कई अध्ययनों में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि स्मार्टफोन के इस्तेमाल के कई नुकसान हैं। अब एक ताजा रिसर्च में यह बात सामने आई है कि स्मार्टफोन के इस्तेमाल से हल्के सिरदर्द की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। इतना ही नहीं, स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से सिरदर्द में ली जाने वाली दवाई का सेवन अधिक हो जाता है और असर कम। परिणामस्वरूप, सिर का दर्द कम नहीं हो पाता। शोधकर्ताओं ने रिसर्च के दौरान यह पाया कि सिरदर्द के ऐसे मरीजों की दर 96 प्रतिशत थी जो स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करते थे। वहीं, इस आदत से दूर रहने वाले मरीजों की दर 81 प्रतिशत थी।

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कैसे किया गया रिसर्च

शोधकर्ताओं ने पाया कि तेज सिरदर्द का स्मार्टफोन के उपयोग से संबंध है। इसका पता करने के लिए जांचकर्ताओं ने 400 ऐसे रोगियों की पहचान की, जिन्हें सिरदर्द की अलग-अलग समस्याएं थीं। किसी को माइग्रेन था तो कोई तनाव से होने वाले सिरदर्द से जूझ रहा था। सभी लोगों की उम्र 14 साल के आसपास थी।जांच के लिए अध्ययनकर्ताओं ने इन लोगों को दो समूहों में बांट दिया। एक ग्रुप स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले लोगों का था, जबकि दूसरे ग्रुप में शामिल लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते थे।

इतना ही नहीं, स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करने वाले लोगों को भी अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया। एक ग्रुप में वे लोग शामिल थे जिन्होंने फोन की लत से जुड़े सवालों के जवाब में शून्य से लेकर एक तक का स्कोर प्राप्त किया था। इससे शोधकर्ताओं ने ‘लो एसयू’ कहा नाम दिया, जिसका मतलब फोन का सामान्य से अधिक उपयोग करना है। वहीं, स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले बाकी लोग वे थे, जिन्हें फोन की लत से जुड़े सवाल के जवाब से एक से ज्यादा स्कोर किया था, उन्हें ‘हाई एसयू’ कहा गया। यानी ये वे लोग थे जो फोन का बहुत अधिक इस्तेमाल करते थे।

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अध्ययन का पहला उद्देश्य यह पता करना था कि सिरदर्द की शुरुआत मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जुड़ी है या नहीं। शोधकर्ताओं ने इसे हल्के दर्द का नाम दिया। यही हल्का दर्द बाद में गंभीर और क्रोनिक हो गया। इसके बाद फोन के इस्तेमाल से होने वाले दर्द से व्यक्ति की स्थिति असहनीय हो गई।

रिसर्च में शामिल 400 लोगों में से 194 स्मार्टफोन इस्तेमाल (एनएसयू) करने वाले नहीं थे। बाकी 206 लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल (एसयू) करते थे। इसमें से भी अधिकांश एसयू लोग (130) फीचर फोन का उपयोग करते थे, जबकि 76 लोग किसी भी तरह के फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। यहां अहम बात यह थी कि फोन का इस्तेमाल नहीं करने वाले लोग एसयू (स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले) से उम्र में बड़े थे।

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शोध के परिणाम
मेडस्केप में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी पत्रिका ‘न्यूरोलॉजी क्लीनिक्ल प्रैक्टिस’ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि शोध के दौरान अध्ययनकर्ताओं ने कई लोगों की जांच की। इनमें कुछ ऐसे थे जो स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करते थे। वहीं, कुछ में यह आदत कम या बिल्कुल नहीं थी। शोध में पाया गया कि स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले 84 प्रतिशत लोगों ने दर्द निवारक ड्रग्स लेने की बात कही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दवा से इनमें से कुछ को दर्द से हल्की राहत मिली, जबकि कुछ का दर्द पूरी तरह ठीक हो गया। लेकिन जिन लोगों में स्मार्टफोन की आदत कम या बिलकुल नहीं थी, उनमें यह दर 94 फीसदी रही। इसकी तुलना में 94 प्रतिशत वो लोग जिन्हें स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं किया था। उन्होंने सिरदर्द होने पर कभी-कभी दवाई के सेवन की जरूरत पड़ी।

क्या कहते हैं मेडिकल विशेषज्ञ?
दिल्ली स्थित एम्स में न्यूरोलॉजी की प्रोफेसर और शोधकर्ता दीप्ति विभा के मुताबिक, इस शोध के जरिये बेहतर परिणाम जरूर मिले हैं, लेकिन इन नतीजों की पुष्टि के लिए अभी बड़ी संख्या में रिसर्च की जरूरत होगी। फिलहाल इस रिसर्च से मिले आंकड़ों का निष्कर्ष निकाला जा रहा है। हालांकि डॉ इस बात से इनकार नहीं करतीं कि देश-दुनिया में स्मार्टफोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है जो सीधे-सीधे कई तरह की बीमारियों का कारण हो सकता है। सिरदर्द उनमें से सबसे सामान्य समस्या है।

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