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देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने और दुनियाभर में इसके प्रकोप को देखते हुए भारत सरकार ने बयान जारी कर कहा है कि वह इस विषाणु को रोकने के लिए उच्चतम स्तर पर निगरानी की जा रही है। इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नए कोरोना वायरस 'सीओवीआईडी-19' के असर के मद्देनजर प्रधानमंत्री कार्यालय तक निगरानी करने में सहयोग कर रहा है। इसके अलावा सरकार के अन्य मंत्रालय और सचिव कार्यालय भी निगरानी रखने में सहयोग कर रहे हैं।

वहीं, दिल्ली सरकार ने 5,700 ऐसे लोगों की पहचान की है, जो 15 जनवरी से 13 फरवरी के बीच चीन की यात्रा पर गए थे। इनमें से 17 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बाकी को घरों में ही अलग रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, राजधानी में हवाई यात्रा के जरिये कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगातार विदेशी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। गुरुवार को ही डॉक्टरों द्वारा 3,853 लोगों की स्क्रीनिंग की गई।

देश में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ी
बता दें कि एक दिन पहले ही दिल्ली एयरपोर्ट पर कोरोना वायरस के एक और संदिग्ध की पहचान हुई थी। वहीं, कोलकाता एयरपोर्ट पर दो लोगों में कोरोना के लक्षण पाए गए थे, जो बाद में पॉजिटिव निकले। इस तरह देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या तीन से बढ़ कर पांच हो गई है। हालांकि इनमें से तीन की हालत अब पहले से काफी बेहतर है। ये तीनों मरीज केरल के हैं। इनमें से सबसे पहले सामने आए मरीज को छुट्टी दे दी गई है।

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भारत में चीन की तर्ज पर नहीं होगी बीमारी की पहचान
गुरुवार को इस खबर ने पूरी दुनिया को हिला दिया था कि चीन में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या एक दिन में 45,000 से सीधे 60,000 हो गई। बाद में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साफ किया, कि दरअसल ऐसा चीन द्वारा रोगियों की पहचान के लिए अपनाए जाने वाले तरीके में बदलाव के कारण हुआ। चीन अब उन लोगों को भी कोरोना वायरस का पॉजिटिव केस मान रहा है, जिनमें केवल विषाणु के लक्षण दिख रहे हैं। उसने अपने यहां बदतर होते हालात के मद्देनजर ऐसा करना शुरू किया है।

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भारत सरकार ने इसे लेकर साफ कर दिया है कि वह अपने लोगों पर इस तरह का तरीका नहीं अपनाएगी। इस स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चीन ने वायरस की पहचान करने और उसे रोकने के लिहाज से एहतियातन अपनी रणनीति में बदलाव किया है, भारत, चीन के इस मॉडल को अपनाने की नहीं सोच रहा है।

छावला आईटीबीपी केंद्र में बढ़ी संदिग्धों संख्या
कोरोना वायरस के सैकड़ों संदिग्धों को दिल्ली के छावला आईटीबीपी केंद्र में रखा गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 406 लोगों के खून के नमूने अंतिम जांच के लिए भेजे गए हैं। अभी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद ही इन लोगों को छोड़ने पर फैसला लिया जाएगा। बता दें कि चीन में फैले नए कोरोना वायरस के कहर के बीच इन लोगों को वुहान शहर से निकाल कर स्वदेश वापस लाया गया था। दिल्ली लाते ही इन लोगों को छावला में आईटीबीपी और मानेसर में सेना द्वारा तैयार किए चिकित्सा केंद्रों में भेज दिया गया था। तब से कई लोग इन्हीं कैंपों में रह रहे हैं। खबरों के मुताबिक, इनमें मालदीव के भी सात नागरिक शामिल हैं। उन्हें इस महीने की शुरुआत में भारतीय नागरिकों के साथ यहां लाया गया था।

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