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सेक्स के दौरान होने वाली चरम सुख की प्राप्ति को ही ऑर्गेज्म कहते हैं, जिसका अनुभव यौन गतिविधियों के दौरान होता है। इन्हें 'कामोन्माद' और 'चरमोत्कर्ष' के नाम से भी जाना जाता है। इसका अनुभव पुरुषों और महिलाओं दोनों हो होता है। 

इस लेख में पुरुष ऑर्गेज्म और महिला ऑर्गेज्म दोनों के बारे में बताया गया। साथ ही महिलाओं के लिए चरम सुख पाने के तरीके, चरम सुख का अनुभव कैसे होता है, महिलाओं और पुरुषों में चरम सुख का अनुभव न कर पाने के कारण, पुरुष चरमोत्कर्ष, क्या सेक्स का आनंद लेने के लिए चरम सुख पाना ज़रूरी है और पुरुष और महिला ऑर्गेज्म में अंतर। 

(और पढ़ें - सेक्स के बारे में जानकारी)

  1. ऑर्गेज्म क्या है - What is orgasm in Hindi
  2. महिला ऑर्गेज्म - Female Orgasm in Hindi
  3. महिलाओं के लिए चरम सुख पाने के तरीके - How to achieve orgasm for women in Hindi
  4. चरम सुख का अनुभव कैसे होता है - How can I tell if I've had an orgasm in Hindi
  5. महिलाओं में चरम सुख का अनुभव न कर पाने के कारण - Causes of Orgasm problems in women in Hindi
  6. पुरुष चरमोत्कर्ष - Male Orgasm in Hindi
  7. पुरुषों में चरम सुख प्राप्त न कर पाने के कारण - Causes of Orgasm problems in men in Hindi
  8. क्या सेक्स का आनंद लेने के लिए चरम सुख पाना ज़रूरी है - Is it necessary to have orgasm to enjoy sex in Hindi
  9. पुरुष और महिला ऑर्गेज्म में अंतर - Difference between male and female orgasm in hindi
  10. चरम सुख के डॉक्टर

जब आपको चरम सुख का अनुभव होता है, तो आपकी धड़कनें और सांसें तेज और भारी हो जाती हैं।

महिलाओं में, संभोग का अत्यधिक और सुखद अनुभव होते समय, जननांग की मांसपेशियों में संकुचन होता है। अगर महिलाएं लगातार उत्तेजित रहें तो वे एक बार में एक से अधिक ऑर्गेज्म का अनुभव करने में सक्षम होती हैं।

इस दौरान बहुत कम महिलाएं इजैक्युलेट (Ejaculate) करती हैं। इस प्रक्रिया में, तीव्र यौन उत्तेजना या चरम सुख की प्राप्ति होने पर, मूत्रमार्ग के पास स्थित ग्रंथियां तरल पदार्थ का स्रावण करती हैं।

पुरुषों में मांसपेशियों में संकुचन होने पर, लिंग से शुक्राणु इजैक्युलेट (वीर्यपात) होते हैं। इसके बाद, पुरुष एक ही समय में दोबारा ऑर्गेज्म का अनुभव करने में सक्षम नहीं होते हैं।

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जर्नल न्यूरोक्वाण्टोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, महिला ऑर्गेज्म चार अलग-अलग प्रकार के (क्लिटोरल, वैजिनल, ब्लेंडेड या मल्टीपल ऑर्गेज्म) होते हैं।

1. क्लिटोरिस की उत्तेजना द्वारा ऑर्गेज्म (Clitoral Orgasm) -

जैसा कि आप जानते हैं कि योनि में मौजूद यह बाहरी बनावट बेहद संवेदनशील होती है, इस बिंदु पर 8000 तंत्रिकाएं आकर मिलती हैं और अधिकतर महिलाओं की तरह आपको भी इस क्षेत्र पर संवेदना का अनुभव होगा। लेकिन न्यूयॉर्क की एक सेक्स चिकित्सक के मुताबिक, सीधे क्लिटोरिस को स्पर्श करने के बजाय पहले साथी के शरीर को स्पर्श करें, आलिंगन या मालिश करें या साथी के जननांगों के दूसरे हिस्सों को स्पर्श करें।

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2. योनि की उत्तेजना द्वारा ऑर्गेज्म (Vaginal Orgasm) - 

जी-स्पोट (G-spot) योनि के तीन से पांच सेंमी. अंदर मौजूद एक हिस्सा होता है जो छोटे सिक्के के आकर का होता है। दरअसल ये हिस्सा उन्हें चरमोत्कर्ष तक ले जाने में सहायक होता है।

3. योनि और क्लिटोरिस दोनों की उत्तेजना द्वारा ऑर्गेज्म (Blended Orgasm) - 

विशेषज्ञों का कहना है कि योनि और क्लिटोरिस दोनों की संयुक्त उत्तेजना द्वारा ऑर्गेज्म सबसे शक्तिशाली होता है।

4. कई ऑर्गेज्म (Multiple Orgasms) - 

मल्टीपल ऑर्गेज्म में, एक के बाद एक कई ऑर्गेज्म महसूस होते हैं। एक बार के सेक्स में अलग-अलग समय पर नहीं होते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ महिलाएं अगर लगातार उत्तेजित होती रहें तो एक के बाद एक कई ऑर्गेज्म महसूस करना संभव हैं।

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महिलाएं क्या चाहती हैं

प्रमुख 7 व्यवहार जो महिलाओं को निम्न प्रतिशत में आकर्षित करते हैं और चरम सुख पाने में मदद करते हैं -

  1. योनि संभोग - 69.9 प्रतिशत
  2. अधिक बार आलिंगन - 62.8 प्रतिशत
  3. सेक्स के दौरान अधिक बार किस करना - 49.3 प्रतिशत
  4. सेक्स के दौरान मीठी, रोमांटिक बातें करना - 46.6 प्रतिशत
  5. जननांग द्वारा संभोग - 45.4 प्रतिशत
  6. ओरल सेक्स प्राप्त करना - 43.3 प्रतिशत
  7. रोमांटिक फिल्म देखना - 41.9 प्रतिशत

हालांकि, कुछ व्यवहार महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक स्पष्ट रूप से देखे जाते हैं। उदाहरण के लिए, पुरुषों को गुदा यौन संभोग महिलाओं की तुलना में अधिक आकर्षक लगता है।

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महिलाओं के लिए संभोग के दौरान चरम सुख पाने के चार चरण निम्नलिखित हैं। इन चार चरणों में ऑर्गेज्म के लिए सबसे बेहतर तरीके बताये गए हैं, जो इस प्रकार हैं:

चरण 1. अपने यौन स्वभाव को समझें -

सेक्स के बारे में अपनी भावनाओं और व्यवहारों को समझना भी ऑर्गेज्म के लिए बहुत ज़रूरी होता है। विवाह के दौरान डेटिंग करते समय अपने पार्टनर से चर्चा करें कि यौन संबंधों के लिए क्या सामान्य और स्वस्थ है।

गर्भनिरोधक तरीकों (जैसे गर्भनिरोधक गोलियां और महिला कंडोम), यौन संचारित रोग, सुख के लिए सेक्स और गर्भधारण के लिए किये जाने वाले सेक्स को समझें।

इस प्रकार पहला चरण आपके मन में सेक्स के बारे में विचारों और भावनाओं को जगाने में मदद करता है।

चरण 2. खुद को स्पर्श करें -

सेक्स करने से पहले खुद को 30 मिनट से 1 घंटे के लिए स्पर्श करके सेक्स के लिए भावनाएं जगाने की कोशिश करें। ऐसा करने के आप स्नान या शॉवर ले सकती हैं। आप तेल, लुब्रीकेंट या लोशन का उपयोग करके भी अपने शरीर को स्पर्श करना शुरू कर सकती हैं। आप स्पर्श को महसूस करने पर ध्यान दें। अगले चरण में जाने से पहले इस अभ्यास को 5-15 बार दोहराएं।

दूसरा चरण आपके, खुद को समझने के बारे में है कि जब आप खुद को स्पर्श करते हैं तो आपको और आपके जननांगों को कैसा महसूस होता है। यह जानने के लिए कि आपको कैसा स्पर्श अच्छा लगता है, खुद को स्पर्श करें। यह पहलू संभोग के साथ जुड़ने के लिए, उस आनंद को महसूस करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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चरण 3. मज़े के लिए स्पर्श करें - 

चूंकि हस्तमैथुन अक्सर चरम सुख अनुभव करने का अच्छा तरीका है। यह उस भावना का अनुभव कराता है जो सेक्स अच्छी तरह से हो जाने के बाद आती है। छूने और हस्तमैथुन करने से आपके जननांगों में रक्त प्रवाह बढ़ जाता है और संभोग सुख को आसान बनाने में भी मदद मिलती है।

इस चरण के दौरान "वयस्क होने के नाते यौन अनुभव होना आपके यौन जीवन का स्वस्थ हिस्सा है" इसे महसूस करें।

इस दौरान, कामोत्तेजना बढ़ाने के लिए लुब्रीकेंट का उपयोग करें और अन्य तकनीकों जैसे कामुक कहानियों को पढ़ें या रोमांटिक या यौन फिल्में देखें।

तीसरे चरण में आपको ये पता लगता है कि कहां कहां स्पर्श करने पर आपको अच्छा लगता है। यह जानना ज़रूरी है कि जब महिलाएं पहली बार सेक्स करती हैं और चरम सुख का अनुभव सीखना चाहती हैं तो ये चरण उनके लिए काफी सहायक हो सकता है।

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चरण 4. सुख पाने के लिए स्पर्श करने पर फोकस करें।

अगर आप ये देखने के लिए खुद को स्पर्श कर रही हैं कि आपको ऑर्गेज्म का अनुभव होता है या नहीं तो ये प्रक्रिया कम से कम 15, 30 या 45 मिनट तक करें लेकिन इसके लिए बार बार घड़ी पर ध्यान न लगाएं।

अपने अंदर होने वाले कंपन और यौन उत्तेजना को महसूस करें। भावपूर्ण होने के लिए, वासना, विश्राम और कामुक फिल्मों या साहित्य का इस्तेमाल करें।

चौथा चरण महिलाओं द्वारा यौन सुख पाने का अंतिम चरण होता है। इस चरण तक आते आते आप संभोग के बारे में अपने विचारों और व्यवहारों को समझने लगती हैं।

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हर कोई अपने तरीके, समय और एक अलग स्थिति में चरमोत्कर्ष का अनुभव करता है। ऑर्गेज्म एक ऐसा अनुभव है, जो आमतौर पर यौन उत्तेजना के दौरान आपका शरीर अनुभव करता है। ऑर्गेज्म की प्रतिक्रिया स्वरुप जननांगों में रक्त प्रवाह और कामोत्तेजना के समाय मांसपेशियों में तनाव बढ़ जाता है।

पुरुषों और महिलाओं के शरीर की रचना अलग-अलग प्रकार की होती है और उसी हिसाब से उन्हें चरम सुख भी अलग-अलग तरह ही अनुभव होता है। दोनों लिंगों के लिए ऑर्गेज्म, पूर्ण शारीरिक प्रतिक्रिया है। पुरुषों में, इस दौरान लिंग, मूत्रमार्ग, प्रोस्टेट ग्रंथि, पैल्विक मांसपेशियों और गुदा (Anus) में संकुचन और फलस्वरूप वीर्यपात (Ejaculation) होता है। महिलाओं में, योनि के निचले हिस्से, गर्भाशय और गुदा में संकुचन होता है।

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महिलाओं में चरम सुख का अनुभव न कर पाने के शारीरिक या मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं, जैसे:

  1. पर्याप्त रूप से उत्तेजित न हो पाना।
  2. यौन सुख दे पाने के बारे में चिंता करना।
  3. डिप्रेशन आदि से ग्रस्त होना।
  4. शारीरिक स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं होना।
  5. यौन शिक्षा की कमी या सेक्स से डरना।
  6. पहले का दर्दनाक यौन अनुभव। (और पढ़ें - सेक्स के दौरान दर्द)
  7. रिश्ते में खटास होना।
  8. रजोनिवृत्ति

(और पढ़ें - महिलाओं की यौन स्वास्थ्य समस्याएं और समाधान)

पुरुष चरमोत्कर्ष एक जटिल अनुभव है। पुरुष ऑर्गेज्म का मुख्य कार्य वीर्यपात करना है, हालांकि सभी पुरुष ऑर्गेज्म के समय वीर्यपात नहीं करते। महिला ऑर्गेज्म का कार्य चरम सुख के अलावा और कुछ नहीं है, हालांकि यह अंडकोष की ओर शुक्राणु को पहुंचने में मदद कर सकता है।

(और पढ़ें - सेक्स पावर कैसे बढ़ाएं और सेक्स करने के तरीके)

वीर्यपात और तृप्ति

जैसा कि ऊपर बताया गया है, कि बिना वीर्यपात के भी पुरुषों द्वारा चरम सुख का अनुभव करना संभव है। किशोरावस्था से पहले लड़के, विशेष रूप से, बिना किसी वीर्यपात के चरमोत्कर्ष का अनुभव करते हैं। इसके अलावा ऐसे भी पुरुष हैं जो संभोग के कई सेकंड बाद तक वीर्यपात नहीं करते। कुछ पुरुष वीर्यपात करने में असमर्थ होते हैं, लेकिन वे भी चरम सुख का अनुभव करने में सक्षम होते हैं। यद्यपि पुरुषों के लिए कई ऑर्गेज्म करना मुश्किल होता है।

पुरुष ऑर्गेज्म का शारीरिक अनुभव

कुछ पुरुषों को ऑर्गेज्म के दौरान नाभि में अनुभव होता है। विशेष रूप से वृषणकोश और जननांग क्षेत्र में यह महसूस होता है। अन्य पुरुष इसे एक तरह की उत्तेजना बताते हैं जो शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाती है।

पुरुष ऑर्गेज्म के दौरान क्या होता है?

संभोग के दौरान जब पुरुष, ऑर्गेज्म के नजदीक पहुंचते हैं तो, उनकी श्रोणि कम स्वैच्छिक (Voluntary) और अधिक स्वचालित हो जाती है, और मूत्रमार्ग से वीर्य (Sperm) को निकालने के लिए लिंग की मांसपेशियों में संकुचन होता है। जब चरम सुख प्राप्त होता है, हृदय की दर, ब्लड प्रेशर और सांस, सबमें तेज़ी से वृद्धि होती है।

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कई चीजें हैं जो पुरुषों में संभोग के दौरान चरम सुख की होने वाली प्राप्ति को प्रभावित करती हैं। ये अक्सर वीर्यपात की समस्याओं से सम्बंधित होती हैं, लेकिन हमेशा नहीं। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं:

  1. स्तंभन दोष (नपुंसकता)
  2. रेट्रोग्रेड इजैक्युलेशन (Retrograde ejaculation- जब वीर्य मूत्राशय में पीछे की ओर जाने लगता है)
  3. शीघ्रपतन (Premature ejaculation)
  4. देरी से वीर्यपात (Delayed ejaculation)
  5. बिना स्खलन के चरम सुख की प्राप्ति (Anejaculation)

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बिना ऑर्गेज्म के सेक्स का आनंद लेने के बहुत सारे तरीके हैं। हालांकि, चरम सुख तक पहुंचने में सक्षम न होने के कारण कुछ लोगों और उनके साथियों को समस्या होती है। अगर ऐसा होता है तो डॉक्टर से बात करें।

ऑर्गेज्म में आने वाली कठिनाइयाँ

कुछ लोगों को केवल संभोग के समाय चरम सुख तक पहुंचना मुश्किल लगता है, लेकिन हस्तमैथुन के दौरान उन्हें आसानी से चरमोत्कर्ष महसूस होता है। कुछ को यह दोनों ही स्थितियों में मुश्किल लगता है।

चरम सुख की प्राप्ति करने में कठिनाई कई चीजों के कारण हो सकती है, जैसे सेक्स के बारे में चिंता होना या ज्ञान की कमी, रिलैक्स या पर्याप्त उत्तेजित न हो पाने के कारण, रिश्ते में समस्याएं होने से, उदासी या पिछला दर्दनाक यौन अनुभव।

अगर आपको चरम सुख का अनुभव न कर पाने के बारे में चिंता हो रही है, तो डॉक्टर आपको यह पता लगाने में मदद कर सकते हैं कि ऐसा शारीरिक कारण से हो रहा है या किसी अन्य कारण से। यदि किसी अन्य कारण से हो रहा है, तो वे आपको सेक्स थेरेपिस्ट के पास जाने को कहेंगे। सेक्स थेरेपी में आप, सेक्स और अपने रिश्ते के बारे में खुद की भावनाओं को समझते हैं और इस प्रकार ये यौन समस्याओं को दूर करने में आपकी मदद करती है।

सेक्स का आनंद लें।

अंतरंगता, प्यार और कामोत्तेजना, ऑर्गेज्म की तरह ही सुखद हो सकता है। कुछ लोगों के लिए, ये चीजें हमेशा चरम सुख से अधिक संतोषजनक होती हैं। अपने साथी के साथ साझा की गई सभी भावनाओं का आनंद लें, न कि सिर्फ चरम सुख पाने की कोशिश करें। अधिक कामुक बनने के लिए थोड़ा समय लें, जैसे:

  1. एक दूसरे के शरीर को स्पर्श करें।
  2. एक साथ स्नान करें।
  3. मालिश करें।
  4. किस करें।
  5. एक दूसरे को बताएं कि आपको क्या पसंद है।
  6. अपने पार्टनर की सांसों को महसूस करने की कोशिश करें।

कई लोग ओरल सेक्स या हस्तमैथुन करके अपने यौन व्यव्हार को स्वस्थ और सुखद बनाते हैं।

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हालांकि कुछ मायनों में समान लेकिन फिर भी पुरुष और महिला ऑर्गेज्म में बहुत अंतर है:

  1. महिला ऑर्गेज्म के कारण शुक्राणु, अंडे की ओर, फैलोपियन ट्यूबों के माध्यम से अपने आप खिंचा चला जाता है।
  2. महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक समय तक चरम सुख का अनुभव होता है।

सामान्य रूप में, प्रारंभिक ऑर्गेज्म प्राप्त करने के बाद महिलाएं दोबारा चरम सुख का अनुभव करने में बहुत जल्दी सक्षम हो जाती हैं, जबकि पुरुष नहीं।

Dr. Pranay Gandhi

Dr. Pranay Gandhi

सेक्सोलोजी

Dr. Tarun

Dr. Tarun

सेक्सोलोजी

Dr. Ghanshyam Digrawal

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सेक्सोलोजी

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