शैथल्‍यासन रिलैक्‍स होकर करने वाली मुद्रा है जो आमतौर पर अन्‍य बैठकर करने वाले आसनों जैसे कि भुजंगासन और धनुरासन के लिए तैयार होने के लिए किया जाता है। इस आसन से गर्दल और कूल्‍हे विपरीत दिशा में खिंचते हैं और कूल्‍हों के जोड़ भी खुलते हैं। शैथल्‍यासन शांत करने वाली मुद्रा है जिससे शरीर लचीला होता है और रक्‍त प्रवाह में सुधार आता है।

  1. शैथल्‍यासन करने का तरीका - Correct way to do saithalyasana in hindi
  2. शैथल्‍यासन के लाभ - Benefits of saithalyasana in hindi
  3. शैथल्‍यासन से जुड़ी सावधानियां - Precautions of Saithalyasana in hindi
शैथल्‍यासन के डॉक्टर

इस आसन को आप निम्‍न तरीके से कर सकते हैं :

  • टांगों को सामने की ओर कर के जमीन पर बैठ जाएं।
  • अब दाएं पैर के घुटने को हल्‍के से मोड़ें और और दाएं पैर को अंदर की ओर लें। अब पैर के तलचे को बाईं जांघ के अंदरूनी हिस्‍से पर रखें और ग्रोइन को बंद कर लें।
  • फिर हल्‍के से बाएं घुटने को मोड़ें, बाएं पैर को बाहर की ओर निकालें जिससे बाईं एड़ी बाएं कूल्‍हे के साथ आ जाए।
  • अब धड़ को दाईं तरफ मोड़ें और हाथों को दाएं घुटने पर रखें।
  • सांस खींचें और हाथों को सिर के ऊपर उठाकर ले जाएं।
  • फिर सांस छोड़ें और दाएं घुटने के ऊपर से झुकते हुए नीचे आएं।
  • माथे को आराम से जमीन पर रखें और इस पोजीशन में रिलैक्‍स करें। आपके हाथ सीधे और हथेली जमीन पर होनी चाहिए।
  • सांस खींचें और हाथों और धड़ को सीधा तब तक उठाएं जब तक कि पीठ सीधी न हो जाए।
  • अब सांस छोड़ें, हाथों को नीचे दाएं घुटने पर ले आएं।
  • दाईं तरफ इस आसन को 5 बार करें, इसके बाद दोबारा बाईं तरफ 5 बार आसन करें।
myUpchar के डॉक्टरों ने अपने कई वर्षों की शोध के बाद आयुर्वेद की 100% असली और शुद्ध जड़ी-बूटियों का उपयोग करके myUpchar Ayurveda Urjas Energy & Power Capsule बनाया है। इस आयुर्वेदिक दवा को हमारे डॉक्टरों ने कई लाख लोगों को शारीरिक व यौन कमजोरी और थकान जैसी समस्या के लिए सुझाया है, जिससे उनको अच्छे प्रभाव देखने को मिले हैं।
Power Capsule For Men
₹719  ₹799  10% छूट
खरीदें
  • नियमित रूप से शैथल्‍यासन को करने के निम्‍न लाभ हैं :
  • इससे कूल्‍हे के जोड़ खुलते हैं और जांघें, पेल्विक हिस्‍सा और पीठ में खिंचाव आता है।
  • इससे तंत्रिका तंत्र को संतुलन मिलता है।
  • पेट के अंगों जैसे कि पेट, लिवर, आंतों आदि की मालिश होती है।
  • इस आसन को करने से पाचन और खून के प्रवाह में सुधार आता है।
  • यह एक लाभकारी और रिलैक्‍स महसूस करवाने वाला आसन है लेकिन हर किसी को इस आसन का अभ्‍यास नहीं करना चाहिए। नीचे बताई गई स्थितियों में शैथल्‍यासन नहीं करना चाहिए :
  • यदि पीठ या गर्दन में चोट में लगी हो तो मार्गदर्शन के बिना इस आसन काे न करें।
  • प्रेग्‍नेंसी की दूसरी और तीसरी तिमाही में इस आसन को करने की सलाह नहीं दी जाती है।

शहर के योग ट्रेनर खोजें

  1. पूर्वी सिक्किम के योग ट्रेनर
Dr. Smriti Sharma

Dr. Smriti Sharma

योग
2 वर्षों का अनुभव

ऐप पर पढ़ें