अमेरिका और यूरोप में कोविड-19 से जोड़ कर देखे जा रहे जिस 'रहस्यमय' इन्फ्लामट्री सिंड्रोम ने कई बच्चों को गंभीर रूप से बीमार किया है, वह अब युवाओं में भी दिखने लगा है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के एक इलाके लॉन्ग आइलैंड में एक 25 वर्षीय युवक इस सिंड्रोम से ग्रस्त पाया गया है। वहीं, कैनिफोर्निया केसैन डिएगो में एक 20 वर्षीय युवा के इस सिंड्रोम से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के लैंगोन मेडिकल सेंटर में युवा उम्र के कई अन्य मरीजों में भी इस सिंड्रोम के लक्षण दिखे हैं। यहां बता दें कि फिलहाल इस सिंड्रोम को 'एमआईएस-सी' कहा जा रहा है।

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अखबार के मुताबिक, बच्चों में इस सिंड्रोम के लक्षण अलग दिखने की रिपोर्टें हैं। हालांकि कहा गया है कि ये लक्षण कावासाकी रोग से मिलते जुलते हैं, जो बच्चों से जुड़ी एक दुर्लभ बीमारी है। इसमें रक्तवाहिकाओं में जलन और सूजन होने लगती है। कावासाकी बीमारी के गंभीर होने पर बच्चों को हृदय संबंधी समस्या भी हो सकती है। अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, कावासाकी के शुरुआती लक्षणों में बुखार, पेट दर्द, उल्टी, डायरिया, गर्दन में दर्द, लाल चकत्ते, आंखें लाल होना और थकान शामिल हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि इस सिंड्रोम के ज्यादातर मरीजों में नए कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडीज मिले हैं। उनके मुताबिक, इससे संकेत मिलते हैं कि हो सकता है यह सिंड्रोम वायरस के खिलाफ इम्यून सिस्टम के देरी से रेस्पॉन्स करने का नतीजा हो। वहीं, एक थ्योरी है कि यह इम्यून सिस्टम के जरूरत से ज्यादा सक्रिय होने का परिणाम भी हो सकता है। गौरतलब है कि अमेरिका के 20 राज्यों में एमआईएस-सी के सैकड़ों केस सामने आ चुके हैं। अकेले न्यूयॉर्क शहर में इसके 89 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

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युवाओं के लक्षण ज्यादा गंभीर
एनवाईयू लैंगोन में बाल संक्रामक रोगों की विशेषज्ञ डॉ. जेनिफर लाइटर का कहना है कि युवा मरीजों में कोविड-19 से जुड़े अनजान सिंड्रोम के लक्षण ज्यादा गंभीर दिखाई दिए हैं। अखबार के मुताबिक, वयस्कों में इस सिंड्रोम का पता न लग पाना कुछ हद तक चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि कई डॉक्टर वयस्कों का इलाज करते हैं और अपने अनुभव में उन्होंने कावासाकी के केस (दुर्लभ होने के कारण) कभी नहीं देखे हैं।

ऐसे में सैन डिएगो के जिस रैडी चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल में एमआईएस-सी पीड़िता 20 वर्षीय युवक भर्ती है, उसने अपने स्टाफ को एक अलग सिस्टम के तहत वयस्क मरीजों की स्क्रीनिंग करने को कहा है। इसके अलावा अस्पताल इस सिंड्रोम के युवाओं में फैलने को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों से भी बात कर रहा है ताकि लोगों को इस बारे में चेतावनी दी जा सके। अस्पताल में कावासाकी बीमारी के विशेषज्ञ डॉ. जेन बर्न्स ने कहा है कि डॉक्टरों को इस बारे में जानकारी होना जरूरी है कि उनके सामने भी यह स्थिति आ सकती है।

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उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोविड-19 से जुड़ा रहस्यमय सिंड्रोम बच्चों के बाद अब युवाओं में भी दिखा है

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