फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया - Frontofacionasal Dysplasia in Hindi

Dr. Pradeep JainMD,MBBS,MD - Pediatrics

January 04, 2021

January 13, 2021

फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया
फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया

फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया क्या है?
फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार है जिसकी पहचान जन्म के समय (जन्मजात बीमारी) होती है। इस डिसऑर्डर के दौरान मुख्य रूप से सिर, चेहरा (क्रैनियोफेशियल) और आंख (ओकुलर) की विकृतियों और उनके सही तरीके से विकसित न होने संबंधी शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं। क्रैनियोफेशियल विकृतियों में शामिल है- सिर का आकार असामान्य रूप से छोटा लेकिन चौड़ा होना (ब्रैकीसेफली), मुंह का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से बंद नहीं होना (फांक तालु), ऊपरी होंठ में एक असामान्य लाइन या कट होना (फांक होंठ) और नथुने की विकृति के साथ नाक का अविकसित (हाइपोप्लासिया) होना। इसके अलावा पीड़ित शिशुओं में ऊपरी और निचली पलकों के बीच मौजूद जगह में त्वचा का असामान्य रूप से मुड़ना (ब्लेफैरोफिमोसिस) और आंखों के बीच असामान्य रूप से अधिक दूरी होना जैसी दिक्कतें भी देखने को मिलती हैं।

(और पढ़ें- नवजात शिशु के सिर का आकार कैसे ठीक करें)

फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया के लक्षण - Frontofacionasal Dysplasia Symptoms in Hindi

फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया के लक्षण और संकेत अत्यधिक परिवर्तनशील होते हैं। इस समस्या के दौरान आमतौर पर नवजात शिशु में सिर से जुड़ी हड्डियों के साथ-साथ चेहरे, नाक और आंख की कुछ हड्डियों की विशिष्ट विकृतियां भी देखने को मिलती हैं। उदाहरण के लिए यह विकार, खोपड़ी (क्रैनियोसिनेस्टोसिस) की विशेष हड्डियों के बीच रेशेदार जोड़ों (टांके) के समय से पहले बंद होने के साथ जुड़ा हो सकता है, जिससे सिर असामान्य रूप से छोटा और चौड़ा दिखाई देता है।

फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया का कारण - Frontofacionasal Dysplasia Causes in Hindi

फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया का कारण आनुवंशिक है और यह ऑटोसोमल रिसेसिव पैटर्न के रूप में मिलने वाली एक आनुवंशिक बीमारी है। दरअसल ऑटोसोमल रिसेसिव पैटर्न से जुड़ी समस्या उस समय आती है जब एक व्यक्ति को माता-पिता से एक ही विशेषता के लिए एक ही असामान्य जीन आनुवंशिक रूप में मिलता है। अगर किसी व्यक्ति को एक सामान्य जीन और एक बीमारी का जीन मिलता है तो वह बीमारी का वाहक यानी बीमारी को फैलने का काम करेगा लेकिन आमतौर पर उसमें लक्षण नहीं दिखाई देंगे। अगर माता-पिता दोनों बीमारी के वाहक हैं तो दोषपूर्ण जीन को पारित करने का काफी जोखिम होता है और हर गर्भावस्था के साथ एक बच्चे को इससे प्रभावित होने की 25% (1 से 4) आशंका होती है।

फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया का निदान - Diagnosis of Frontofacionasal Dysplasia in Hindi

कुछ मामलों में फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया का निदान, जन्म से पहले करने का सुझाव दिया जाता है जो कि भ्रूण के अल्ट्रासाउंड के दौरान कुछ शारीरिक निष्कर्षों का पता लगाने के आधार पर हो सकता है। (उदाहरण के लिए, चेहरे की फांक, क्रैनियम बिफिडड ऑक्यूलटम या एन्सेफैलोसील)। वही, फीटल अल्ट्रासोनोग्राफी के दौरान, बढ़ते हुए भ्रूण की छवि बनाने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है।

(और पढ़ें- गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड कब कराना चाहिए)

फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया से ग्रसित अधिकांश रोगियों की पहचान जन्म के समय पर ही हो जाती है। यह पहचान पूरी तरह से क्लीनिकल मूल्यांकन, शारीरिक रूप से मिलने वाले संकेत और विशेष प्रकार के टेस्ट नतीजों जैसे कि इमेजिंग तकनीकों पर आधारित होती है। उदाहरण के तौर पर खोपड़ी में किसी प्रकार की विकृति या असामान्यता की पुष्टि के लिए सीटी स्कैन या एमआरआई की एक महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। सीटी स्कैन या कम्प्यूटर एक्स-रे की मदद से एक फिल्म तैयार की जाती है जिसमें खोपड़ी (स्कल) की क्रॉस सेक्शनल इमेज या अन्य आंतरिक संरचनाओं को देखने में मदद मिलती है। 

फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया का इलाज - Frontofacionasal Dysplasia Treatment in Hindi

फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया का इलाज उन विशिष्ट लक्षणों की ओर निर्देशित होता है जो हर रोगी में साफ तौर पर दिखाई देते हैं। इसके लिए मेडिकल प्रोफेशनल्स की एक टीम के संयुक्त प्रयासों की जरूरत पड़ सकती है, जिसमें कई विशेषज्ञ शामिल होते हैं जैसे कि बाल रोग विशेषज्ञ, सर्जन, विशेषज्ञ जो कंकाल, जोड़ों, मांसपेशियों और संबंधित ऊतकों की असामान्यताओं का निदान और इलाज करते हैं (आर्थोपेडिस्ट), डॉक्टर जो तंत्रिका संबंधी विकार (न्यूरोलॉजिस्ट) के विशेषज्ञ हैं और नेत्र रोग विशेषज्ञ के साथ अन्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर की जरूरत होगी। इलाज के दौरान कुछ विकृतियों की सर्जिकल रिपेयरिंग की जा सकती है जैसे कि फांक होंठ और फांक तालु।



फ्रंटोफेशियोनेजल डिसप्लेसिया के डॉक्टर

Dr. Nida Mirza Dr. Nida Mirza पीडियाट्रिक
5 वर्षों का अनुभव
Dr. Vivek Kumar Athwani Dr. Vivek Kumar Athwani पीडियाट्रिक
7 वर्षों का अनुभव
Dr. Hemant Yadav Dr. Hemant Yadav पीडियाट्रिक
8 वर्षों का अनुभव
Dr. Rajesh Gangrade Dr. Rajesh Gangrade पीडियाट्रिक
20 वर्षों का अनुभव
डॉक्टर से सलाह लें
cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ