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प्रोटीन अच्छे स्वास्थ्य के लिए सबसे जरूरी स्रोतों में से एक है। यह शारीरिक और मानसिक विकास के लिए तो जरूरी है ही, साथ ही बढ़ती उम्र के साथ मांसपेशियों को होने वाले नुकसान को भी कम करता है। स्वास्थ्य और फिटनेस क्षेत्र से जुड़ी पत्रिका ‘फ्रंटियर्स इन एक्सरसाइज एंड स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह के नाश्ते और दोपहर के खाने में संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेना लाभदायक हो सकता है। इससे उम्र बढ़ने के साथ बुजुर्ग लोगों की मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद मिल सकती है।

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नाश्ते और लंच में शामिल करें प्रोटीन
दरअसल उम्र बढ़ने के साथ बुजुर्गों में नाश्ता और लंच करने की आदत कम हो जाती है। इससे उन्हें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिल पाता। यही वजह है कि उम्र के एक निर्धारित पड़ाव पर आकर शरीर की मांसपेशिया कमजोर होने लगती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नई मांसपेशियों को बनने के लिए शरीर को एक कार्य करने की आवश्यकता होती है। मतलब बेहतर और नियमित रूप में किया गया व्यायाम या कोई शारीरिक कार्य। लेकिन शरीर में यह सक्रियता या एक्टिविटी तभी आती है जब हम प्रोटीन खाते हैं।

बुजुर्ग लोगों का शरीर युवा या वयस्कों की अपेक्षा कम कुशल होता है, इसीलिए उन्हें युवाओं की तरह एक्टिव रहने के लिए अधिक प्रोटीन खाने की आवश्यकता होती है। हालांकि सिर्फ अधिक प्रोटीन खाना पर्याप्त नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह जरूरी है कि बुजुर्ग सभी तरह के पोषक तत्वों के साथ उचित और संतुलित मात्रा में प्रोटीन लें।

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व्यक्तिगत तौर पर किया गया अध्ययन
शोधकर्ताओं ने जांच करने के लिए युवा, मध्यम और बुजुर्ग उम्र के लोगों पर व्यक्तिगत तौर पर अध्ययन किया। इस दौरान शोधकर्ताओं ने प्रोटीन की मात्रा, पैटर्न और उसके स्रोत पर विशेष रूप से ध्यान दिया। इससे उन्हें पता चला कि तीनों समूहों के ज्यादातर लोगों ने निर्धारित दिशा-निर्देशों (आरडीए) के तहत प्रोटीन का सेवन किया था। हालांकि डेली रुटीन के आधार पर भोजन और नाश्ते में प्रोटीन की मात्रा अलग-अलग थी। सभी लोगों से उनके रोजमर्रा की खाने की आदतों के बारे में पूछा गया।

इसके बाद शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों के आहार से जुड़े पैटर्न की जांच की। विशेष रूप से, उन्होंने विभिन्न आयु समूहों में प्रोटीन के सेवन का मूल्यांकन किया और दिन भर में प्रोटीन के सेवन के 18 अलग-अलग पैटर्न पाए, जिसमें विभिन्न प्रकार की खाने की आदतों का पता चला। शोध के नतीजों के बाद अध्ययनकर्ताओं की टीम ने निष्कर्ष निकाला कि युवा और मध्यम आयु वर्ग के व्यक्तियों की तुलना में बुजुर्ग लोगों के दोपहर के भोजन में कम गुणवत्ता वाले प्रोटीन स्रोत शामिल थे, इसीलिए उनके भोजन में अधिक प्रोटीन शामिल करने की जरूरत है।   

विशेषज्ञों की राय
इस शोध के बाद ब्रिटेन स्थित बर्मिंघम विश्वविद्यालय के अध्ययनकर्ता बेनोइट स्मेनिंक्स कहते है, ‘हम जानते हैं कि बुजुर्ग लोगों में प्रोटीन के थोड़े से सेवन के बाद अच्छे नतीजे देखने को मिलते हैं, क्योंकि इससे उनकी नई मांसपेशियों को जल्दी बनने में मदद मिलती है। इसीलिए युवाओं की तरह चुस्त-दुस्त रहने के लिए बुजुर्गों को मांसपेशियों के निर्माण की जरूरत होती है और इसके लिए प्रोटीन के सेवन की जरूरत होगी।

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