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नया कोरोना वायरस और नया स्वाइन फ्लू मिलने के बाद चीन में अब ब्यूबानिक प्लेग के एक या दो संदिग्ध मामलों ने स्थानीय प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। चीन के सरकारी मीडिया के हवाले से आई रिपोर्टों के मुताबिक, वहां के स्वायत्त क्षेत्र इनर मंगोलिया के बयानुर इलाके में ब्यूबानिक प्लेग के मामले सामने आने के बाद इसकी रोकथाम और नियंत्रण के लिए तीसरे स्तर की चेतावनी जारी कर दी गई है। बताया गया है कि बीते शनिवार को बयानुर के एक अस्पताल ने संदिग्ध मामला सामने आने की जानकारी दी थी। इसके बाद स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने चेतावनी देते हुए इसके साल के अंत तक जारी रहने की घोषणा कर दी। खबरों के मुताबिक, इस मामले में बयान जारी करते हुए एक स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, 'इस समय शहर में एक मानव महामारी फैलने का खतरा है। लोगों को अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूकता और क्षमता में सुधार करना चाहिए और किसी प्रकार की असामान्य स्वास्थ्य स्थिति के बारे में तुरंत रिपोर्ट करनी चाहिए।'

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क्या है मामला?
दरअसल, बीती एक जुलाई को पश्चिमी मंगोलिया के खोव्द प्रांत में किए गए लैब टेस्ट के हवाले से ब्यूबानिक प्लेग के दो मामले सामने आने की बात कही गई थी। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, अब इन दोनों मामलों की पुष्टि कर दी गई है। ये दोनों मामले दो स्थानीय निवासियों से जुड़े हैं। इनमें से एक की उम्र 27 साल है, जबकि दूसरा मरीज 17 साल का है। दोनों पीड़ित भाई बताए गए हैं। एक स्वास्थ्य अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि दोनों पीड़ितों का इलाज अलग-अलग अस्पताल में किया जा रहा है।

अधिकारी ने बताया कि दोनों भाइयों ने मारमॉट (गिलहरी की एक प्रजाति) का मीट खाया था। उसने कहा कि यह जानकारी मिलने के बाद लोगों को चेतावनी दे दी गई है कि वे मारमॉट का मांस न खाएं। वहीं, दोनों मरीजों से किसी न किसी प्रकार से संपर्क में आए कोई 146 लोगों को अलग-अलग स्थानीय अस्पतालों में आइसोलेट कर उनका इलाज किया जा रहा है।

क्या है ब्यूबानिक प्लेग?
यह बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है जो रोडन्ट यानी चूहा-गिलहरी प्रजाति से जुड़े जानवरों (जैसे मारमॉट) में पाए जाने वाले पिस्सुओं के जरिये फैलती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, ब्यूबानिक प्लेग की चपेट में आने वाले व्यक्ति को अगर समय पर इलाज न मिले तो उसकी 24 घंटों के अंदर मौत हो सकती है। ताजा मामले सामने आने से पहले मंगोलिया के ही एक अन्य प्रांत बायन-उलगी में पिछले साल ब्यूबानिक प्लेग से एक दंपती की मौत हो गई थी। उस समय की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पति-पत्नी ने मारमॉट का मांस खाया था।

इससे पहले बीते हफ्ते खबरें आई थीं कि चीन में नया स्वाइन फ्लू वायरस मिला है, जिसमें महामारी के हालात पैदा करने की क्षमता है। चीन के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी और कुछ अन्य संस्थानों के वैज्ञानिकों ने शोध के आधार पर कहा था कि नया स्वाइन फ्लू वायरस जी4, एच1एन1 वायरस स्ट्रेन से ही निकला है और संभावित रूप से इंसानों के बीच पहुंच चुका है। हालांकि वायरस इंसानों से इंसानों के बीच फैलता है या नहीं, यह पता करने के लिए वैज्ञानिकों ने और शोध करने की बात कही थी।

(और पढ़ें - चीन में मिला नया स्वाइन फ्लू वायरस भी फैला सकता है महामारी, पहले से इंसानों के बीच फैला: शोधकर्ता)

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