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सूर्य नमस्कार का अर्थ है सूरज को अर्पण या नमस्कार करना। यह एक आसान नहीं है बल्कि कई आसनों का मेल है जो शरीर और मन को स्वस्थ रखने का उत्तम तरीका है। इस कारण से सूर्य नमस्कार योग में दिए गये सैकड़ों आसनों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। केवल सूर्य नमस्कार करने से ही आपको सम्पूर्ण व्यायाम मिलता है। इसके निरंतर अभ्यास से आपका शरीर रोग से मुक्त और स्वस्थ हो जाएगा। सूर्य नमस्कार सभी आयू और शारीरिक प्रकार के लोगों के लिए उचित है।

सूर्य नमस्कार मंत्र:

    आदित्यस्य नमस्कारन् ये कुर्वन्ति दिने दिने।
    आयुः प्रज्ञा बलम् वीर्यम् तेजस्तेशान् च जायते॥

    (जो लोग प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करते हैं, उनकी आयु, प्रज्ञा, बल, वीर्य और तेज बढ़ता है।)

  1. सूर्य नमस्कार के फायदे - Surya Namaskar ke fayde
  2. सूर्य नमस्कार करने से पहले यह आसन करें - Surya Namaskar karne se pehle yeh aasan kare
  3. सूर्य नमस्कार करने का तरीका - Surya Namaskar karne ka tarika
  4. सूर्य नमस्कार का आसान तरीका - Surya Namaskar ka aasan tarika
  5. सूर्य नमस्कार करने में क्या सावधानी बरती जाए - Surya Namaskar karne me kya savdhani barte
  6. सूर्य नमस्कार करने के बाद आसन - Surya Namaskar karne ke baad aasan
  7. सूर्य नमस्कार का वीडियो - Surya Namaskar ka video

सूर्य नमस्कार के अनगिनत लाभ हैं। उनमें से कुछ हैं यह:

  1. सूर्य नमस्कार पूरे शरीर में रक्त के परिसंचरण में सुधार लाता है।
  2. संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखता है और रोग-मुक्त रहने में मदद करता है।
  3. हृदय, लीवर, आंत, पेट, छाती, गले के लिए सूर्य नमस्कार के अनेक लाभ हैं।
  4. सिर से पाँव तक, शरीर के हर हिस्से को सूर्य नमस्कार से लाभ मिलता है।
  5. अगर धीमी गति से करें तो शरीर लचीला बनाने में मदद करता है।
  6. अगर मध्यम गति से करें तो मांसपेशियों को टोन करने में मदद करता है।
  7. अगर तेज गति से करें तो एक हार्ट-रेट बढ़ानी वाला व्यायाम है जो वज़न घटाने में मदद करता है।
  8. शरीर की सभी प्रणालिया जैसे की – पाचन, श्वसन, प्रजनन, तंत्रिका और अन्तःस्त्रावी ग्रंथि को संतुलित करता है।
  9. मानसिक शांति और धैर्य प्रदान करता हैं।

(और पढ़ें - ध्यान लगाने के नियम)

सूर्य नमस्कार करने से पहले कोई आसन करने की ज़रूरत नहीं है। यह आपके हर योग अभ्यास की शुरुआत होना चाहिए।

सूर्य नमस्कार के 9 स्टेप्स यह हैं। अपना योग अभ्यास इसे 5-8 बार करके प्रारंभ करें।

1. ताड़ासन या समस्थिति (Tadasana or Samasthitih or Mountain Pose) में खड़े हो जायें।

2. स्टेप 1: ऊर्ध्व वृक्षासन (Urdhva Vriksasana or Upward Tree Pose): श्वास अंदर लें और ऊर्ध्व वृक्षासन में आ जायें। याद रहे की पीठ सीधी हो, हाथ जुड़े हों, और दृष्टि हाथ की उंगिलयों पर हो।

3. स्टेप 2: उत्तानासन (Uttanasana or Standing Forward Bend): श्वास छोड़ें और उत्तानासन में आ जायें। याद रहे की पीठ के जोड़ों से झुकना है, जितना हो सके उतना झुकें, और दृष्टि नाक पर केंद्रित कर लें। (और पढ़ें: उत्तानासन करने का तरीका और फायदे)

4. स्टेप 3: अर्ध उत्तानासन (Ardha Uttanasana or Standing Forward Half-Bend): श्वास अंदर लें और ऊर्ध्व उत्तानासन में आ जायें। पीठ के जोड़ों से उठें, उंगलियों की टिप्स ज़मीन पर लगी रहने चाहिए, पीठ एकदम सीधी कर लें, और दृष्टि नाक पर केंद्रित कर लें।

5. स्टेप 4: चतुरंग दंडासन (Chaturanga Dandasana or Four-Limbed Staff Pose): श्वास छोड़ें, पहले दाईं टाँग फिर बाईं टाँग पीछे ले जायें और चतुरंग दण्डासन में आ जायें। पूरा शरीर एक सीध में होना चाहिए, हथेलियाँ छाती की सीध में हों, कोहनियाँ धड़ के करीब हों, और दृष्टि नाक पर केंद्रित कर लें।

6. स्टेप 5: ऊर्ध्व मुख श्वानासन (Urdhva Mukha Svanasana or Upward-Facing Dog Pose): श्वास अंदर लें और ऊर्ध्वमुखश्वानासन में आ जायें। हाथ एकदम सीधे होने चाहिए, गर्दन लंबी कर लें और उसे कंधों में ढहने ना दें, हो सके तो सिर्फ़ पंजों को ज़मीन पर टीका कर रखें - बाकी टाँगों के किसी हिस्से को नहीं, और दृष्टि "तीसरी आँख" पर केंद्रित कर लें।

7. स्टेप 6: अधो मुख श्वानासन (Adho Mukha Svanasana or Downward-Facing Dog Pose): श्वास छोड़ें और अधोमुखश्वानासन में आ जायें। हो सके तो एडियों को ज़मीन पर टिकायं, हाथ कम से काम कंधों की चौड़ाई जितनी दूर होने चाहिए, और दृष्टि नाभि पर केंद्रित कर लें। इस मुद्रा में 5 बार श्वास अंदर और बहार लें।

8. स्टेप 7: अर्ध उत्तानासन (Ardha Uttanasana or Standing Forward Half-Bend): श्वास अंदर लें, पहले दाईं टाँग फिर बाईं टाँग को आगे ले आयें और दुबारा ऊर्ध्व उत्तानासन में आ जायें।

9. स्टेप 8: उत्तानासन (Uttanasana or Standing Forward Bend): श्वास छोड़ें और दुबारा उत्तानासन में आ जायें।

10. स्टेप 9: ऊर्ध्व वृक्षासन (Urdhva Vriksasana or Upward Tree Pose): श्वास अंदर लें और दुबारा ऊर्ध्व वृक्षासन में आ जायें।

11. ताड़ासन या समस्थितिः (Tadasana or Samasthitih or Mountain Pose) में समाप्त करें।

अगर आपको उपर दिए गये किसी भी स्टेप में दिक्कत आती है तो आप यह विकल्प अपना कर सकते हैं:

  1. स्टेप 1: ऊर्ध्व वृक्षासन: कंधों में दर्द हो तो हाथ पुर उपर ना उठायें।
  2. स्टेप 2: उत्तानासन (Uttanasana or Standing Forward Bend): अगर हॅम्स्ट्रिंग में लचीलापन कम हो तो टाँगों को तोड़ा मोड़ कर रख सकते हैं। ज़रूरी नहीं है की हाथ ज़मीन पर टीके हों, उन्हे टख़नों या टाँग पर टीका कर सकते हैं।
  3. स्टेप 3: अर्ध उत्तानासन (Ardha Uttanasana or Standing Forward Half-Bend): अगर हॅम्स्ट्रिंग में लचीलापन कम हो तो टाँगों को तोड़ा मोड़ कर रख सकते हैं। ज़रूरी नहीं है की हाथ ज़मीन पर टीके हों, उन्हे टख़नों या टाँग पर टीका कर सकते हैं।
  4. स्टेप 4: चतुरंग दण्डासन (Chaturanga Dandasana or Four-Limbed Staff Pose): अगर आप शरीर को ज़मीन से उपर ना रोक पायें तो घुटनों को ज़मीन पर टीका लें।
  5. स्टेप 5: ऊर्ध्वमुखश्वानासन (Urdhva Mukha Svanasana or Upward-Facing Dog Pose): जितना हो सके पीठ को उतना ही मोड़ें। अगर चाहें तो टाँगों को पूरी तरह ज़मीन पर टिका सकते हैं।
  6. स्टेप 6: अधोमुखश्वानासन (Adho Mukha Svanasana or Downward-Facing Dog Pose): अगर एडियाँ ज़मीन पर ना टीके तो ज़बरदस्ती ना करें, उन्हे उपर ही रखें। अगर 5 बार श्वास अंदर और बाहर लेना मुश्किल लगे तो जितना बन सके उतनी बार कर लें।
  1. बुखार या जोड़ो में सूजन हो तो सूर्य नमस्कार नहीं करना चाहिए। (और पढ़ें – बुखार के घरेलू उपचार)​
  2. हाई बीपीहर्निया, गंभीर ह्रदय रोग, चक्कर आना तथा मेरुदंड के गंभीर रोगी को सूर्य नमस्कार नहीं करना चाहिए।
  3. मासिक धर्म के समय तथा गर्भावस्था के 4 महीने बाद सूर्य नमस्कार नही करना चाहिए।

सूर्य नमस्कार A के बाद आप अपनी ज़रूरत के अनुसार जो चाहें वो आसन कर सकते हैं। यहाँ हम कुछ सुझाव दे रहे हैं:

  1. पादंगुष्ठासन (Padungasthasana or Big Toe Pose)
  2. पादहस्तासन (Padahastasana or Hand to Foot Pose)
  3. उत्थित त्रिकोणासन (Utthita Trikonasana or Extended Triangle Pose)
  4. परिवृत्त त्रिकोणासन (Parivrtta Trikonasana or Revolved Triangle Pose)
  5. उत्थित पार्श्वकोणासन (Utthita Parsvakonasana or Extended Triangle Pose)

सूर्य नमस्कार ठीक से करने के लिए यह वीडियो देखें:

और पढ़ें ...

References

  1. The University of Minnesota. Yoga. University of Minnesota's Earl E. Bakken Center for Spirituality & Healing
  2. Jakhotia KA, Shimpi AP, Rairikar SA, Mhendale P, Hatekar R, Shyam A, Sancheti PK. Suryanamaskar: An equivalent approach towards management of physical fitness in obese females. 2015 Jan-Jun;8(1):27-36. PMID: 25558131
  3. Cruz Bay Publishing. A Beginner's Guide to the Chakras. Yoga Journal Podcasts Yoga
  4. Isha Foundation. Benefits of Surya Namaskar: How It Transforms Your System. Isha Yoga Center, Velliangiri Foothills, India
  5. Art of living. Surya Namaskar – A complete detailed guide for a perfect yoga workout. Sri Sri Ravishankar Vidya Mandir Trust, Art of Living Yoga & Meditation Centre