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चिकित्सा प्रणाली के अनुसार हमारी धमनियों में बहने वाले रक्त का एक निश्चित दबाव होता है। जब यह दबाव अधिक हो जाता है तो धमनियों पर दबाव बढ़ जाता है और इस स्थति को हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) के रूप में जाना जाता है। हाई बीपी को अगर बिना उपचार के छोड़ दिया जाए तो यह दिल का दौरास्ट्रोकदिल की विफलता, गुर्दे की विफलता आदि के रूप में गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकता है। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि रक्तचाप का स्तर स्वस्थ सीमा के भीतर रहे। हमारी यह प्रकृति औषधीय जड़ी बूटियों से भरपूर है जो हमारे शरीर को रोग मुक्त रखने में मदद करती हैं। कई ऐसी जड़ी बूटी हैं जो सामान्य सीमा के भीतर हमारे रक्तचाप के स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। आइए ऐसी कुछ अच्छी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के बारे में आपको बताते हैं -

  1. हाई बीपी का आयुर्वेदिक इलाज है नागफनी - Hawthorn for Hypertension in Hindi
  2. उच्च रक्तचाप का निदान करें ओरिगैनो से - Oregano for Hypertension in Hindi
  3. हाई बीपी को रोकने के लिए लें अर्जुन - Arjuna for High BP in Hindi
  4. उच्च रक्तचाप की रोकथाम के लिए है उपयोगी त्रिफला - Triphala for High Blood Pressure in Hindi
  5. हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) का उपचार करें सर्पगंधा से - Sarpagandha for High Blood Pressure in Hindi
  6. उच्च रक्तचाप का इलाज है जटामांसी - Jatamansi for High Blood Pressure in Hindi
  7. हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) का आयुर्वेदिक उपचार है शंखपुष्पी - Shankhapushpi Benefits for Hypertension in Hindi
  8. उच्च रक्तचाप से बचाव के लिए लें अश्वगंधा - Ashwagandha for High BP in Hindi
  9. हाई बीपी की आयुर्वेदिक दवा और इलाज के डॉक्टर

नागफनी ने दिल को मज़बूत बनाने और स्वस्थ रक्त परिसंचरण को विनियमित करने में अपने प्रभाव के कारण 'दिल के लिए भोजन' का खिताब अर्जित किया हैं। और इसलिए यह व्यापक रूप से हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) सहित हृदय और रक्त वाहिका संबंधी विकार के उपचार में उपयोग किया जाता हैं। इसका पानी या चाय पीने से रक्तचाप के स्तर को कम करने में मदद मिलती हैं।

ओरिगैनो (अजवायन की पत्ती) के उत्कृष्ट समग्र पोषण के महत्व के कारण आयुर्वेद इसे एक "आश्चर्यजनक जड़ी बूटी" के रूप में देखता है। इसमे एक यौगिक शामिल है जिसे 'करवाक्रोल' कहा जाता है जो हाई बीपी को कम करने और स्वस्थ धमनी दबाव बनाए रखने में बहुत प्रभावी है। आप अपने दैनिक आहार में एक मसाले के रूप में ओरिगैनो शामिल कर सकते हैं या आप पानी में ओरिगैनो के तेल की कुछ बूँदें मिलाकर उसे पी सकते हैं।

अर्जुन मुख्य रूप से कफ असंतुलन की वजह से उत्पन्न उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है। अर्जुन छाल एक प्राकृतिक बीटा ब्लॉकर का कार्य करती है और इस प्रकार यह रक्तचाप के स्तर को कम करने में मदद करती है। इसके हृदय सुरक्षात्मक गुण दिल की बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायता करते हैं। इसको कैप्सूल के रूप में (250 mg कैप्सूल दिन में दो बार) या अर्जुन की छाल के पाउडर के रूप में लिया जा सकता है (3-6 ग्राम अर्जुन पाउडर 50-100 मिलीलीटर पानी के साथ दिन में एक बार)

त्रिफला आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों के सबसे महत्वपूर्ण संयोजन में से एक है। आंवला, हरड़ और बहेडा - इन तीन आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की औषधीय शक्ति त्रिफला में शामिल है। यह रक्त परिसंचरण में सुधार कर रक्त वाहिकाओं की दीवारों के खिलाफ दबाव कम कर देता है और धमनियों के दृढ़ीकरण को रोकता है। इसके अलावा, यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है और वज़न कम करने में भी सहायक है। रात के खाने के बाद 2 घंटे के अंतराल को बनाकर गर्म पानी के साथ 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण सोने से पहले लें। गर्भवती महिलाओं और मधुमेह के रोगियों को इसे इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

सर्पगंधा या भारतीय स्नकेरूट (Snakeroot) सबसे अच्छी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियो में से एक है जो हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) के इलाज के लिए प्रयोग की जाती है। इसमे रेसेरपीन (reserpine) शामिल है जो रक्तचाप के स्तर को कम करने और रक्त के परिसंचरण को सुधारने में मदद करता है। बेहतर परिणामों के लिए, इसकी जड़ का पेस्ट और गुलाब जल खाएँ। सर्पगंधा एक प्राकृतिक सन्तोषदायक जड़ी बूटी है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को शांत करने और तनाव से राहत दिलाने में एक सहायक के रूप में कार्य करती है। लेकिन इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं, इसलिए इसे लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।

जटामांसी जड़ी बूटी व्यापक रूप से तनाव विकारों में प्रयोग की जाती है। यह रक्त परिसंचरण को सामान्य रखने और स्वस्थ रक्तचाप को बनाए रखने में मदद करती है। यह किसी भी नुकसान से धमनियों की रक्षा करती है और धमनियों को सख़्त होने से रोकने में मदद करती है। यह आमतौर पर वात असंतुलन के कारण उत्पन्न उच्च रक्त दबाव के इलाज के लिए प्रयोग की जाती है। 120 mg जटामांसी पाउडर, घी, शहद या पानी के साथ दिन के समय विभाजित मात्रा में लिया जा सकता है। (और पढ़ें - शहद के फायदे)

शंखपुष्पी मुख्य रूप से एक मस्तिष्क स्वास्थ्य टॉनिक के रूप में प्रयोग की जाती है, लेकिन यह उच्च रक्तचाप की समस्या के इलाज के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है। यह शरीर के तनाव हार्मोन को नियंत्रित करती है जो उच्च रक्तचाप के पीछे एक प्रमुख कारण हैं। यह उपयोग के लिए सुरक्षित है और अब तक इसका कोई ज्ञात साइड इफेक्ट नही है।

अश्वगंधा या भारतीय जिनसेंग एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है और व्यापक रूप से एक प्राकृतिक अनुकूलन (adaptogen) के रूप में प्रयोग की जाती है। यह स्ट्रेस हार्मोन और व्यक्तियों के रक्तचाप के स्तर को कम करके, हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) से निपटने में मदद करती है। इसके अलावा, यह आंतरिक शांति भी प्रदान करती है और हमें तनाव के साथ सामना करने की ताकत देती है। यह पाउडर या कैप्सूल के रूप में ली जा सकती है। (और पढ़ें – अश्वगंधा के फायदे और नुकसान) ध्यान रखें कि किसी भी जड़ीबूटी का इस्तेमाल करने से पूर्व डॉक्टर से परामर्श करना बहतर है।

 Dr. Sarita Singh

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आयुर्वेदा

Dr. Amit Kumar

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