1. ईसीजी क्या होता है? - What is ECG in Hindi?
  2. ईसीजी क्यों किया जाता है - What is the purpose of ECG in Hindi
  3. ईसीजी से पहले - Before ECG in Hindi
  4. ईसीजी के दौरान - During ECG in Hindi
  5. ईसीजी के क्या जोखिम होते हैं - What are the risks of ECG in Hindi
  6. ईसीजी के परिणाम का क्या मतलब होता है - What do the results of ECG mean in Hindi

ईसीजी (ECG) एक ऐसा टेस्ट है, जो हृदय की इलेक्ट्रिक (विद्युत) गतिविधियो को दर्ज करता है। हृदय की प्रत्येक धड़कन एक विद्युत आवेग (electrical signal) की वजह से होती है। इस आवेग से हृदय की मांसपेशियां संकुचित हो जाती है और हृदय से रक्त प्रवाहित करती है।

ECG से आपके डॉक्टर को यह पता चलेगा कि क्या -

  • विद्युत आवेग सामान्य, तेज, धीमा या अनियमित है।
  • हृदय सामान्य से बड़ा है या इसे सामान्य से अधिक कार्य करना पड़ रहा है।
  • हृदय की मांसपेशी को दिल के दौरे से नुकसान पंहुचा है या नहीं।

इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम आपके दिल की विद्युत गतिविधि की एक तस्वीर को रिकॉर्ड करता है। लेकिन ये केवल उस वक़्त ही हो सकता है जब आपको मॉनिटर किया जा रहा हो। हालांकि, कुछ हृदय की समस्याएं आती-जाती रहती है। इन मामलों में, आपको अधिक देखभाल की आवश्यकता हो सकती है।

स्ट्रेस टेस्ट (Stress Test)

कुछ हृदय समस्याएं केवल व्यायाम के दौरान प्रकट होती हैं। तनाव परीक्षण (स्ट्रेस टेस्ट) के दौरान, व्यायाम करते समय आपका एक ईसीजी होगा। आमतौर इस परीक्षण को करने के लिए आपको ट्रेडमिल पर दौड़ने को कहा जाता है।

हॉल्टेर मॉनिटर (Holter Monitor)

होल्टर मॉनिटर आपके दिल की गतिविधि 24 से 48 घंटों तक रिकॉर्ड करता है। इस दौरान आपको डॉक्टर को अपने लक्षणों के कारण की पहचान करने में मदद करने के लिए अपनी हालत का रिकॉर्ड रखने को कहा जाता है। इलेक्ट्रॉड्स एक पोर्टेबल, बैटरी संचालित मॉनिटर है जिनको आपकी छाती पर लगाया जाता है।

इवेंट रिकॉर्डर (Event Recorder)

ऐसे लक्षण जो अक्सर नजर नहीं आते हैं, उनकी पहचान करने के लिए एक इवेंट रिकॉर्डर की आवश्यकता हो सकती है। यह होल्टर मॉनिटर के जैसा होता है, लेकिन यह आपके दिल की विद्युत गतिविधि उस समय रिकॉर्ड कर लेता है जब लक्षण सामने आते हैं। कुछ इवेंट रिकॉर्डर ऑटोमेटिकली काम करने ला जाता है जब लक्षणों का पता लगाते हैं। अन्य इवेंट रिकॉर्डर में आपको लक्षणों को महसूस करने पर एक बटन दबाना पड़ता है। 

ठंडा पानी पीने या अपने ईसीजी से पहले व्यायाम करने से बचें। ठंडा पानी पीने से बिजली के पैटर्न में परिवर्तन हो सकते हैं। व्यायाम आपकी हृदय गति को बढ़ा सकता है और परीक्षण के परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम एक जल्दी होने वाला, पीड़ा रहित और हानिरहित टेस्ट होता है। इस टेस्ट के दौरान आपको मेज पर लेटना होगा। हो सकता है कि पुरुषों के सीने के कुछ बाल काटने पड़ें। आपके सीने, टांगों और बाहों पर पैड रखे जाएंगे। पैड्स को ECG मशीन की तारों के साथ जोड़ा जाता है। जब मशीन आपकी हृदय गतिविधियो को दर्ज करती है, तब लगभग 20 सेकंड तक बिना हिले लेटे रहें। इस टेस्ट के दौरान बात नहीं करनी चाहिए। इस टेस्ट के दौरान दर्द नहीं होता है। जब यह टेस्ट पूरा हो जाता है तब तारों को हटा लिया जाता है।

टेस्ट वाले दिन किसी भी प्रकार के लोशन का उपयोग न करें। क्योंकि इससे इलेक्ट्रोड्स नामक चिपकने वाले पैड्स को अच्छी तरह से चिपकने में दिक्क्त हो सकती है। टेस्ट के दौरान ऐसी कपडे पहनने जिसमें पैड आसानी से आपके सीने पर रखा जा सकें। या इसके अलावा आप हॉस्पिटल गाउन भी पहन सकते हैं।

  1. कुछ लोगों को त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं, जहां इलेक्ट्रोड लगाया जाता है।  लेकिन यह आमतौर पर इलाज के बिना ठीक हो जाते हैं।
  2. स्ट्रेस टेस्ट के दौरान दिल का दौरा पड़ने का खतरा हो सकता है, लेकिन यह ईसीजी से नहीं बल्कि व्यायाम से संबंधित है।
  3. ईसीजी बस आपके दिल की विद्युत गतिविधि पर नज़र रखता है। यह बिजली का उत्सर्जन नहीं करता है और पूरी तरह से सुरक्षित है।

इस टेस्ट का परिणाम आपके डॉक्टर को भेजा जाता है। इस टेस्ट के परिणाम के आधार पर डॉक्टर आपका इलाज शुरू करेंगे। अगर आपका ईसीजी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षण दिखाता है तो आपके डॉक्टर तुरंत आपका इलाज शुरू करेंगे।