यूरोपियन रेस्पिरेटरी सोसायटी इंटरनैशनल कांग्रेस के दौरान पेश किए गए एक नए अध्ययन से पता चला है कि सोशल स्मोकर्स यानी सामाजिक तौर पर कभी-कभार धूम्रपान करने वालों के भी फेफड़ों की बीमारी से मरने की आशंका दो गुना और फेफड़ों का कैंसर होने की आशंका 8 गुना अधिक है उन लोगों की तुलना में जो बिलकुल धूम्रपान नहीं करते हैं।

सोशल स्मोकिंग करने वाले लोग सिर्फ तभी धूम्रपान करते हैं जब वे अपने दोस्तों के साथ समय बिता रहे होते हैं। ज्यादातर लोगों का मानना ​​है कि कभी-कभार धूम्रपान करने से ज्यादा नुकसान नहीं होता है। हालांकि, नए अध्ययन से पता चलता है कि प्रतिदिन 10 सिगरेट से कम धूम्रपान करने वाले सोशल स्मोकर्स की स्थिति रोजाना 20 सिगरेट से ज्यादा पीने वाले हेवी स्मोकर्स की तुलना में बेहतर नहीं होती।

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इस स्टडी की अनुसंधानकर्ता डॉ पल्लवी बाल्ते और डॉ एलिजाबेथ ओल्सनर ने एक न्यूज रिलीज में बताया, "यह बात तो हम सभी जानते हैं कि धूम्रपान आपके लिए बुरा है, लेकिन यह मान लेना आसान है कि यदि आप केवल थोड़ा सा या कम धूम्रपान करते हैं, तो जोखिम बहुत अधिक नहीं होगा।"

क्या कहती है स्टडी?
इस स्टडी के लिए, शोधकर्ताओं ने विभिन्न जाति और नस्ल के 18 हजार 730 लोगों को लगभग 17 वर्षों तक फॉलो किया। अध्ययन में स्वयंसेवकों की औसत आयु 61 साल थी। इन 17 सालों में स्टडी में शामिल लगभग 649 प्रतिभागियों की सांस की बीमारी के कारण और 560 प्रतिभागियों की फेफड़ों के कैंसर के कारण मौत हो गई। इस स्टडी में 3 समूह शामिल थे- धूम्रपान न करने वाले, सामाजिक रूप से कभी-कभार धूम्रपान करने वाले (जो प्रतिदिन 10 सिगरेट से कम पीते हैं) और भारी धूम्रपान करने वाले (एक दिन में 20 से अधिक सिगरेट पीने वाले)।

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स्टडी में क्या बात सामने आयी?
धूम्रपान न करने वाले समूह में से लगभग 1.8 प्रतिशत लोगों की सांस की बीमारियों के कारण और लगभग 0.6 प्रतिशत लोगों की फेफड़ों के कैंसर के कारण मृत्यु हो गई। वहीं, सामाजिक रूप से धूम्रपान करने वालों के समूह में, 3.3 प्रतिशत लोगों की मौत सांस की बीमारियों के कारण और लगभग 4.7 प्रतिशत लोगों की मौत फेफड़ों के कैंसर से हो गई। तो वहीं, रोजाना 20 से ज्यादा सिगरेट पीने वाले भारी धूम्रपान करने वालों के समूह में 10 प्रतिशत लोगों की मौत सांस की बीमारी के कारण और 12.9 प्रतिशत लोगों की मौत फेफड़ों के कैंसर के कारण हो गई।

सामाजिक रूप से कभी-कभार सिगरेट पीने वालों में सांस की बीमारी के कारण होने वाली मृत्यु की दर भारी धूम्रपान करने वालों की तुलना में लगभग आधी थी, जबकि सामाजिक धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों की बीमारियों के कारण होने वाली मृत्यु की दर भारी धूम्रपान करने वालों की तुलना में एक तिहाई थी। यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर में रेस्पिरेटरी मेडिसिन के प्रफेसर और यूरोपियन रेस्पिरेटरी ऐडवोकेसी काउंसिल के अध्यक्ष जॉर्गेन वेस्टबो ने एक समाचार विज्ञप्ति में कहा, "धूम्रपान छोड़ना सही दिशा में एक कदम है, क्योंकि तंबाकू छोड़ना अपने फेफड़ों को सुरक्षित रखने और ओवरऑल सेहत को सर्वोत्तम बनाए रखने के तरीकों में एक है। लेकिन यह बात भी पूरी तरह से स्पष्ट है कि धूम्रपान का कोई सुरक्षित स्तर नहीं है।"

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सामाजिक धूम्रपान करने की लत कैसे छोड़ें?
विशेषज्ञों का कहना है कि सामाजिक धूम्रपान करने वालों को तो पता भी नहीं चलता कि कब उनकी यह कभी-कभा धूम्रपान करने वाली अधिक धूम्रपान करने में तब्दील हो जाती है। टेक्सास विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख के अनुसार, यहां कुछ तरीके बताए जा रहे हैं जिनकी मदद से आप अपनी सामाजिक तौर पर धूम्रपान करने की आदत को छोड़ सकते हैं:

  • खुद को शिक्षित करें : हल्के या सामाजिक धूम्रपान के प्रभावों के बारे में जानने के लिए और पढ़ें। सांस की बीमारियों और कैंसर के अलावा कभी-कभार आकस्मिक धूम्रपान करने से आपके मोतियाबिंद, हृदय रोग और समय से पहले बूढ़ा होने का भी खतरा अधिक होता है।
  • एक जर्नल अपने साथ रखें : अपनी धूम्रपान की आदतों को पहचानने के लिए अपने साथ एक जर्नल रखें। इस जर्नल में उन चीजों के बारे में लिखें जो आपको धूम्रपान करने के लिए प्रेरित करती हैं, आप धूम्रपान करना क्यों चुनते हैं, आपने एक दिन में कितनी सिगरेट पी और आपने कब और कहां धूम्रपान किया, ये सारी बातें उस जर्नल में लिखें।
  • दोस्तों के साथ समय बिताने के अन्य तरीके खोजें : धूम्रपान करने की बजाय, आप अपने दोस्तों के साथ समय बिताने के अन्य तरीके खोज सकते हैं, जैसे साथ में डिनर के लिए जाना या फिल्में देखना आदि। (और पढ़ें- सिगरेट से हो रहा कैंसर का इलाज)
  • मदद की जरूरत हो तो मदद मांगें : अगर ऊपर बताई गई तरकीबों में से कुछ भी आपके लिए काम नहीं करता हो, तो अपने दोस्तों और परिवार के लोगों से कहें कि वे आपकी धूम्रपान की आदत छुड़वाने में आपकी मदद करें। उनसे कहें कि अगली बार जब आप उनके साथ हों तो वे आपको सिगरेट ऑफर न करें।
  • और आखिर में, अपने चिकित्सक से बात करें कि सिगरेट पीने की आदत छोड़ने के लिए आपके पास और कौन से विकल्प हो सकते हैं।

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