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शादी के बंधन में बंधना अनेक बहुत से लोगों को असमंजस में डालने वाला फैसला होता है, क्योंकि इसका मतलब केवल प्यार नहीं, बल्कि वे जिम्मेदारियां और फैसले भी इससे जुड़े हैं जिनका अनुभव केवल शादी हो जाने के बाद ही किया जा सकता है। आजीवन वचनबद्धता के लिए आपका मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक रूप से पूरी तरह तैयार होना बहुत जरूरी है। शादी की सही उम्र के बारे में जानने वाले लोगों को खुद से अपनी मौजूदा मन की स्थिति का आकंलन करना चाहिए और इस निर्णय को लेना चाहिए कि आप वाकई शादी के लिए तैयार भी हैं या नहीं।

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  1. भारत में विवाह की कानूनी उम्र - Legal age for marriage in India in Hindi
  2. शादी से पहले खुद के बारे में ये बातें जान लेना जरूरी - Need to know these things for yourself before marriage in Hindi
  3. शादी से पहले साथी से इन सवालों को जरूर पूछें - Ask your partner these questions before marriage in Hindi
  4. शादी के लिए सही उम्र के डॉक्टर

भारतीय कानून के अनुसार-

  • बाल विवाह अधिनियम के मुताबिक भारत में शादी के लिए लड़की की अायु 18 व लड़के की अायु 21 से कम नहीं होनी चाहिए। 
  • यूनीसेफ संस्था के अनुसार 47 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 साल में हो जाती है, जबकि 18 प्रतिशत लड़कियों की शादी मात्र 15 साल में ही कर दी जाती है। इस तरह की शादियों में लड़कियों की किसी भी तरह की राय नहीं ली जाती है। 

भारत में बाल विवाह सदियों से एक बड़ी परेशानी का कारण रहा है। इस समस्या को समाज से दूर करना बेहद ही मुश्किल हैं, क्योंकि इस समस्या को हमारी परंपरा, संस्कृति और धार्मिक कार्यों से जोड़कर देखा जाता है। शादी किसी मजाक का विषय नहीं है। इसके लिए लड़की व लड़के दोनों को ही समझदार होना बेहद जरूरी है। हर किसी को समझदारी और जिम्मेदारी को एहसास होने के बाद ही शादी करने का फैसला लेना चाहिए। शादी किसी के साथ उम्र भर के लिए किये जाने वाला वादा होता है। जब आप इसकी जिम्मेदारी के काबिल हो जाए तब ही शादी करें।               

 

शादी करना हर किसी के लिए एक बड़ी बात होती है। देखा जाए तो अपने देश में कई लोग पहले शादी करते हैं और फिर इसके अनुभवों को जानते व समझते हैं। जबकि कुछ लोग शादी करने से पूर्व खुद से यह सवाल करते हैं कि वह इस जिम्मेदारी के लिए तैयार भी है या नहीं। शादी करने के बाद आपको अगर खुशहाल जिंदगी चाहिए, तो आपको खुद की तन, मन व वित्तिय स्थिति का आकंलन करना बेहद जरूरी है। 

1. प्यार की पुष्टि  

शादी आपके प्यार भरे रिश्ते की ओर महत्वपूर्ण कदम है। शादी, इसकी मंजूरी और घोषणा करते हुए संबंध को मजबूत करती है कि वे एक दूसरे के लिए बने हैं। अगर आप कुछ समय पहले से अपने साथी के साथ संबंध में हैं और अब आपको यह महसूस होता हो कि आप अपने पार्टनर के साथ पूरा जीवन बिताना चाहते हैं, तो शादी का फैसला सही हो सकता है। 

2. भावनात्मक तौर पर मजबूत होना

शादी से जुड़ी कुछ अपेक्षाओं के लिए दोनों ही साथियों को खुद को तैयार कर लेना चाहिए। आपस में वैसा ही संबंध बनाए रखें जो पहले से आप दोनों के बीच रहा है। बेशक शादी से कुछ चीजें बदल जाती हैं, जिनका अनुभव डेटिंग के दौरान हुआ हो सकता है। जिम्मेदारियों और रोजाना लिए जाने वाले फैसले उस आनंद को खत्म कर सकते हैं, जिसे आपने डेटिंग के दौरान अनुभव किया था। आपके जीवन की व्यवहारिकताएं एक-दूसरे से क्या मांग करती हैं इसे समझकर और एक दूसरे की अपेक्षाओं को महसूस कर आप अपने शादीशुदा जीवन को अधिक खुशनुमा बना सकते हैं।

3. वित्ती​य मजबूती

दोनों पार्टनरों के लिए आर्थिक मजबूती बहुत ही जरुरी है, क्योंकि यही शादी को टिके रहने का आधार उपलब्ध कराती है। रुपया-पैसा यूं तो विवाद का एक बड़ा विषय है, जो अक्सर संबंधों में दरार डाल देता है। लेकिन वित्तीय मजबूती शादी को बिना किसी परेशानी के सफल बनाए रखने के लिए जरूरी है, ताकि आप दिलो-दिमाग पर कर्जे का कोई बोझ लादे बिना आरामदायक जीवन जी सकें।

4. एक जैसी सोच होना 

जीवन के प्रति दोनों साथियों के एक समान लक्ष्य यह साबित करते हैं कि आपका संबंध शादी में बदलने के लिए तैयार है। शुरुआती रोमांचक खुशियों के बाद प्यार की नदी में उठने वाला तूफान बैठने लगता है। केवल सांझा मूल्य और जीवन के लक्ष्य ही आपकी शादी को कामयाब बनाए रखते हैं। रूपए-पैसे, करियर, बच्चों और जीवन जीने के तरीकों को लेकर दोनों के लक्ष्य बिल्कुल एक समान न हों तो भी उनमें कुछ समानता तो होनी ही चाहिए। अपेक्षाओं और लक्ष्यों का टकराव शादी को अस्थिरता के झंझटों में फंसा सकता है।

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शादी किसी के भी जीवन का एक अहम फैसला होता है। शादी के बाद जीवन जिम्मेदारियां बढ़ जाती है। कुछ लोग इसके बाद खुद को बोझिल महसूस करने लगते हैं। इसलिए बेहद जरूरी है कि आप शादी करने के फैसले से पहले खुद को इन जिम्मेदारियों के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार कर लें। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि आप अपने साथी के विचारों के विषय में पूरी जानकारी एकत्रित करें। इसके लिए आपको खुद से कई तरह के सवालों के जवाब ढूंढने की आवश्यकता होती है। 

शादी से पहले सेक्स संबंध, दोस्तों से संबंध, आपके होने वाले साथी और उनके परिवार के स्वास्थ्य इतिहास इत्यादि के बारे में भी आपको पता होना चाहिए जिससे भविष्य में आपका वैवाहिक जीवन सुखमय बीत सके। आइए जानें 10 सवालों के जवाब जो शादी से पहले पूछने जरूरी होते हैं।

शादी से पहले लड़का-लड़की जब मिलते हैं तो जरूरी नहीं कि वे एक-दूसरे के अतीत के बारे में ही बात करें और अतीत के बारे में बातें करना सही भी नहीं है। लेकिन कुछ ऐसी बातें जरूर हैं, जो शादी से पहले पूछना जरूरी है -

  • शादी से पूर्व अपने साथी से किए जाने वाले सावलों से आप उसकी सोच व व्यक्तित्व के बारे में जान पाते हैं। इसके अलावा साथी की पसंद व नापसंद को जानकर आप भविष्य में उनके इच्छाओं का सम्मान कर पाते हैं। इसलिए दोनों को ही एक दूसरे के बारे में यह सब पता कर लेना चाहिए।  
  • शादी हो जाने के बाद साथी परिवार व करियर में से किसको प्रथामिकता देगा। अगर करियर को साथ लेकर चलेगा तो फिर वह परिवार को कैसे समय दे पाएंगे। वहीं महिलाएं विवाह के बाद नौकरी करना पसंद करेंगी या नहीं। इन सभी सवालों के जवाब व उनके लिए सही प्रबंधन शादी से पहले ही कर लेना सही होता है। 
  • आप शादी के बाद संयुक्त परिवार (joint family) में रहना पसंद करेंगी या अकेले। यदि परिवार के साथ रहना है तो मिलकर रहना पसंद करेंगी या फिर एक ही परिवार में सब-कुछ अलग-अलग होगा? ये बातें करना भी जरूरी होता है ताकि भविष्य में कोई समस्या न होने पाएं।
  • ये पूछना भी जरूरी है कि आपके साथी का शादी के बारे में क्या विचार हैं। कहीं ऐसा ना हो कि किसी के दबाव में या फिर ज़बरदस्ती शादी के लिए आपके साथी ने हामी भरी हो। आपका साथी शादी से खुश तो है ना? क्या वह शादी के बाद आने वाली जिम्मेदारियों के लिए तैयार हैं?
  • आपको अपने होने वाले साथी की रुचि के बारे में भी जानना होगा कि उनको गंभीर बातें करना अच्छा लगता है या वह समय के अनुसार गंभीर बातें व मजाक करते हैं। क्या साथी को घूमना अच्छा लगता है? अगर आप दोनों के ही विचार मेल खाते हैं तो शाादी के बाद सब कुछ ठीक ही चलेगा। 
  • आपका साथी विवाह से पूर्व किसी के साथ रोमांस के विषय में क्या राय रखता या रखती है? इसके अलावा शादी से पहले होने वाले सेक्स के विषय पर उनकी क्या सोच है? वहीं अगर पिछली जिंदगी में आपका किसी के साथ कोई संबंध रहा हो, तो साथी को उससे कोई परेशानी तो नहीं है? इन सभी सवालों पर भी चर्चा करना बेहद जरूरी होता है। 
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  • शादी हो जाने के बाद भी आपका साथी अपने मित्रों से पहले की तरह ही संबंध रखेगा? शादी हो जाने के बाद भी दोस्तों के घर पर पहले की ही तरह आना जाना लगा रहेगा? इन बातों पर आप दोनों को ही सामंजस्य पूर्ण निर्णय निकालना होगा। 
  • साथी अपने परिवार में क्या अहमियत रखते हैं,  क्या परिवार वालों को उनका व्यवहार ठीक लगता है, किसी अहम फैसले में क्या उनकी राय भी ली जाती है या नहीं? इन सभी सवालों से आप साथी की परिवार में भूमिका और उनकी अहमियत को समझ पाएंगी। 
  • साथी के जीवन का लक्ष्य जाने। वह अपने भविष्य को लेकर क्या सोच रखते हैं। उनको नौकरी करना पसंद है या व्यवसाय करने के बारे में विचार कर रहें हैं। 
  • इसके अलावा परिवार नियोजन के बारे में उनकी राय क्या है? इस बारे में भी आपको शादी से पहले ही पूछना होगा कि विवाह हो जाने के बाद वह कितने बच्चे चाहते हैं।
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