टि हुई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इनमें से एक केस राजधानी दिल्ली में सामने आया है। वहीं, दूसरा मामला तेलंगाना का है। इस खबर के सामने आने के बाद केंद्र और राज्यों सरकारों में हचलच तेज हो गई है। भारत सरकार की समाचार एजेंसी प्रेस इंफॉर्मेंशन ब्यूरो (पीआईबी) से मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में जिस व्यक्ति के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है वह इटली से यात्रा कर भारत वापस लौटा था। जबकि तेलंगाना में सीओवीआईडी-19 से संक्रमित पाया गया व्यक्ति दुबई से भारत पहुंचा है। मीडिया में आई जानकारी की मानें तो इन दोनों लोगों की हालत स्थिर है। उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

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एक संक्रमित हैदराबाद के अस्पताल में भर्ती
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पाए गए संक्रमित व्यक्ति को आम लोगों से दूर रखने के लिए मुशीराबाद स्थित गांधी मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस अस्पताल में बीते दो दिनों में चार नए संदिग्धों को भर्ती किए जाने की खबर है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी केंद्र से ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है। बता दें कि इन दो मामलों के सामने आने के बाद 

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क्या शोधकर्ताओं की आशंका हो रही सच?
भारत में कोरोना वायरस के ताजा मामले सामने आने के बाद एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट ध्यान खींचती है। इस रिपोर्ट में भारत को लेकर बड़ी चिंता जाहिर की गई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि भारत उन देशों में शामिल है जहां हवाई परिवहन के जरिये कोरोना वायरस के फैलने का खतरा सबसे ज्यादा है। मीडिया में आई खबरों की मानें तो कोरोना संकट के मद्देनजर जर्मनी स्थित दो मेडिकल संस्थानों हम्बोल्ट यूनिवर्सिटी और रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने हवाई परिवहन से जुड़े एक विशेष पैटर्न का विश्लेषण किया था।

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इसमें बताया गया था कि कोरोना वायरस के फैलने का सबसे बड़ा जरिया हवाई यातायात है। शोधकर्ताओं ने 30 देशों की सूची में भारत को 17वें स्थान पर रखा था और यहां के तीन बड़े हवाई अड्डों के वायरस से संक्रमित होने का अनुमान लगाया था। इनमें दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सबसे आगे है।

बचाव के लिए उठाए जा रहे कई कदम
वहीं, कोरोना वायरस को देश में फैलने से रोकने के लिए कई तरह के कदम उठाए गए हैं। इसके तहत दिल्ली हवाई अड्डे पर विदेशी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। इन लोगों में चीन, हांगकांग, सिंगापुर और थाइलैंड से आने वाले यात्री शामिल हैं। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग से केवल बुखार का पता लगाया जा सकता है, इसलिए जांच दो तरह से हो रही है।

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नए कोरोना वायरस का असर अब पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। चीन समेत विश्व के करीब 70 देश वायरस की चपेट में हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक 90,000 के करीब लोग नए कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। इनमें से 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 18 प्रतिशत लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि चीन के हालात पहले के मुकाबले थोड़े बेहतर जरूर हुए हैं। लेकिन ईरान और साउथ कोरिया में हालात बेकाबू हो रहे हैं।

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