इसी साल फरवरी महीने की घटना है जब महाराष्ट्र के भिवंडी में डॉक्टरों ने एक महिला के पेट से 5 किलो वजनी ट्यूमर निकालकर उसे एक बड़ी समस्या से निजात दिलाई थी। अब एक बार फिर महाराष्ट्र में ही डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर एक अन्य महिला (55 वर्षीय) के पेट से 11 किलो का भारी भरकम ट्यूमर निकालने में सफलता पाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना मुंबई की है जहां चेंबूर में जेन हॉस्पिटल के डॉक्टरों को यह कामयाबी मिली है। ट्यूमर को निकालने का यह ऑपरेशन तीन मुख्य डॉक्टरों के नेतृत्व में किया गया था। इस टीम में ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. तनवीर ए मजीद, यूरोलॉजिस्ट डॉ. संतोष पालकर और डॉ. शिल्पा देशमुख शामिल थीं। डॉक्टरों की इस टीम ने 9 घंटे तक चली लंबी सर्जरी के बाद ट्यूमर को महिला के पेट से बाहर निकाला।

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क्या होता है ट्यूमर?
ट्यूमर असामान्य कोशिकाओं के समूह को कहते हैं, जो गांठ के रूप में विकसित होते हैं। ये हमारे शरीर की अरबों कोशिकाओं में से किसी एक में शुरू हो सकते हैं। ट्यूमर को नियोप्लाज्म भी कहा जाता है। यह ऊतक (टिशू) का असामान्य द्रव्यमान है जो ठोस या द्रव से भरा हो सकता है।

  • ट्यूमर होने का मतलब यह नहीं कि आपको कैंसर ही है। कुछ ट्यूमर कैंसर का कारण जरूर बन सकते हैं, मगर अधिकांश ट्यूमर कोई परेशानी पैदा नहीं करते। इन्हें 'बिनाइन' यानी 'कैंसर रहित' ट्यूमर कहते हैं।
  • बिनाइन ट्यूमर एक प्रकार की गांठ या सूजन है। यह आवश्यक रूप से स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा नहीं करता है। यह कैंसर की तरह आसपास के ऊतकों तक नहीं पहुंचता और न ही शरीर के अन्य हिस्सों में फैलता है।

पेट में ट्यूमर होने का कैसे पता चला?
रिपोर्ट के मुताबिक रोगी महिला का पेट आकार में बढ़ता जा रहा था। यही वजह थी कि उसे स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं होने लगीं, जैसे - सांस लेने में तकलीफ। इसके बाद जून महीने में पीड़ित ने एक स्थानीय डॉक्टर से परामर्श लेकर अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन कराया, जिसमें पेट के अंदर ट्यूमर होने की पुष्टि हुई। हालांकि, लॉकडाउन के कारण महिला उस ट्यूमर को निकलवाने के लिए कोई बड़ा फैसला नहीं ले पाई। इसका परिणाम ये हुआ कि ट्यूमर तेजी से बढ़ता रहा।

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लेकिन ट्यूमर के चलते दोगुना होती परेशानियों के बीच महिला को जेन अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीते 8 सिंतबर को जांच के दौरान डॉक्टर मजीद ने पाया कि महिला डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से भी ग्रसित है। साथ ही महिला के पेट के आधे हिस्से (दाहिने) को एक बड़े से ट्यूमर ने घेरा हुआ था। इतना ही नहीं, ट्यूमर ने  दाईं ओर की किडनी को बाईं ओर धकेला हुआ था। वहीं डियोडेनम (छोटी आंत का शुरूआती भाग), लीवर, छोटी आंत और बाईं ओर की आंत पर कब्जा किया हुआ था। इसके अलावा हृदय को आपूर्ति करने वाली प्रमुख रक्त वाहिकाएं भी इस बड़े से ट्यूमर से घिरी हुईं थी।

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आकार में कितना बड़ा था ट्यूमर?
महिला के स्वास्थ्य की तमाम जांच पड़ताल के बाद डॉ. मजीद ने पीड़ित को सर्जरी की सलाह दी। चूंकि माइक्रोस्कोप की मदद से देखने पर यह ट्यूमर एक दुर्लभ कैंसर की तरह दिखाई पड़ रहा था जो कि वसा कोशिकाओं से मिलते-जुलते ऊतक यानी टिशूज से बना था।

डॉ. मजीद के मुताबिक “सर्जरी के दौरान उनकी टीम ने एक विशाल ट्यूमर पाया, जिसने शरीर के अन्य सभी अंगों को बाईं ओर खिसका दिया था। इसका वजन 11 किलोग्राम था। आकार के तौर पर यह 55सेमी. x 40 सेमी. x 35 सेमी. बड़ा था। इस 9 घंटे लंबे चले ऑपरेशन में महिला का करीब एक लीटर खून बह गया।”

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डॉक्टरों का कहना है कि महिला अब पूरी तरह से स्वस्थ है और सामान्य रूप से सांस ले रही है। हालांकि, महिला को तीन महीने बाद चेकअप के लिए अस्पताल आना होगा। दूसरी ओर पीड़ित महिला की मानें तो कोविड-19 महामारी के चलते उसके इलाज में थोड़ी देरी जरूर हुई लेकिन सर्जरी के बाद वह बहुत हल्का महसूस कर रही है। गौरतलब है कि दिसंबर 2014 में परेल (मुंबई) के ग्लोबल अस्पताल में भी डॉक्टरों ने महिला के पेट से 12 किलो का भारी ट्यूमर निकाला था।

शरीर में ट्यूमर बनने का क्या कारण है?
myUpchar से जुड़ीं डॉक्टर फातमा परवीन का कहना है कि जीन म्युटेशन (gene mutation) यानी जीन की बनावट में बदलाव के कारण शरीर की कोशिकाओं में असामान्य और अनियंत्रित वृद्धि होने लगती है। इसकी वजह से ट्यूमर या गांठ बन जाती है।

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